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क्लर्क की बेटी बनी जज

Sun, 07 Aug 2016 12:19 AM IST
प्रतापगढ़ अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़ अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 07 Aug 2016 12:19 AM IST
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 पीसीएसजे 2015 के परिणाम में चिलबिला के आशुतोष तिवारी ने नौंवीं और पट्टी के सेतापुर गांव निवासी सुचेता चौरसिया ने 49वीं रैंक प्राप्त की है। आशुतोष वर्तमान में उत्तराखंड के बागेश्वर में सिविल जज के रूप में तैनात हैं, जबकि सुचेता ने ग्रामीण परिवेश में पढ़ाई कर पहले ही प्रयास में सफलता अर्जित की है। उसके पिता जलनिगम में क्लर्क के पद पर तैनात हैं। सुचेता के गांव के ही तीन अन्य लोग पहले ही जज बन चुके  हैं। उन्हीं लोगों से प्रेरणा लेकर वह परीक्षा पास कर सकी।
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शहर के चिलबिला निवासी और कलेक्ट्रेट में शस्त्र लिपिक रामराज तिवारी के बेटे आशुतोष तिवारी ने पीसीएसजे में एक बार फिर जिले की शान बढ़ाई है। शुक्रवार की शाम आए परिणाम में आशुतोष को नौवीं रैंक मिली। वर्ष 2013-14 में उत्तराखंड पीसीएसजे में प्रथम स्थान हासिल करने वाले आशुतोष वर्तमान में बागेश्वर जिले में सिविल जज के पद पर तैनात हैं। अमर उजाला से बातचीत में आशुतोष तिवारी ने बताया कि वह उत्तराखंड से रिजाइन कर यूपी में अपनी सेवाएं देना चाह रहे थे।
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इधर पट्टी इलाके के सेतापुर गांव निवासी जलनिगम प्रतापगढ़ में लिपिक के पद पर कार्यरत राजकेश चौरसिया के  दूसरे नबंर की बेटी सुचेता चौरसिया ने पहले ही प्रयास में 49वीं रैंक हासिल करने में सफलता अर्जित की है। शुक्रवार की शाम 6.25 बजे सुचेता के  मोबाइल पर परिणाम का मैसेज आया। इलाहाबाद विवि में शताब्दी महिला छात्रावास में रहकर एलएलएम द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही इस बेटी को पहले तो इस पर विश्वास नहीं हुआ। बाद में उसने इंटरनेट पर रिजल्ट चेक किया तो परिणाम देखकर चहक उठी। परिजनों को फोन कर बताने के बाद सुबह ग्यारह बजे गांव आ गई।
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अमर उजाला से बातचीत में सुचेता ने बताया कि उसने जज बनने का संकल्प पहले ही ले लिया था। उसका मकसद लोगों को न्याय दिलाना है, जिसके लिए उसने यह रास्ता चुना। सुचेता का बड़ा भाई अग्रसेन चौरसिया मुंबई में बैंक में डिप्टी मैनेजर है। छोटी बहन विजेता चौरसिया एमएससी की छात्रा है और सिविल की तैयारी में जुटी में है।

सबसे छोटा भाई अग्रसेन चौरसिया नरेन्द्रदेव कृषि विश्वविद्यालय फैजाबाद से पढ़ाई कर रहा है और उसका सपना कृषि वैज्ञानिक बनने का है। पट्टी के बलदेव प्रसाद चौरसिया हाईस्कूल व महादेव नगर से इंटर तथा उसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी व एलएलबी की डिग्री लेकर एलएलएम की पढ़ाई कर रही है। इस सफलता की जानकारी जैसे ही परिजनों रिश्तेदारों व ग्रामीणों को हुई उसके दरवाजे बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
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विधि स्नातक में गोल्ड मेडलिस्ट भी है सुचेता
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से विधि की पढ़ाई करने वाली सुचेता चौरसिया ने विधि स्नातक में गोल्ड मेडल भी हासिल किया है। परीक्षा के पश्चात एलएलएम प्रथम वर्ष में भी दाखिला लेकर मास्टर डिग्री लेने की तैयारी कर रही थी। परिजनों ने बताया कि सुचेता शुरू से ही कुशाग्र बुद्धि की थी। हाईस्कूल, इंटरमीडिएट में अच्छे अंक हासिल कर अपनी बुद्धि का लोहा मनवा दिया था।
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सेतापुर गांव से चौथे जज के रूप में सुचेता का नाम
पट्टी इलाके के छोटे से गांव सेतापुर की 25 वर्षीय सुचेता चौरसिया गांव की चौथी जज बनी है। लेकिन इस श्रृंखला में वह पहली बेटी है जिन्होंने बेहद ही कम उम्र व पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर ली। पहले जज बने डा. बालमुकुंद चौरसिया वर्तमान में एडीजे महराजगंज, दूसरे सियाराम चौरसिया बाराबंकी एसीजेएम के पद पर तैनात हैं। जबकि तीसरे गांव के ही विनोद कुमार चौरसिया की पत्नी मंजू चौरसिया जो जौनपुर में सिविल जज के पद पर तैनात हैं। और अब सुचेता ने भी सफलता हासिल कर गांव का नाम रोशन कर दिया है।


चौरसिया महासभा ने बेटी के जज बनने पर दी बधाई
समाज की बेटी सुचेता चौरसिया के पीसीएसजे में सफलता अर्जित करने की जानकारी चौरसिया महासभा प्रतापगढ़ के जिलाध्यक्ष शिव कुमार चौरसिया के साथ ही समाज के अन्य पदाधिकारी गांव पहुंचे। इन लोगों ने बेटी की इस सफलता पर उसे उसके परिजनों को बधाई दी। इस मौके पर राम केदार चौरसिया, राम केवल, संतोष चौरसिया, अमरजीत, सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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