फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   mulayam akhilesh friend in my struggle

मुलायम और अखिलेश हैं मेरे संघर्ष के साथी: राजा भैया

Fri, 02 Aug 2013 08:17 AM IST
लखनऊ/ब्यूरो
लखनऊ/ब्यूरो Updated Fri, 02 Aug 2013 08:17 AM IST
विज्ञापन
mulayam akhilesh friend in my struggle

उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और कुंडा के विधायक राजा भैया ने सीओ जियाउल हक की हत्या के मामले में सीबीआई से क्लीन चिट मिलने पर मुलायम सिंह और अखिलेश यादव समेत सभी शुभचिंतकों का आभार जताया।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि ‘नेताजी’ और मुख्यमंत्री से उनके वैसे ही रिश्ते हैं जैसे पहले थे। वे मेरे संघर्ष के साथी है। उन्होंने कहा, मेरे खिलाफ दर्ज एफआईआर ही तकनीकी तौर पर दोषपूर्ण थी।
विज्ञापन


सीबीआई जांच में बेदाग साबित होने के बाद प्रदेश के पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह के साथ पत्रकारों से रूबरू हुए राजा भैया ने कहा कि उन्होंने शुरुआत जो कहा था, वह सच साबित हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा था कि सीओ की हत्या दुर्भाग्यपूर्ण आकस्मिक घटना थी। घटना के बाद उनके खिलाफ दर्ज रिपोर्ट गलत थी। घटना की प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) एक थानेदार लिखा चुके थे। एफआईआर एक होती है लेकिन उनके खिलाफ दूसरी एफआईआर दर्ज की गई। जिस महिला ने अपना पति खोया दिया हो, उनकी मानसिक स्थिति कैसी होती है, सभी जानते हैं। ऐसे में जिन्होंने साजिश को हवा दी उन्होंने अच्छा नहीं किया।

साजिशकर्ता कौन थे? इस सवाल का राजा भैया ने सीधे जवाब नहीं दिया। लेकिन इतना जरूर कहा कि साजिश में कोई सपा नेता शामिल नहीं था। उन्होंने बताया कि सीबीआई ने उनसे 28 घंटे पूछताछ की। 20 घंटे कुंडा और आठ घंटे दिल्ली में।

पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट की उन्होंने खुद सहमति दी ताकि सच सामने आ जाए। उन्हें खुशी है कि देश की सबसे बड़ी एजेंसी ने घटना के पांच माह बाद अपनी क्लोजर रिपोर्ट में उन्हें बेदाग, निरपराध और निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि कुंडा की हर घटना को उनसे न जोड़ें।

परवीन पर केस के लिए समर्थकों से सलाह करेंगे
राजा भैया ने कहा कि मरहूम सीओ की पत्नी पर मानहानि के लिए कोई कार्रवाई करनी चाहिए या नहीं, इसका फैसला वह समर्थकों और क्षेत्रवासियों से बात करने के बाद ही करेंगे।

मंत्री बनाना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार
बेदाग साबित होने के बाद क्या फिर से मंत्री बनेंगे? इसके जवाब में राजा भैया ने कहा कि यह गलत आदमी से गलत सवाल है। मंत्री बनाना न बनाना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार होता है।


पिछले मंत्रिमंडल विस्तार में जगह न मिलने पर कहा कि जिस कारण मंत्री पद छोड़ा था, उसमें जांच रिपोर्ट आने तक कैसे शपथ ले सकता था? उन्होंने अपने इस्तीफे को सही बताते हुए कहा कि उनके लिए मंत्री पद से ज्यादा महत्वपूर्ण प्रतिष्ठा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed