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तीन साल में लगाना होगा उद्योग
Noida
Updated Tue, 17 Sep 2013 05:35 AM IST
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नोएडा। अगर प्राधिकरण की औद्योगिक भूखंड योजना में आवेदन कर रहे हैं, तो तीन साल में उद्योग को चालू करना पड़ेगा। प्राधिकरण ने योजना की शर्तों में इसे भी शामिल कर लिया है।
नोएडा में ऐसे तमाम औद्योगिक भूखंड हैं, जिनका आवंटन बहुत पहले हो गया, मगर वहां उद्योग नहीं चल रहे। पूर्व की योजनाओं में सात से आठ साल तक की छूट का प्रावधान था। इस कारण प्राधिकरण इन पर किसी तरह का दबाव नहीं डाल पा रहा था। इससे रोजगार भी पैदा नहीं हो रहा था। अब नई योजना में प्राधिकरण ने उद्योग को तीन साल के भीतर शुरू करने की शर्त लगा दी है। अगर उद्योग न लगा पाने की कोई ठोस वजह मिलती है, तभी आवंटी को और वक्त दिया जाएगा। अन्यथा प्राधिकरण आवंटन रद्द भी कर सकता है। प्राधिकरण का कहना है कि ऐसी शर्त इसलिए जोड़ी गई है, ताकि उद्योग लगाने वाले ही इस योजना में आवेदन करें।
पांच साल से नोएडा में उद्योग चला रहे उद्यमी योजना की आरक्षित श्रेणी में आवेदन कर सकते हैं। उनको इसका लाभ मिलेगा। इससे पहले इस शर्त पर प्राधिकरण ने कभी जोर नहीं दिया। इस शर्त के पीछे मकसद यह है कि जो उद्यमी यहां उद्योग लगा चुके हैं। वे अपने उद्योग का विस्तार करना चाह रहे हैं तो उनको आसानी से भूखंड मिल सकेगा। इसके अलावा इस योजना के आवंटियों को पहले की तुलना में फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) ज्यादा मिलेगा। नोएडा में उद्योगों के लिए जमीन की कमी को देखते हुए यह प्रावधान लागू किया गया है।
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दिवाली तक होगा छोटे भूखंडों का ड्रॉ
औद्योगिक भूखंडों की योजना में प्राधिकरण ने दो तरह के भूखंड शामिल किए हैं। 2000 वर्ग मीटर से कम एरिया वाले भूखंड, जिनकी संख्या 61 हैं, के आवेदन 15 अक्तूबर तक किए जा सकते हैं। प्राधिकरण के मुताबिक इनके ड्रॉ दिवाली तक संभावित हैं। वहीं, 2000 वर्ग मीटर से अधिक एरिया वाले भूखंडों का आवंटन साक्षात्कार के जरिये होगा। अभी इसकी अंतिम तिथि की घोषणा नहीं की गई है।
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नोएडा में ऐसे तमाम औद्योगिक भूखंड हैं, जिनका आवंटन बहुत पहले हो गया, मगर वहां उद्योग नहीं चल रहे। पूर्व की योजनाओं में सात से आठ साल तक की छूट का प्रावधान था। इस कारण प्राधिकरण इन पर किसी तरह का दबाव नहीं डाल पा रहा था। इससे रोजगार भी पैदा नहीं हो रहा था। अब नई योजना में प्राधिकरण ने उद्योग को तीन साल के भीतर शुरू करने की शर्त लगा दी है। अगर उद्योग न लगा पाने की कोई ठोस वजह मिलती है, तभी आवंटी को और वक्त दिया जाएगा। अन्यथा प्राधिकरण आवंटन रद्द भी कर सकता है। प्राधिकरण का कहना है कि ऐसी शर्त इसलिए जोड़ी गई है, ताकि उद्योग लगाने वाले ही इस योजना में आवेदन करें।
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पांच साल से नोएडा में उद्योग चला रहे उद्यमी योजना की आरक्षित श्रेणी में आवेदन कर सकते हैं। उनको इसका लाभ मिलेगा। इससे पहले इस शर्त पर प्राधिकरण ने कभी जोर नहीं दिया। इस शर्त के पीछे मकसद यह है कि जो उद्यमी यहां उद्योग लगा चुके हैं। वे अपने उद्योग का विस्तार करना चाह रहे हैं तो उनको आसानी से भूखंड मिल सकेगा। इसके अलावा इस योजना के आवंटियों को पहले की तुलना में फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) ज्यादा मिलेगा। नोएडा में उद्योगों के लिए जमीन की कमी को देखते हुए यह प्रावधान लागू किया गया है।
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दिवाली तक होगा छोटे भूखंडों का ड्रॉ
औद्योगिक भूखंडों की योजना में प्राधिकरण ने दो तरह के भूखंड शामिल किए हैं। 2000 वर्ग मीटर से कम एरिया वाले भूखंड, जिनकी संख्या 61 हैं, के आवेदन 15 अक्तूबर तक किए जा सकते हैं। प्राधिकरण के मुताबिक इनके ड्रॉ दिवाली तक संभावित हैं। वहीं, 2000 वर्ग मीटर से अधिक एरिया वाले भूखंडों का आवंटन साक्षात्कार के जरिये होगा। अभी इसकी अंतिम तिथि की घोषणा नहीं की गई है।