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जंक फूड से हर सौ में से 18 बच्चे मोटे
अमर उजाला, नोएडा
Updated Sat, 26 Oct 2013 02:01 AM IST
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बर्गर, पिज्जा, कोल्ड ड्रिंक्स के अत्यधिक खानपान ने बच्चों में जबरदस्त मोटापे में इजाफा किया है। दिल्ली, नोएडा, पूणे, मुंबई जैसे देश के कुछ शहरों के स्कूलों में हुए सर्वे में इस बार 18 फीसदी तक बच्चे मोटे पाए गए।
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दस साल पहले यह आंकड़ा केवल तीन फीसदी था। एक तरफ उचित खानपान न मिलने के कारण गरीब बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं।
वहीं, आवश्यकता से अधिक पेटू मध्यम वर्गीय बच्चे बड़ी संख्या में मोटापे का शिकार हो रहे हैं। मोटापे के कारण अब छोटी उम्र में ही डायबिटीज, ब्लडप्रेशर और हारमोनल इंबैलेंस जैसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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यहां तक कि आगे चलकर लड़कियों को ओवरी सिस्ट बनने और इंफर्टिलिटी जैसी समस्याओं से गुजरना पड़ रहा है।
फोर्टिस अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आईपी कोचर ने बताया कि खेलकूद और आउटडोर गेम्स की ओर बच्चों का कम होता रुझान और टीवी, कंप्यूटर का अधिक उपयोग करने से बच्चों का वजन बढ़ रहा है।
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इससे 15 से 18 साल तक के बच्चों में ब्लड शुगर की समस्या बढ़ रही है। ऐसे बच्चों में इंसुलिन बनना कम हो जाती है।
न्यूट्रीशियन डॉ. नमिता नादर ने बताया कि जंक फूड में कार्बोहाईड्रेड की मात्रा काफी अधिक होती है। यह धीरे-धीरे शरीर में जमा होकर मोटापे का कारण बनता है।
इसमें न्यूट्रीशियन की मात्रा बेहद कम होती है। जिससे शरीर को फायदा पहुंचाने के बजाए वजन बढ़ाता है।
क्या करें
1. बेरोकटोक जंक फूड खाने से तौबा करें।
2. टीवी और कंप्यूटर का कम उपयोग करें।
3. आउटडोर खेलों पर ज्यादा ध्यान दें।