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यूपी से दस माह में गायब हुए 3487 बच्चे

Sat, 23 Mar 2013 12:45 AM IST
लखनऊ/ब्यूरो
लखनऊ/ब्यूरो Updated Sat, 23 Mar 2013 12:45 AM IST
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more than three thousand children missed in ten months in up

उत्तर प्रदेश में बच्चों के लापता होने, अपहरण और उन्हें चुरा लिए जाने की घटनाओं में वृद्धि हुई है। एक अप्रैल 2012 से 31 जनवरी 2013 तक प्रदेश में कुल 3487 ऐसी घटनाएं हुई हैं। 1873 बच्चों के लापता होने की विवेचना अभी तक लंबित है।

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विधान परिषद में शुक्रवार को भाजपा के ह्रदय नारायण दीक्षित के सवाल के जवाब में सरकार की ओर से लापता बच्चों के बारे में सूचना दी गई। बताया गया कि एक अप्रैल 2012 से इस साल 31 जनवरी तक 3487 बच्चों के गायब होने, अपहत होने या चुरा लिए जाने के3487 मामले पंजीकृत किए गए। इनमें से 1614 मामलों का निस्तारण कर दिया गया। 1873 प्रकरणों में अभी तक विवेचना पूरी नहीं हुई है।
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सरकार की ओर से यह भी जानकारी दी गई है कि वर्ष 2010 में बच्चों के लापता, अपह्रत होने या चुरा लिए जाने की 3318 और 2011 में 3833 घटनाएं हुई हैं। इनमें क्रमश: 2888 और 2704 बच्चे मिल गए थे। इस साल 31 जनवरी तक 1614 मामले ही निपटाए गए हैं। 1873 बच्चे अभी भी लापता हैं। प्रदेश में पिछले साल के मुकाबले ऐसी घटनाओं में वृद्धि हुई है।
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अलग प्रकोष्ठ बनाए सरकार
सदन के बाहर ह्रदय नारायण दीक्षित ने कहा कि बच्चों के गायब होने को प्रदेश सरकार गंभीरता से नहीं ले रही है। बच्चों के प्रति यह अपराध मानवता पर कलंक है। उन्होंने मांग की कि लापता बच्चों के लिए प्रदेश में पुलिस का अलग प्रकोष्ठ बनना चाहिए। इसी प्रकोष्ठ को लापता बच्चों के मामलों की जांच में प्रगति की समीक्षा करनी चाहिए।

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