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Pratapgarh News: एआई ने 1148 ग्राम पंचायतों में पकड़े 21 हजार डुप्लीकेट मतदाता
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बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) का मामला सुर्खियों में है। इस बीच उत्तर प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से कराई गई जांच में जिले की 1148 ग्राम पंचायतों की मतदाता सूची से करीब 21 हजार डुप्लीकेट वोटर मिले हैं। इन सभी मतदाताओं के भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए सभी ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारियों को नोडल बनाया गया है। पर्यवेक्षक की देखरेख में बीएलओ सत्यापन करेंगे।
निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिला निर्वाचन कार्यालय में गत दिनों एआई के विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से जब मतदाता सूचियों का मिलान कराया गया तो 17 ब्लॉकों में करीब 21 हजार वोट ऐसे निकले, जो जिले में अन्य गांवों और कस्बों में भी हैं। ऐसे में चुनाव आयोग ने विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान शुरू किया है, जिसमें एआई की मदद ली जा रही है।
इनकी अलग से सूची बनाकर संबंधित ब्लॉकों के बीएलओ व सुपरवाइजर के पास भेजकर भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि इस सूची में भी कई अपवाद हैं। ऐसी स्थिति में सत्यापन से ही असलियत पता चलेगी।
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एआई ने ऐसे पकड़े डुप्लीकेट वोटर ...
निर्वाचन आयोग के एआई साफ्टवेयर को निर्वाचक नामावली वृहद पुनरीक्षण अभियान से जोड़ा गया है। इलेक्ट्रोरल रोल मैनेजमेंट सिस्टम के तहत साफ्टवेयर में जब मतदाता सूची अपलोड की गई तो उसने एक ही नाम, हुलिए, पते और उम्र के आधार पर संदिग्ध वोटरों की छंटनी कर डाली।
डुप्लीकेट मतदाताओं का पता लगाने के लिए लोकसभा, विधानसभा व पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में वोटरों के दर्ज नाम, पता और अन्य विवरण को क्रॉस-चेक किया गया। जिसमें अलग-अलग गांवों या पंचायतों में एक ही नाम वाले मतदाता मिले। उन्हें चिह्नित करने के बाद उनके नाम के आगे डी दर्शाते हुए मतदाता सूची सत्यापन के लिए बीएलओ के पास भेजी गई है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बीएलओ को घर-घर जाकर सत्यापन करने का निर्देश दिया है। जिसमें डुप्लीकेट मतदाता का नाम, उम्र, पता और फोटो की जांच करें। यदि कोई नाम डुप्लीकेट पाया गया तो उसे सिर्फ एक पंचायत में रखा जाएगा और बाकी से हटा दिया जाएगा। सर्वे का कार्य 19 अगस्त से शुरू किया जा चुका है और इसे 29 सितंबर 2025 तक पूर्ण करना होगा।
नए नियम से मिलेगी सहूलियत :-
चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि मतदाता सूची में परिवार के सदस्यों के नाम एक साथ और क्रमबद्ध तरीके से राशन कार्ड की तरह दर्ज किए जाएं। इससे मतदाता पर्ची बनाने में सुविधा होगी और मतदाताओं को अपने नाम खोजने में आसानी होगी।
एक नजर .....
जिला पंचायत सदस्य 57
ग्राम प्रधान 1193
क्षेत्र पंचायत सदस्य 1434
ग्राम पंचायत सदस्य 14917
वर्ष 2021 में पंचायत चुनाव में 26.42 लाख मतदाता
......
डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची विकासखंड स्तर पर जांच के लिए भेजी गई है। बीएलओ के माध्यम से सूची का सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के बाद रिपोर्ट आयोग को भेज दी जाएगी। सही पाए जाने वाले मतदाता के आधार कार्ड के अंतिम चार अंकों को सूची में दर्ज किया जाएगा। न मिलने वाले मतदाता के नाम के आगे न लिखा जाएगा ताकि उन नामों को सूची से हटाया जा सके।
- विनोद कुमार, सहायक निर्वाचन अधिकारी पंचायत।
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निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिला निर्वाचन कार्यालय में गत दिनों एआई के विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से जब मतदाता सूचियों का मिलान कराया गया तो 17 ब्लॉकों में करीब 21 हजार वोट ऐसे निकले, जो जिले में अन्य गांवों और कस्बों में भी हैं। ऐसे में चुनाव आयोग ने विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान शुरू किया है, जिसमें एआई की मदद ली जा रही है।
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इनकी अलग से सूची बनाकर संबंधित ब्लॉकों के बीएलओ व सुपरवाइजर के पास भेजकर भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि इस सूची में भी कई अपवाद हैं। ऐसी स्थिति में सत्यापन से ही असलियत पता चलेगी।
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एआई ने ऐसे पकड़े डुप्लीकेट वोटर ...
निर्वाचन आयोग के एआई साफ्टवेयर को निर्वाचक नामावली वृहद पुनरीक्षण अभियान से जोड़ा गया है। इलेक्ट्रोरल रोल मैनेजमेंट सिस्टम के तहत साफ्टवेयर में जब मतदाता सूची अपलोड की गई तो उसने एक ही नाम, हुलिए, पते और उम्र के आधार पर संदिग्ध वोटरों की छंटनी कर डाली।
डुप्लीकेट मतदाताओं का पता लगाने के लिए लोकसभा, विधानसभा व पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में वोटरों के दर्ज नाम, पता और अन्य विवरण को क्रॉस-चेक किया गया। जिसमें अलग-अलग गांवों या पंचायतों में एक ही नाम वाले मतदाता मिले। उन्हें चिह्नित करने के बाद उनके नाम के आगे डी दर्शाते हुए मतदाता सूची सत्यापन के लिए बीएलओ के पास भेजी गई है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बीएलओ को घर-घर जाकर सत्यापन करने का निर्देश दिया है। जिसमें डुप्लीकेट मतदाता का नाम, उम्र, पता और फोटो की जांच करें। यदि कोई नाम डुप्लीकेट पाया गया तो उसे सिर्फ एक पंचायत में रखा जाएगा और बाकी से हटा दिया जाएगा। सर्वे का कार्य 19 अगस्त से शुरू किया जा चुका है और इसे 29 सितंबर 2025 तक पूर्ण करना होगा।
नए नियम से मिलेगी सहूलियत :-
चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि मतदाता सूची में परिवार के सदस्यों के नाम एक साथ और क्रमबद्ध तरीके से राशन कार्ड की तरह दर्ज किए जाएं। इससे मतदाता पर्ची बनाने में सुविधा होगी और मतदाताओं को अपने नाम खोजने में आसानी होगी।
एक नजर .....
जिला पंचायत सदस्य 57
ग्राम प्रधान 1193
क्षेत्र पंचायत सदस्य 1434
ग्राम पंचायत सदस्य 14917
वर्ष 2021 में पंचायत चुनाव में 26.42 लाख मतदाता
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डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची विकासखंड स्तर पर जांच के लिए भेजी गई है। बीएलओ के माध्यम से सूची का सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के बाद रिपोर्ट आयोग को भेज दी जाएगी। सही पाए जाने वाले मतदाता के आधार कार्ड के अंतिम चार अंकों को सूची में दर्ज किया जाएगा। न मिलने वाले मतदाता के नाम के आगे न लिखा जाएगा ताकि उन नामों को सूची से हटाया जा सके।
- विनोद कुमार, सहायक निर्वाचन अधिकारी पंचायत।