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'जनता नहीं चलने देती सरकार की तानाशाही'
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jun 2013 08:30 PM IST
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आपातकाल लोकतंत्र सेनानियों की सुविधाएं बढ़ाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के खिलाफ संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान के लिए कुछ काम सरकार ने किए हैं पर अभी कई काम होने बाकी है।
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उन्होंने कहा कि सरकार लोकतंत्र के महत्व और लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को जानती है। सरकार इन सेनानियों के लिए ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं मुहैया कराना चाहती है लेकिन आर्थिक संसाधन आड़े आ रहे हैं। आर्थिक स्थिति के ठीक होते ही बाकी की मांगों को भी पूरा किया जाएगा।
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वह मंगलवार को यहां राजभवन के सामने विश्वेश्वरैया सभागार में आपातकाल के 38 वर्ष पूरे होने पर आयोजित लोकतंत्र सेनानियों के सम्मेलन में बोल रहे थे। इस मौके पर अखिलेश ने मायावती का नाम तो नहीं लिया लेकिन उन पर निशाना जरूर साधा।
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उन्होंने कहा कि बीच में एक तानाशाही सरकार आ गई थी, जिसे जनता ने सबक सिखा दिया। लोकतंत्र में तानाशाह और तानाशाही पनप ही नहीं सकती। इससे पहले उन्होंने कई लोकतंत्र सेनानियों को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।
सम्मेलन में ‘लघु चित्र: लोकतंत्र के महानायक’ लघु फिल्म के सीडी का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री ने किया। इस फिल्म में मुलायम सिंह यादव के संघर्षों को दिखाया गया है।
इनका हुआ सम्मान
सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानी वरिष्ठ पत्रकार के. विक्रम राव, सपा के राष्ट्रीय महासचिव अशोक वाजपेयी, कारागार एवं खाद्य मंत्री राजेंद्र चौधरी, विधायक रविदास मेहरोत्रा और आपातकाल लोकतंत्र सेनानी समिति के अध्यक्ष बृजकिशोर मिश्र को अंगवस्त्र भेंटकर उन्हें सम्मानित किया।