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पुल टूटने से चार दर्जन गांवों के लोगों का रास्ता बदला
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Mon, 11 Apr 2016 11:52 PM IST
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pratapgarh
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पुल टूटने से चार दर्जन गांव के लोगों को 10 किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। अपनी जरूरतों के सामान के लिए भी उन्हें सोचना पड़ता है। चार पहिया वाहन से सफर करने वालों को तो भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हथिगवां के समसपुर गांव के पास बना पुल चार दर्जन गांवों को हाइवे से जोड़ता है। दो महीने पहले यह एक ट्रैक्टर के वजन से टूट गया। पुल टूटने के बाद भी इसकी सुधि लेने पीडब्ल्यूडी के लोग नहीं आए। इसके चलते समसपुर, किलहनापुर हथिगवां परेवा नरायनपुर सहित तमाम गांव के लोगों को हाइवे पर जाने के लिए भारी समस्या का सामना करना पड़ता है।
यही नहीं इन गांवों के लोगों को अगर कौशाम्बी जाना होता है तो उन्हें 10 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। गांव के लोग बताते हैं कि इस सड़क और पुल के माध्यम से वह इलाहाबाद और कौशाम्बी दोनों जिले के नजदीक होते थे। बावजूद इसके अब वह इस तरफ का रूट ही पकड़ने से घबराते हैं। पुल टूटने के बाद अधिकारी आए और फिर चले गए। इसके बाद न तो कोई इसकी सुधि लेने आया और न ही इसकी तरफ ध्यान दिया। इसके चलते यह इस सड़क पर यातायात ही बंद हो गया है। बाइक सवार खेतों के रास्ते किसी तरह से निकल जाते हैं लेकिन चार पहिया वाहनों को रास्ता ही ढूंढना पड़ता है।
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यही नहीं इन गांवों के लोगों को अगर कौशाम्बी जाना होता है तो उन्हें 10 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। गांव के लोग बताते हैं कि इस सड़क और पुल के माध्यम से वह इलाहाबाद और कौशाम्बी दोनों जिले के नजदीक होते थे। बावजूद इसके अब वह इस तरफ का रूट ही पकड़ने से घबराते हैं। पुल टूटने के बाद अधिकारी आए और फिर चले गए। इसके बाद न तो कोई इसकी सुधि लेने आया और न ही इसकी तरफ ध्यान दिया। इसके चलते यह इस सड़क पर यातायात ही बंद हो गया है। बाइक सवार खेतों के रास्ते किसी तरह से निकल जाते हैं लेकिन चार पहिया वाहनों को रास्ता ही ढूंढना पड़ता है।
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