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जिला पंचायत में शिलापट की सियासत
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Thu, 07 Apr 2016 02:10 AM IST
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कमिश्नर से शिकायत करने पहुंचे मनिंदरपाल सिंह और अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला पंचायत में शिलापट को लेकर राजनीति गरमा गई है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदर पाल सिंह ने वर्तमान अध्यक्ष सीमा प्रधान पर विकास कार्य कराए बिना श्रेय लेने का आरोप लगाया है। आरोप है कि पुराने कामों पर ही सीमा प्रधान ने अपने शिलापट लगा दिए हैं। मनिंदर पाल सिंह ने बुधवार को पूर्व जिला पंचायत सदस्यों के साथ कमिश्नर से मामले की शिकायत की है।
मनिंदरपाल सिंह पूर्व जिला पंचायत सदस्य विश्वराज, राकेश त्यागी, आनंद भामौरी, योगेंद्र कुसैड़ी, रामबीर सिंह, राम जीवन लाल और भारत वीर गुर्जर के साथ कमिश्नर से मिलने पहुंचे। मनिंदर पाल सिंह ने बताया कि उनके कार्यकाल में स्वीकृत प्रस्ताव से काम शुरू हो चुका था। इस कार्य का पांच करोड़ रुपये का आंशिक भुगतान शेष रह गया था।
कार्य के टेंडर और कार्ययोजना पूर्व बोर्ड के प्रस्तावों के अनुरूप थी। उन्हीं के हस्ताक्षरों से सभी ठेकेदाराें के एग्रीमेंट हुए थे। मंनिदर पाल सिंह ने कहा कि भुगतान का अधिकार अपर मुख्य अधिकारी और जिला पंचायत अध्यक्ष को होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदारों पर सदस्यों और जिला पंचायत अध्यक्ष का नाम उद्घाटन और लोकार्पण पट्ट पर लिखाने का दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही पहले लग चुके उनके नाम के आधे से अधिक शिलापटों को जबरन हटवा दिया गया है।
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नये कार्यों का तो टेंडर ही नहीं हुआ
पूर्व जिला पंचायत सदस्यों ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत बोर्ड के नवनिर्वाचित बोर्ड की अभी कोई बैठक नहीं हुई है। जिला पंचायत अध्यक्ष की तरफ से सदस्यों से फोन पर प्रस्ताव मांगे गए हैं। इन प्रस्तावों की सूची तैयार कर टेंडर आमंत्रित कि ए गए हैं। अभी तक कोई टेंडर नहीं छोड़ा गया है। सवाल उठाया कि टेंडर छोडे़ बिना किस प्रकार काम शुरू हो गया।
वर्जन...........
नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष शिलापट को लेकर राजनीति कर रही हैं। यह पूरी तरह नियम विरुद्ध है। बगैर काम किए श्रेय लेने का प्रयास किया जा रहा है। हम इसका पूरी तरह विरोध करेंगे।
-मनिंदरपाल सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष
मनिंदर पाल सिंह का पूरा सम्मान है। ऐसा कही नहीं कराया गया है। यदि कोई शिकायत है तो मामले की पूरी जांच कराई जाएगी। -सीमा प्रधान, जिला पंचायत अध्यक्ष
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मनिंदरपाल सिंह पूर्व जिला पंचायत सदस्य विश्वराज, राकेश त्यागी, आनंद भामौरी, योगेंद्र कुसैड़ी, रामबीर सिंह, राम जीवन लाल और भारत वीर गुर्जर के साथ कमिश्नर से मिलने पहुंचे। मनिंदर पाल सिंह ने बताया कि उनके कार्यकाल में स्वीकृत प्रस्ताव से काम शुरू हो चुका था। इस कार्य का पांच करोड़ रुपये का आंशिक भुगतान शेष रह गया था।
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कार्य के टेंडर और कार्ययोजना पूर्व बोर्ड के प्रस्तावों के अनुरूप थी। उन्हीं के हस्ताक्षरों से सभी ठेकेदाराें के एग्रीमेंट हुए थे। मंनिदर पाल सिंह ने कहा कि भुगतान का अधिकार अपर मुख्य अधिकारी और जिला पंचायत अध्यक्ष को होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदारों पर सदस्यों और जिला पंचायत अध्यक्ष का नाम उद्घाटन और लोकार्पण पट्ट पर लिखाने का दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही पहले लग चुके उनके नाम के आधे से अधिक शिलापटों को जबरन हटवा दिया गया है।
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नये कार्यों का तो टेंडर ही नहीं हुआ
पूर्व जिला पंचायत सदस्यों ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत बोर्ड के नवनिर्वाचित बोर्ड की अभी कोई बैठक नहीं हुई है। जिला पंचायत अध्यक्ष की तरफ से सदस्यों से फोन पर प्रस्ताव मांगे गए हैं। इन प्रस्तावों की सूची तैयार कर टेंडर आमंत्रित कि ए गए हैं। अभी तक कोई टेंडर नहीं छोड़ा गया है। सवाल उठाया कि टेंडर छोडे़ बिना किस प्रकार काम शुरू हो गया।
वर्जन...........
नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष शिलापट को लेकर राजनीति कर रही हैं। यह पूरी तरह नियम विरुद्ध है। बगैर काम किए श्रेय लेने का प्रयास किया जा रहा है। हम इसका पूरी तरह विरोध करेंगे।
-मनिंदरपाल सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष
मनिंदर पाल सिंह का पूरा सम्मान है। ऐसा कही नहीं कराया गया है। यदि कोई शिकायत है तो मामले की पूरी जांच कराई जाएगी। -सीमा प्रधान, जिला पंचायत अध्यक्ष