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प्रतापगढ़ में कोरोना माता मंदिर पर चला प्रशासन का बुलडोजर, एक हिरासत में
Sat, 12 Jun 2021 08:24 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 12 Jun 2021 08:24 PM IST
सार
- सांगीपुर के जूही शुकुलपुर में तीन लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत के बाद स्थापित की गई थी प्रतिमा, माता मानकर पूजन में जुटे थे ग्रामीण
- जमीन को विवादित बताते हुए पुलिस से की गई थी शिकायत, एक हिरासत में
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pratapgarh news : कोरोना माता मंदिर को प्रशासन ने बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त कर दिया।
- फोटो : prayagraj
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विस्तार
थाना क्षेत्र के जूही शुकुलपुर में अंधविश्वास की वजह से बनाए गए कोरोना माता मंदिर को प्रशासन ने ढहा दिया। गांव के तीन लोगों की कोरोना से मौत के बाद ग्रामीण पांच दिन से मंदिर में पूजन-अर्चन करने में जुटे थे। विवादित जमीन पर मंदिर बनाने की शिकायत मिलने पर शुक्रवार की रात पुलिस प्रशासन ने जेसीबी लगाकर कार्रवाई की। प्रतिमा समेत मलबा पांच किमी दूर राजमतिपुर में गिरा दिया। मंदिर स्थापित करने वाले आरोपी के एक भाई को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
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pratapgarh news : कोरोना माता मंदिर को प्रशासन ने बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त कर दिया।
- फोटो : प्रतापगढ़
शुकुलपुर जूही गांव में कोरोना संक्रमण से तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया था। इस पर गांव के लोकेश श्रीवास्तव ने कोरोना माता का मंदिर बनाने का फैसला कर लिया। ग्रामीणों के सहयोग से चंदा एकत्र किया गया। इसके बाद नीम के पेड़ के नीचे चबूतरा तैयार कर सात जून को कोरोना माता मंदिर की स्थापना करा दी गई। प्रतिमा के चेहरे पर मास्क भी लगा था। अंधविश्वास की वजह से बनाए गए मंदिर में ग्रामीणों के अलावा पड़ोसी गांवों से भी लोग पूजन-अर्चन के लिए पहुंचने लगे।
ग्रामीण अगरबत्ती जलाकर और प्रसाद चढ़ाकर कोरोना माता की पूजा करते हुए जल भी चढ़ाते। कोरोना माता की प्रतिमा को मास्क भी लगाया गया था। गांव के लोगों का मानना था कि पूजा करने से कोरोना संक्रमण नहीं फैलेगा। इस मामले में लोकेश के भाई नागेश ने पुलिस से शिकायत करते हुए बताया था कि बिना बंटवारे की जमीन पर कोरोना माता का मंदिर बना दिया गया है।
इसके साथ ही अंधविश्वास को बढ़ावा देने का काम हो रहा था। इस पर शुक्रवार की रात सांगीपुर पुलिस व लालगंज तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम ने जेसीबी लगाकर कोरोना माता का मंदिर ढहा दिया। चर्चा है कि विरोध करने पर मंदिर निर्माण करने वाले लोकेश के भाई को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। रात में ही जेसीबी से मलबे के साथ प्रतिमा को पांच किमी दूर राजमतिपुर में गिरा दिया गया। सांगीपुर थानाध्यक्ष का कहना है कि शिकायत मिली थी। जिसके चलते एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया था। कोरोना माता का मंदिर पुलिस ने नहीं हटवाया।
ग्रामीण अगरबत्ती जलाकर और प्रसाद चढ़ाकर कोरोना माता की पूजा करते हुए जल भी चढ़ाते। कोरोना माता की प्रतिमा को मास्क भी लगाया गया था। गांव के लोगों का मानना था कि पूजा करने से कोरोना संक्रमण नहीं फैलेगा। इस मामले में लोकेश के भाई नागेश ने पुलिस से शिकायत करते हुए बताया था कि बिना बंटवारे की जमीन पर कोरोना माता का मंदिर बना दिया गया है।
इसके साथ ही अंधविश्वास को बढ़ावा देने का काम हो रहा था। इस पर शुक्रवार की रात सांगीपुर पुलिस व लालगंज तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम ने जेसीबी लगाकर कोरोना माता का मंदिर ढहा दिया। चर्चा है कि विरोध करने पर मंदिर निर्माण करने वाले लोकेश के भाई को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। रात में ही जेसीबी से मलबे के साथ प्रतिमा को पांच किमी दूर राजमतिपुर में गिरा दिया गया। सांगीपुर थानाध्यक्ष का कहना है कि शिकायत मिली थी। जिसके चलते एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया था। कोरोना माता का मंदिर पुलिस ने नहीं हटवाया।