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डंपिंग प्वाइंट नहीं, सड़क किनारे फेंका जा रहा कूड़ा
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कटरामेदनीगंज नगर पंचायत में रोड किनारे फेंका गया कचरा। संवाद
- फोटो : PRATAPGARH
प्रदेश सरकार शहरों को कचरामुक्त करने के लिए लगातार स्वच्छता अभियान चला रही है, लेकिन शासन का आदेश शायद यहां के नगर निकायों पर लागू नहीं होता। नवसृजित समेत 13 नगर पंचायतों से हर दिन 100 टन से अधिक कूड़ा निकलता है। अधिकांश कूड़ा निस्तारण करने के बजाय यहां-वहां गिरा दिया जाता है। प्रमुख मार्गों, गड्ढों और नदी के किनारे गिराए गए कूड़े में निस्तारण के नाम पर आग लगा दी जाती है। कहीं जस का तस छोड़ दिया जाता है।
जिले में एक नगर पालिका व 13 नगर पंचायतें हैं। नगर पालिका को छोड़कर नगर पंचायतों के वार्डों से हर दिन करीब 100 टन से अधिक कूड़ा निकलता है। जिसे विभिन्न वाहनों से एकत्र कर कस्बे से बाहर सड़क किनारे गिरा दिया जाता है। कटरामेदनीगंज नगर पंचायत का डंपिंग प्वाइंट कागजों पर काम कर रहा है। हर दिन नगर पंचायत के वाहन कूड़ा एटीएल मैदान में गिराते नजर आते हैं। अधिक कूड़ा एकत्र होने पर आग लगाकर निस्तारण करा दिया जाता है।
कमोवेश यही हाल रानीगंज नगर पंचायत का है। यहां भी तौकलपुर में डंपिंग प्वाइंट बनाया गया है, मगर कूड़ा सड़क के किनारे गिराया जाता है। नगर पंचायत अंतू में अभी तक डंपिंग प्वाइंट नहीं बन सका। साफ-सफाई होने के बाद निकलने वाले कूड़े को रेलवे स्टेशन के आसपास गड्ढों या सड़कों के किनारे गिरा दिया जाता है।
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जबकि नवसृजित नगर पंचायत कोहड़ौर, पृथ्वीगंज, सुवंसा, रामगंज, ढखवा में डंपिंग प्वाइंट की व्यवस्था नहीं हो सकी है। नगर निकायों में कूड़ा डंपिंग पर जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं देते। सरकार के स्वच्छता अभियान को नजरअंदाज किया जाता है।
पनप रहे मच्छर, संक्रामक बीमारी का बढ़ रहा खतरा
सड़कों के किनारे, खाली प्लाटों और गड्ढों में गिराए जा रहे कूड़े से संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ता रहता है। कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा नगर पंचायतों में रहने वाले शहरियों को भुगतना पड़ता है।
अंतू व पांच नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारियों को डंपिंग ग्राउंड के लिए जमीन चिह्नित करने का निर्देश दिया जा चुका है। कुछ दिनों में डंपिंग ग्राउंड बन जाएगा। सभी ईओ को निर्देश दिया गया है कि किसी भी हाल में कूड़ा सड़कों के किनारे व खुले में न फेंका जाए। सुनील शुक्ला, नोडल प्रभारी नगर निकाय/अपर जिलाधिकारी
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जिले में एक नगर पालिका व 13 नगर पंचायतें हैं। नगर पालिका को छोड़कर नगर पंचायतों के वार्डों से हर दिन करीब 100 टन से अधिक कूड़ा निकलता है। जिसे विभिन्न वाहनों से एकत्र कर कस्बे से बाहर सड़क किनारे गिरा दिया जाता है। कटरामेदनीगंज नगर पंचायत का डंपिंग प्वाइंट कागजों पर काम कर रहा है। हर दिन नगर पंचायत के वाहन कूड़ा एटीएल मैदान में गिराते नजर आते हैं। अधिक कूड़ा एकत्र होने पर आग लगाकर निस्तारण करा दिया जाता है।
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कमोवेश यही हाल रानीगंज नगर पंचायत का है। यहां भी तौकलपुर में डंपिंग प्वाइंट बनाया गया है, मगर कूड़ा सड़क के किनारे गिराया जाता है। नगर पंचायत अंतू में अभी तक डंपिंग प्वाइंट नहीं बन सका। साफ-सफाई होने के बाद निकलने वाले कूड़े को रेलवे स्टेशन के आसपास गड्ढों या सड़कों के किनारे गिरा दिया जाता है।
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जबकि नवसृजित नगर पंचायत कोहड़ौर, पृथ्वीगंज, सुवंसा, रामगंज, ढखवा में डंपिंग प्वाइंट की व्यवस्था नहीं हो सकी है। नगर निकायों में कूड़ा डंपिंग पर जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं देते। सरकार के स्वच्छता अभियान को नजरअंदाज किया जाता है।
पनप रहे मच्छर, संक्रामक बीमारी का बढ़ रहा खतरा
सड़कों के किनारे, खाली प्लाटों और गड्ढों में गिराए जा रहे कूड़े से संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ता रहता है। कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा नगर पंचायतों में रहने वाले शहरियों को भुगतना पड़ता है।
अंतू व पांच नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारियों को डंपिंग ग्राउंड के लिए जमीन चिह्नित करने का निर्देश दिया जा चुका है। कुछ दिनों में डंपिंग ग्राउंड बन जाएगा। सभी ईओ को निर्देश दिया गया है कि किसी भी हाल में कूड़ा सड़कों के किनारे व खुले में न फेंका जाए। सुनील शुक्ला, नोडल प्रभारी नगर निकाय/अपर जिलाधिकारी