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मुजफ्फरनगर हिंसा: डीजीपी ने माना कि पुलिस से हुई चूक

Thu, 31 Oct 2013 08:55 PM IST
अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Thu, 31 Oct 2013 08:55 PM IST
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muzaffarnagar violence is police failure said dgp

भौराकलां थाना क्षेत्र के गांव हसनपुर के जंगल में बुधवार शाम हुआ तिहरा हत्याकांड पुलिस की नाकामी का नतीजा था।

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डीजीपी देवराज नागर ने इसे सीधा-सीधा हत्या का मामला बताया और इसमें पुलिस की चूक मानते हुए विभागीय जांच के बाद दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। डीजीपी ने हत्याकांड को आपसी विवाद का नतीजा बताते हुए आरोपी पक्ष पर हुए कथित हमले को जांच का विषय बताया है।

उन्होंने कहा कि हसनपुर गांव के तीन लोगों की कथित मुठभेड़ में मौत सीधा-सीधा हत्या का मामला है।

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पता चला है कि हसनपुर गांव के लोग बुधवार शाम खेतों पर काम कर रहे थे। इसी दौरान उनका मोहम्मदपुर रायसिंह निवासी लोगों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया, जिसके बाद कुछ ग्रामीणों ने तीनों को बंधक बनाकर उनकी हत्या कर दी।
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डीजीपी ने कहा कि आरोपी पक्ष का मृतकों पर हमला करने का आरोप जांच का विषय है और इस संबंध में विवेचना के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। फिलहाल त्वरित कार्रवाई करते हुए कथित पिटाई के शिकार राजेंद्र फौजी समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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तिहरे हत्याकांड में प्रथम दृष्टया पुलिस की चूक भी सामने आई है। पुलिस ने जानकारी होने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते तीन लोगों को जान गंवानी पड़ी। विभागीय जांच के बाद दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान आईजी ब्रजभूषण भी मौजूद रहे।

नहीं बचेंगे दंगों के आरोपी
उत्तर प्रदेश के डीजीपी देवराज नागर ने कहा कि दंगों के आरोपी कितने ही प्रभावशाली क्यों न हों, उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। अब तक खुले घूम रहे जनप्रतिनिधियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई चल रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।

जनपद में सात सितंबर को हुई हिंसा में भाजपा, बसपा और कांग्रेस के कई जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने सहित अन्य आरोपों में मामले दर्ज किए गए थे।

इनमें से पुलिस भाजपा के विधायकों सुरेश राणा, संगीत सोम, भारतेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जिनमें सुरेश और संगीत पर रासुका भी लगाई जा चुकी है। बसपा विधायक नूरसलीम राना और मौलाना जमील पुलिस के गिरफ्तारी के दावों के बीच कोर्ट में समर्पण कर चुके हैं।

भाजपा विधायक हुकुम सिंह, सांसद कादिर राना, कांग्रेस नेता सईदुज्जमां और उनके पुत्र सलमान समेत कई अन्य आरेपी अभी भी पुलिस पकड़ से दूर हैं। डीजीपी देवराज नागर ने गुरुवार को कहा कि दंगों के सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।


आरोपी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  डीजीपी ने कहा कि अफवाह फैलाने वाले लोगों को भी चिह्नित किया जा रहा है और उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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