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‘पति’ के घर न्याय बारात लेकर पहुंची रूहीना
Pratapgarh
Updated Wed, 03 Apr 2013 05:30 AM IST
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प्रतापगढ़ / कटरा मेदिनीगंज। इंदौर मध्य प्रदेश से मासूम बच्चे के साथ पति की तलाश में आई रूहीना (परिवर्तित नाम) प्रशासनिक उपेक्षा के बाद भी हार मानने को तैयार नहीं है। बलात्कार और मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराने पर भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो वह मंगलवार दोपहर न्याय बारात लेकर पति के घर पहुंच गई। हालांकि वहां घर के बाहर से ही उसे वापस कर दिया गया।
मध्य प्रदेश हरदा खेड़ीपुर निवासी रूहीना इंदौर में एक काल सेंटर में काम करती थी। वहां बीयूएमएस की पढ़ाई कर रहे नगर कोतवाली के कटरा मेदनीगंज निवासी एजाज अख्तर से उसका प्रेम हुआ और दोनाें ने विवाह कर लिया। रूहीना गर्भवती हुई तो एजाज उसे छोड़कर भाग आया। दो साल के बेटे का लेकर रूहीना चार दिन पहले बेल्हा आई। उसने पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। वह पति के घर गई तो उसे मारपीट कर भगा दिया गया। डीएम के यहां धरने पर बैठने के बाद महिला थाने में उसकी रिपोर्ट दर्ज की गई। उसने एजाज पर बलात्कार और उसके परिजनों पर मारपीट का आरोप लगाया। इसके बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो वह मंगलवार को जिला कचहरी से न्याय बारात लेकर निकली। कचहरी में पहले डीएम कार्यालय पर धरने पर बैठी। यहां से वह बारात लेकर कटरा के लिए रवाना हुई। शहर कोतवाल योगेंद्र की जीप उसके टेंपो के पीछे थी। कटरा कस्बे में पहुंचने पर वह ससुराल से करीब दो सौ मीटर पहले उतरकर पैदल एजाज के घर पहुंची। एजाज के घरवालाें को इसकी भनक लग गई थी और लोग घर में ताला बंद कर बाहर निकल आए। घर में केवल बच्चे और वृद्ध महिला ही थी। रूहीना दरवाजे पर पहुंची तो एजाज के पड़ोसी और रिश्तेदार आगे आ गए। वह रूहीना का विरोध करने लगे। लोगों ने उस पर लांछन भी लगाया। करीब आधे घंटे तक वहां हंगामा होता रहा और वह निराश लौट आई।
महिला द्वारा बारात ले आना कटरा मेदनीगंज के लोगों ने पहले नहीं देखा था। पूरे कस्बे में रूहीना के पहुंचने से पहले ही उसकी बारात आने की जानकारी लोगों को हो गई थी। वह कस्बे में जैसे ही टेंपो से उतरी लोग उसके पीछे हो लिए। सुरक्षा की दृष्टि से शहर कोतवाल, सिविल लाइन और भुपियामऊ चौकी प्रभारी भी लगे थे। पुलिस ने न तो रूहीना का टेंपो रोका और न ही कस्बे में उससे टोकाटाकी की। पुलिस सिर्फ सुरक्षा के लिहाज से पीछे-पीछे ऐसे चल रही थी जैसे वह भी बरात में शामिल हो। कस्बे के युवक, बच्चे भी रूहीना की बारात में शामिल हो गए। महिलाएं अपने घर की छत से उसे निहारने लगीं। एजाज के घर पर करीब आधे घंटे तक आरोप प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। रूहीना विरोध करने वाले एजाज के पड़ोसियाें और रिश्तेदाराें से भी कहासुनी करती रही। कस्बे के लोग तो उसे देखने के लिए परेशान रहे। कस्बे से जाने के बाद भी रूहीना लोगाें में चर्चा का विषय बनी रही।
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कटरा मेदनीगंज से लौटने के बाद रूहीना कहां गई इसे लेकर पुलिस प्रशासन व खुफिया विभाग परेशान हो उठा। रूहीना ने पहले ही कहा था कि अगर वह ससुराल से निराश लौटी और प्रशासन ने उसकी मदद नहीं की तो वह मंगलवार को नमाज के बाद जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष कलेक्ट्रेट में आत्मदाह कर लेगी। शाम को वह कटरा से लौटी लेकिन अपने ठहरने वाले लाज पर नहीं पहुंची। इसे लेकर पुलिस व खुफिया विभाग के लोग उसकी तलाश करने लगे। शाम तक उसका अता पता नहीं चल सका था।
मध्य प्रदेश से न्याय की तलाश में बेल्हा पहुंची रूहीना के मामले में वकीलों ने चौबीस घंटे का अल्टीमेटम दिया है। इंद्राकर मिश्र, राजकुमार सिंह, राकेश कुमार चौरसिया, विजय सिंह, निर्भय पांडेय, मेराज, तौसीफ, शोएब, वृजेंद्र बहादुर पाल, संतोष सिंह, इरफान, मुश्ताक आदि ने कहा कि अगर पुलिस प्रशासन ने उसे न्याय नहीं दिया तो सभी वकील उसकी लड़ाई लड़ेंगे।
रूहीना ने पति पर दुष्कर्म और अन्य परविरीजनों पर मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन पुलिस कार्रवाई करने में आनाकानी कर रही है। मामले में पति सहित छह लोग आरोपी हैं लेकिन पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया। यही नहीं रूहीना के आरोपों की बाबत परिवारीजनों से पूछताछ की जरूरत नहीं समझी। ऐसे में रूहीना और उसके मासूम बेटे को इंसाफ मिलना मुश्किल दिख रहा है। हालांकि सीओ सिटी ज्ञानेंद्र का कहना है कि आरोपी फरार हैं। वे मिलें तो कोई कार्रवाई की जाय। उन्होंने कहा कि अगर आरोपी इनकार करता है कि वह उसका बेटा नहीं है तो डीएनए टेस्ट कराया जाएगा।
