प्रतापगढ़: लोगों ने बनवा दिया कोरोना माता का मंदिर, प्रशासन ने हटवाया, थाने में जमा करा दी मूर्ति
सांगीपुर थाना इलाके के जूही शुकुलपुर में चार दिन पहले कुछ लोगों ने कोरोना माता का मंदिर बनवाया था। जहां लोग अंधविश्वास को बढ़ावा देते हुए पूजा अर्चना करने लगे थे।
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जानकारी के अनुसार, शुकुलपुर जूही गांव में कोरोना वायरस से तीन लोगों की संदिग्ध मौत हो गई थी। इसके बाद ग्रामीणों में भय व दहशत फैल गई। इस पर गांव के लोकेश श्रीवास्तव ने कोरोना माता का सात जून को मंदिर बनवाने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने मूर्ति आर्डर कर बनवाई और उसे गांव के एक चबूतरे के पास नीम के पेड़ के बगल स्थापित कर दिया।
लोग अंधविश्वास को बढ़ावा देते हुए पूजा अर्चना करने लगे थे। इसकी जानकारी प्रशासन को हुई तो उसके हाथ पांव फूल गए। मामला अंधविश्वास जुड़ा होने के कारण पुलिस ने इसे गिराने का फैसला किया। सांगीपुर पुलिस शुक्रवार की रात जेसीबी भी लेकर गांव पहुंची और कोरोना माता की मूर्ति व मंदिर समेत बोर्ड जमीदोंज कर दिया।
सारा मलबा गांव से 5 किलोमीटर दूर फेंकवा दिया गया। मामले में मंदिर स्थापित करने वाले आरोपी के एक भाई को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मंदिर जमीदोंज कराए जाने को लेकर दिन भर लोगों में चर्चा होती रही।
एक ग्रामीण ने कहा था कि ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से इस विश्वास के साथ मंदिर की स्थापना की है कि देवता की पूजा करने से निश्चित रूप से लोगों को कोरोना वायरस से राहत मिलेगी।
‘Corona Mata’ temple comes up under a neem tree at a village in Pratapgarh district
— ANI UP (@ANINewsUP) June 12, 2021
"Villagers collectively decided & set up the temple with belief that praying to the deity would definitely offer respite to people from Coronavirus," a villager said yesterday. pic.twitter.com/jA3SGU0RQE