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Updated Sun, 11 Jun 2017 08:23 PM IST
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प्रतापगढ़। आईआईटी संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) 2017 के रविवार को आए परिणाम में जिले के तीन होनहारों ने बाजी मारी है। इनमें एक क्लर्क का बेटा भी शामिल है। बच्चों की सफलता से उनके परिजन गदगद हैं। सुबह रिजल्ट आने के बाद सफल छात्रों के परिजनों ने मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) मेन 2017 का रिजल्ट रविवार को सुबह 10 बजे घोषित कर दिया। सुबह से ही परीक्षा परिणाम जानने के लिए छात्र-छात्राओं के साथ ही उनके परिजन उत्साहित दिखे। साइबर कैफे पर परीक्षा परिणाम देखने के लिए छात्र-छात्राओं की भीड़ जुटी रही। जिले के तीन छात्रों को इस परीक्षा में सफलता मिली है। सदर तहसील के पूरे माधव सिंह गांव निवासी संजय प्रताप सिंह नेशनल अर्बन कोआपरेटिव बैंक में क्लर्क हैं। उनके बेटे आदर्श सिंह ने मेंस परीक्षा में 214 अंक प्राप्त कर 4666 वीं रैंक हासिल की है।
आदर्श ने इसी वर्ष सीबीएसई बोर्ड से इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की है। जेईई मेंस में उसे पहले ही प्रयास में सफलता मिली है। वह कोटा में रहकर प्रवेश परीक्षा की तैयारी में जुटा था। इंटर की परीक्षा के साथ ही इसी सत्र में जेईई मेंस प्रवेश परीक्षा भी पास कर ली। उसकी दोहरी सफलता से परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। उसने अपनी सफलता का श्रेय पिता को दिया। वहीं कुंडा के पहिलेपार ढिंगवस गांव निवासी श्रीश मिश्रा पीडब्ल्यूडी विभाग में अवर अभियंता हैं। इस समय वह गौरीगंज में तैनात हैं। उनके बेटे निखिल ने परीक्षा में कुल 272 अंक प्राप्त कर 695वीं रैंक हासिल की है। निखिल ने 2016 में सीबीएसई बोर्ड से इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। साथ ही जेईई मेंस प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए थे, लेकिन उन्हें पहली बार सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद वह कोटा में रहकर तैयारी करने लगे और सत्र 2017 की प्रवेश परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त कर 695वीं रैंक हासिल की। निखिल ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया।
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निखिल का कहना है कि असफलता से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि दोगुने उत्साह से तैयारी करनी चाहिए। कड़ी मेहनत और कमजोर विषयों पर विशेष ध्यान देकर इस परीक्षा में आसानी से सफलता पाई जा सकती है। इसी तरह प्रतापगढ़ स्थित सीतापुर नेत्र चिकित्सालय में चिकित्सक डॉ. सुधांशु सिंह के बेटे उत्कर्ष सिंह को भी सफलता मिली है। उत्कर्ष ने कुल 230 अंक प्राप्त कर 3081 रैंक हासिल की है। उत्कर्ष ने लखनऊ स्थित आईसीएसई बोर्ड के स्कूल से 2016 में इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की। उसके बाद इलहाबाद में रहकर जेईई मेंस प्रवेश परीक्षा की तैयारी की। पहले ही प्रयास में उसे सफलता मिली है। परीक्षा परिणाम सुनते ही परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। मित्रों के साथ ही रिश्तेदार व अन्य सफलता की बधाई देने लगे।
क्लर्क के बेटे ने जेईई मेंस में मारी बाजी
आईआईटी संयुक्त प्रवेश परीक्षा में जिले के तीन छात्रों को मिली सफलता
अमर उजाला ब्यूरो
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) मेन 2017 का रिजल्ट रविवार को सुबह 10 बजे घोषित कर दिया। सुबह से ही परीक्षा परिणाम जानने के लिए छात्र-छात्राओं के साथ ही उनके परिजन उत्साहित दिखे। साइबर कैफे पर परीक्षा परिणाम देखने के लिए छात्र-छात्राओं की भीड़ जुटी रही। जिले के तीन छात्रों को इस परीक्षा में सफलता मिली है। सदर तहसील के पूरे माधव सिंह गांव निवासी संजय प्रताप सिंह नेशनल अर्बन कोआपरेटिव बैंक में क्लर्क हैं। उनके बेटे आदर्श सिंह ने मेंस परीक्षा में 214 अंक प्राप्त कर 4666 वीं रैंक हासिल की है।
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आदर्श ने इसी वर्ष सीबीएसई बोर्ड से इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की है। जेईई मेंस में उसे पहले ही प्रयास में सफलता मिली है। वह कोटा में रहकर प्रवेश परीक्षा की तैयारी में जुटा था। इंटर की परीक्षा के साथ ही इसी सत्र में जेईई मेंस प्रवेश परीक्षा भी पास कर ली। उसकी दोहरी सफलता से परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। उसने अपनी सफलता का श्रेय पिता को दिया। वहीं कुंडा के पहिलेपार ढिंगवस गांव निवासी श्रीश मिश्रा पीडब्ल्यूडी विभाग में अवर अभियंता हैं। इस समय वह गौरीगंज में तैनात हैं। उनके बेटे निखिल ने परीक्षा में कुल 272 अंक प्राप्त कर 695वीं रैंक हासिल की है। निखिल ने 2016 में सीबीएसई बोर्ड से इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। साथ ही जेईई मेंस प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए थे, लेकिन उन्हें पहली बार सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद वह कोटा में रहकर तैयारी करने लगे और सत्र 2017 की प्रवेश परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त कर 695वीं रैंक हासिल की। निखिल ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया।
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निखिल का कहना है कि असफलता से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि दोगुने उत्साह से तैयारी करनी चाहिए। कड़ी मेहनत और कमजोर विषयों पर विशेष ध्यान देकर इस परीक्षा में आसानी से सफलता पाई जा सकती है। इसी तरह प्रतापगढ़ स्थित सीतापुर नेत्र चिकित्सालय में चिकित्सक डॉ. सुधांशु सिंह के बेटे उत्कर्ष सिंह को भी सफलता मिली है। उत्कर्ष ने कुल 230 अंक प्राप्त कर 3081 रैंक हासिल की है। उत्कर्ष ने लखनऊ स्थित आईसीएसई बोर्ड के स्कूल से 2016 में इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की। उसके बाद इलहाबाद में रहकर जेईई मेंस प्रवेश परीक्षा की तैयारी की। पहले ही प्रयास में उसे सफलता मिली है। परीक्षा परिणाम सुनते ही परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। मित्रों के साथ ही रिश्तेदार व अन्य सफलता की बधाई देने लगे।
क्लर्क के बेटे ने जेईई मेंस में मारी बाजी
आईआईटी संयुक्त प्रवेश परीक्षा में जिले के तीन छात्रों को मिली सफलता
अमर उजाला ब्यूरो