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ठेले पर सब्जी बेचने को मजबूर यूपी का नेशनल खिलाड़ी
विनीत त्रिपाठी
Updated Thu, 08 Aug 2013 08:40 AM IST
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कबड्डी के मैदान में विरोधी को पलक झपकते ही चित करने वाला नेशनल खिलाड़ी गौरव तितोरिया उत्तर प्रदेश के मेरठ में सब्जी बेचने को मजबूर है।
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पिता की मौत के बाद खिलाड़ी का मैदान तो छूट गया लेकिन कुछ करने का जज्बा और मजबूत हो गया है। अब वह अपने सपनों को बहन के जरिये पंख लगा रहा है। हाल ही में उसकी बहन ने नेशनल स्तर पर स्वर्ण पदक जीता है।
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अजंता कालोनी निवासी गौरव के पिता श्रीपाल सिंह ने अपने बेटे को जवाहर नवोदय विद्यालय में दाखिला कराया। उनकी तमन्ना बेटे को अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनाने की थी लेकिन ऊपरवाले को कुछ और ही मंजूर था।
2012 में श्रीपाल सिंह की बीमारी से मौत हो गई। तब गौरव अपने परिवार का इकलौता सहारा बचा। पिता की मौत के बाद उसके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। इसके बाद उसने पिता की तरह सब्जी का ठेला लगाना शुरू कर दिया।
आर्थिक संकट के कारण पढ़ाई के साथ ही उसने कबड्डी खेलना भी छोड़ दिया लेकिन मजबूत इच्छाशक्ति के गौरव ने हार नहीं मानी। आज वह खुद सब्जी बेचकर न सिर्फ मां का सहारा बना है बल्कि बहन पूजा को पढ़ा रहा है।
पूजा जवाहर नवोदय विद्यालय सरधना में पढ़ रही है। पूजा ने हाल ही में जूनियर कबड्डी में गोल्ड मेडल जीता है। गौरव की तमन्ना आगे भी पढ़ाई की है। गौरव कहता है कि मदद मिले तो कबड्डी में पदक हासिल कर आगे भी मेरठ और देश का नाम रोशन करना चाहता है लेकिन घर चलाने के लिए वह ठेला लगाने को मजबूर है।
उसकी बहन पूजा कहती हैं कि घर की सारी जिम्मेदारी भाई पर है। वह चाहती हैं की उनके भाई इंटरनेशनल खिलाड़ी बने। जिला कबड्डी संघ के चेयरमैन रजनीश कौशल ने कहा कि इस संबंध में जानकारी नहीं थी। गौरव ही नहीं दूसरे खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए कबड्डी संघ गौरव की हरसंभव सहयोग करेगा।
जीते कई मेडल
गौरव ने जवाहर नवोदय विद्यालय सरधना में छठवीं की पढ़ाई शुरू की और दसवीं की पढ़ाई पूरी करते-करते ही स्कूल में कबड्डी के दांव सीखे। 2010 में उसने दसवीं कर ली।
इसके बाद दबथुआ स्थित कोच जोगेंद्र शर्मा के कबड्डी ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण लिया। गौरव ने 2008 में अंडर-14 और फिर 2008 में अंडर-17 में नेशनल स्कूल कबड्डी प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता।
2010 में 56वें नेशनल स्कूल गेम्स रायपुर छत्तीसगढ़ में सिल्वर और 57वें अंडर-19 नेशनल कबड्डी प्रतियोगिता लखनऊ में गोल्ड मेडल झटका।