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इस बार साबित होगा विश्व का सबसे बड़ा मेला
अमर उजाला, नोएडा
Updated Tue, 15 Oct 2013 12:56 AM IST
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ग्रेटर नोएडा में भारतीय हस्तशिल्प एवं उपहार मेला (आईएचजीएफ) मंगलवार (15 अक्तूबर) से इंडिया एक्सपो मार्ट में शुरू होगा।
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यह 18 अक्तूबर तक चलेगा। इस बार यह विश्व का सबसे बड़ा मेला होने जा रहा है। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद के आयोजकों का दावा है कि यहां देश-विदेश से करीब 2500 लोग हिस्सा लेने पहुंचेंगे।
भारतीय हस्तशिल्प एवं उपहार मेले में इस बार हस्तशिल्प के 900 स्थायी मार्ट समेत 2500 से ज्यादा एग्जीविटर के भाग लेने की उम्मीद जताई गई है।
अभी तक इतनी तादाद में चीन में ही एग्जीविटर भाग ले रहे थे। सोमवार को ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राकेश कुमार ने पत्रकारों को बताया कि मेले में 900 स्थायी मार्ट समेत यूपी से करीब 600, राजस्थान से 400, दक्षिण भारत से 30 और पूर्व-पश्चिम से 40-40 एग्जीविटर के भाग लेने की उम्मीद है।
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ईपीसीएच के चेयरमैन लेखराज महेश्वरी ने कहा कि बेहतर स्किल मैन की कमी के कारण हस्तशिल्प में निर्यात को लेकर आर्डर लेना आसान है लेकिन पूरा करना आसान नहीं।
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मेले में टैक्सटाइल्स, जूट, इको फ्रैंडली, रिसाइकिल से बने सामान, गिफ्ट आइटम, बर्तन, सजावटी सामान, फर्नीचर, टेबल आइटम, बागवानी में इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुएं और फैशन के सामान प्रमुख उत्पाद होंगे।
मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट ऑफ इंडिया के नजमूल इस्लाम का कहना है कि इस प्रकार काम करने वाले कई कारीगर एक्सपोर्टर भी बन गए हैं।
उन्होंने बताया कि 16 अक्तूबर को वृक्ष इमारती लकड़ी वैद्यता मूल्यांकन एवं सत्यापन प्रणाली और 17 अक्तूबर को हस्तशिल्प क्षेत्र में विदेशी निवेश के मौके पर दो सेमिनार का भी आयोजन किया जाएगा।
ज्यादा कारोबार का लक्ष्य
ईपीसीएच ने चार दिवसीय मेले में पिछले साल के मुकाबले इस बार दस फीसदी अधिक कारोबार का लक्ष्य रखा है। ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राकेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2006 में ग्रेनो के एक्सपो मार्ट में मेले की शुरुआत की गई थी।
वर्ष 2006 में करीब 550 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था। जबकि वर्ष 2012 में करीब 1100 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। वहीं वर्ष 2013 में दस फीसदी से ज्यादा कारोबार का लक्ष्य रखा गया है।