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मध्य प्रदेश हरदा खेड़ीपुर निवासी रूहीना इंदौर में एक काल सेंटर में काम करती थी। वहां बीयूएमएस की पढ़ाई कर रहे नगर कोतवाली के कटरा मेदनीगंज निवासी एजाज अख्तर से उसका प्रेम हुआ और दोनाें ने विवाह कर लिया। रूहीना गर्भवती हुई तो एजाज उसे छोड़कर भाग आया। दो साल के बेटे का लेकर रूहीना चार दिन पहले बेल्हा आई। उसने पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। वह पति के घर गई तो उसे मारपीट कर भगा दिया गया। डीएम के यहां धरने पर बैठने के बाद महिला थाने में उसकी रिपोर्ट दर्ज की गई। उसने एजाज पर बलात्कार और उसके परिजनों पर मारपीट का आरोप लगाया। इसके बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो वह मंगलवार को जिला कचहरी से न्याय बारात लेकर निकली। कचहरी में पहले डीएम कार्यालय पर धरने पर बैठी। यहां से वह बारात लेकर कटरा के लिए रवाना हुई। शहर कोतवाल योगेंद्र की जीप उसके टेंपो के पीछे थी। कटरा कस्बे में पहुंचने पर वह ससुराल से करीब दो सौ मीटर पहले उतरकर पैदल एजाज के घर पहुंची। एजाज के घरवालाें को इसकी भनक लग गई थी और लोग घर में ताला बंद कर बाहर निकल आए। घर में केवल बच्चे और वृद्ध महिला ही थी। रूहीना दरवाजे पर पहुंची तो एजाज के पड़ोसी और रिश्तेदार आगे आ गए। वह रूहीना का विरोध करने लगे। लोगों ने उस पर लांछन भी लगाया। करीब आधे घंटे तक वहां हंगामा होता रहा और वह निराश लौट आई।
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महिला द्वारा बारात ले आना कटरा मेदनीगंज के लोगों ने पहले नहीं देखा था। पूरे कस्बे में रूहीना के पहुंचने से पहले ही उसकी बारात आने की जानकारी लोगों को हो गई थी। वह कस्बे में जैसे ही टेंपो से उतरी लोग उसके पीछे हो लिए। सुरक्षा की दृष्टि से शहर कोतवाल, सिविल लाइन और भुपियामऊ चौकी प्रभारी भी लगे थे। पुलिस ने न तो रूहीना का टेंपो रोका और न ही कस्बे में उससे टोकाटाकी की। पुलिस सिर्फ सुरक्षा के लिहाज से पीछे-पीछे ऐसे चल रही थी जैसे वह भी बरात में शामिल हो। कस्बे के युवक, बच्चे भी रूहीना की बारात में शामिल हो गए। महिलाएं अपने घर की छत से उसे निहारने लगीं। एजाज के घर पर करीब आधे घंटे तक आरोप प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। रूहीना विरोध करने वाले एजाज के पड़ोसियाें और रिश्तेदाराें से भी कहासुनी करती रही। कस्बे के लोग तो उसे देखने के लिए परेशान रहे। कस्बे से जाने के बाद भी रूहीना लोगाें में चर्चा का विषय बनी रही।
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कटरा मेदनीगंज से लौटने के बाद रूहीना कहां गई इसे लेकर पुलिस प्रशासन व खुफिया विभाग परेशान हो उठा। रूहीना ने पहले ही कहा था कि अगर वह ससुराल से निराश लौटी और प्रशासन ने उसकी मदद नहीं की तो वह मंगलवार को नमाज के बाद जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष कलेक्ट्रेट में आत्मदाह कर लेगी। शाम को वह कटरा से लौटी लेकिन अपने ठहरने वाले लाज पर नहीं पहुंची। इसे लेकर पुलिस व खुफिया विभाग के लोग उसकी तलाश करने लगे। शाम तक उसका अता पता नहीं चल सका था।
मध्य प्रदेश से न्याय की तलाश में बेल्हा पहुंची रूहीना के मामले में वकीलों ने चौबीस घंटे का अल्टीमेटम दिया है। इंद्राकर मिश्र, राजकुमार सिंह, राकेश कुमार चौरसिया, विजय सिंह, निर्भय पांडेय, मेराज, तौसीफ, शोएब, वृजेंद्र बहादुर पाल, संतोष सिंह, इरफान, मुश्ताक आदि ने कहा कि अगर पुलिस प्रशासन ने उसे न्याय नहीं दिया तो सभी वकील उसकी लड़ाई लड़ेंगे।
रूहीना ने पति पर दुष्कर्म और अन्य परविरीजनों पर मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन पुलिस कार्रवाई करने में आनाकानी कर रही है। मामले में पति सहित छह लोग आरोपी हैं लेकिन पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया। यही नहीं रूहीना के आरोपों की बाबत परिवारीजनों से पूछताछ की जरूरत नहीं समझी। ऐसे में रूहीना और उसके मासूम बेटे को इंसाफ मिलना मुश्किल दिख रहा है। हालांकि सीओ सिटी ज्ञानेंद्र का कहना है कि आरोपी फरार हैं। वे मिलें तो कोई कार्रवाई की जाय। उन्होंने कहा कि अगर आरोपी इनकार करता है कि वह उसका बेटा नहीं है तो डीएनए टेस्ट कराया जाएगा।