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बदल गया ग्यारहवीं और बारहवीं का पाठ्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sun, 10 Apr 2016 12:01 AM IST
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सेक्टर-20 के कॉलेज ऑफ एजुकेशन में कन्वोकेशन के बाद डिग्री लेकर खुशी जताते स्टूडेंट्स।
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी बोर्ड में कक्षा ग्यारह और बारह का पाठ्यक्रम बदल गया है। अब कक्षा ग्यारह और कक्षा बारह के लिए अलग-अलग पुस्तकें पढ़नी होंगी। यूपी बोर्ड की परीक्षा में अब सिर्फ कक्षा बारह के कोर्स से ही प्रश्न पूछे जाएंगे। विभाग की इस पहल से छात्र-छात्राओं का बोझ काफी हल्का हो गया है और बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने में आसानी होगी। यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट कॉलेजों में नए शिक्षासत्र से कक्षा ग्यारह और बारह का पाठ्यक्रम बदल दिया गया है। मानविकी वर्ग और वैज्ञानिक वर्ग (आर्ट और साइंस) में हुए परिवर्तन में कक्षा ग्यारह और बारह की पुस्तकें भी अलग कर दी गई हैं। अब कक्षा ग्यारह में पढ़ी जाने वाली पुस्तकें कक्षा बारह में नहीं पढ़नी होंगी।
कक्षा ग्यारह के लिए अलग और बारह के लिए अलग-अलग पाठ्यक्रम निर्धारित कर दिया गया है। बता दें कि पूर्व में कक्षा ग्यारह और बारह के लिए एक ही पुस्तकें होती थीं। पुस्तक के आधे पाठ को कक्षा ग्यारह में और बाकी बचे हुए पाठ को कक्षा बारह में छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जाता था। मगर यूपी बोर्ड की परीक्षा में कक्षा ग्यारह और बारह दोनों पाठ्यक्रमों से प्रश्न पूछे जाते थे। यूपी बोर्ड के विषय विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं का बोझ हल्का करने के लिए पूर्व के वर्षों में मानविकी वर्ग और वैज्ञानिक वर्ग के कोर्स को अलग करते हुए यह व्यवस्था दी है कि अब कक्षा बारह के पाठ्यक्रम से ही बोर्ड में प्रश्न आएंगे। डीआईओएस शिवकुमार ओझा ने बताया कि वर्ष 2016 में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए नया पाठ्यक्रम लागू होगा। जो छात्र इस वर्ष कक्षा बारह में प्रवेश ले रहे हैं, उन्हें पुराने पाठ्यक्रम के मुताबिक परीक्षा देनी होगी।
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कक्षा ग्यारह के लिए अलग और बारह के लिए अलग-अलग पाठ्यक्रम निर्धारित कर दिया गया है। बता दें कि पूर्व में कक्षा ग्यारह और बारह के लिए एक ही पुस्तकें होती थीं। पुस्तक के आधे पाठ को कक्षा ग्यारह में और बाकी बचे हुए पाठ को कक्षा बारह में छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जाता था। मगर यूपी बोर्ड की परीक्षा में कक्षा ग्यारह और बारह दोनों पाठ्यक्रमों से प्रश्न पूछे जाते थे। यूपी बोर्ड के विषय विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं का बोझ हल्का करने के लिए पूर्व के वर्षों में मानविकी वर्ग और वैज्ञानिक वर्ग के कोर्स को अलग करते हुए यह व्यवस्था दी है कि अब कक्षा बारह के पाठ्यक्रम से ही बोर्ड में प्रश्न आएंगे। डीआईओएस शिवकुमार ओझा ने बताया कि वर्ष 2016 में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए नया पाठ्यक्रम लागू होगा। जो छात्र इस वर्ष कक्षा बारह में प्रवेश ले रहे हैं, उन्हें पुराने पाठ्यक्रम के मुताबिक परीक्षा देनी होगी।
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