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Pratapgarh News: अश्लील नृत्य प्रकरण में निलंबित तीन राजस्वकर्मियों समेत 28 के खिलाफ मुकदमा
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तहसीलदार के विदाई समारोह में राजस्व कर्मियों द्वारा बार बालाओं संग मंच पर अश्लील नृत्य करने के मामले में पुलिस प्रशासन ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की। जहां एसडीएम ने तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। वहीं पुलिस ने निलंबित कर्मचारियों समेत 28 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
लालगंज तहसील परिसर में मंगलवार को रिटायर्ड तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह के सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन किया गया था। विदाई समारोह में एसडीएम नैंसी सिंह, सीओ रामसूरत सोनकर समेत कई अधिकारी शामिल हुए थे। इसका आयोजन संयुक्त अधिवक्ता संघ की ओर से किया गया था। विदाई समारोह में देर शाम आर्केस्ट्रा का कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। बार बालाओं के लटके झटके देख तहसील के राजस्व कर्मी भी खुद को रोक नहीं सके। राजस्व कर्मियों ने आर्केस्ट्रा की नृत्यांगनाओं के साथ जमकर ठुमके लगाए। बुधवार को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने पर जिलाधिकारी संजीव रंजन सख्त हो गए। उन्होंने लालगंज एसडीएम को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। बृहस्पतिवार को वायरल वीडियो में अश्लील डांस के मामले में लेखपाल संघ के अध्यक्ष केके सरोज, लेखपाल संजय यादव व अमीन बृजेंद्र प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया गया। एसडीएम ने नायब तहसीलदार पंकज कुमार के नेतृत्व में अन्य दोषी कर्मचारियों की जांच के लिए टीम भी गठित की। बृहस्पतिवार की देर रात लालगंज पुलिस ने भी शिकंजा कस दिया। उपनिरीक्षक दीपक कुमार यादव की तहरीर पर तीनों निलंबित राजस्व कर्मी समेत 25 अज्ञात के खिलाफ अश्लील डांस के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ। शुक्रवार सुबह इसकी जानकारी मिलते ही राजस्व कर्मियों के होश उड़ गए। लालगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार यादव ने बताया कि तीन नामजद व 25 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
उठ रहा सवाल, कर्मचारियों को सजा तो अफसरों को माफी क्यों
जिले में तीन सितंबर से निषेधाज्ञा लागू है। बिना अनुमति के लोग एक जगह पर एकत्र नहीं हो सकते। इसके बाद लालगंज तहसील परिसर में सेवानिवृत्त तहसीलदार के विदाई समारोह का बिना अनुमति के आयोजन किया गया। जिसमे एसडीएम नैंसी सिंह व सीओ रामसूरत सोनकर भी शामिल हुए। हालांकि कुछ देर रुकने के बाद दोनों अफसर चले गए। अब सवाल यह उठ रहा है कि कर्मचारियों को सजा दी गई लेकिन अफसरों पर रहम क्यों किया जा रहा है।
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लालगंज तहसील परिसर में मंगलवार को रिटायर्ड तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह के सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन किया गया था। विदाई समारोह में एसडीएम नैंसी सिंह, सीओ रामसूरत सोनकर समेत कई अधिकारी शामिल हुए थे। इसका आयोजन संयुक्त अधिवक्ता संघ की ओर से किया गया था। विदाई समारोह में देर शाम आर्केस्ट्रा का कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। बार बालाओं के लटके झटके देख तहसील के राजस्व कर्मी भी खुद को रोक नहीं सके। राजस्व कर्मियों ने आर्केस्ट्रा की नृत्यांगनाओं के साथ जमकर ठुमके लगाए। बुधवार को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने पर जिलाधिकारी संजीव रंजन सख्त हो गए। उन्होंने लालगंज एसडीएम को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। बृहस्पतिवार को वायरल वीडियो में अश्लील डांस के मामले में लेखपाल संघ के अध्यक्ष केके सरोज, लेखपाल संजय यादव व अमीन बृजेंद्र प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया गया। एसडीएम ने नायब तहसीलदार पंकज कुमार के नेतृत्व में अन्य दोषी कर्मचारियों की जांच के लिए टीम भी गठित की। बृहस्पतिवार की देर रात लालगंज पुलिस ने भी शिकंजा कस दिया। उपनिरीक्षक दीपक कुमार यादव की तहरीर पर तीनों निलंबित राजस्व कर्मी समेत 25 अज्ञात के खिलाफ अश्लील डांस के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ। शुक्रवार सुबह इसकी जानकारी मिलते ही राजस्व कर्मियों के होश उड़ गए। लालगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार यादव ने बताया कि तीन नामजद व 25 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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उठ रहा सवाल, कर्मचारियों को सजा तो अफसरों को माफी क्यों
जिले में तीन सितंबर से निषेधाज्ञा लागू है। बिना अनुमति के लोग एक जगह पर एकत्र नहीं हो सकते। इसके बाद लालगंज तहसील परिसर में सेवानिवृत्त तहसीलदार के विदाई समारोह का बिना अनुमति के आयोजन किया गया। जिसमे एसडीएम नैंसी सिंह व सीओ रामसूरत सोनकर भी शामिल हुए। हालांकि कुछ देर रुकने के बाद दोनों अफसर चले गए। अब सवाल यह उठ रहा है कि कर्मचारियों को सजा दी गई लेकिन अफसरों पर रहम क्यों किया जा रहा है।
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