भडरिया नवमी आज, अबुझ मुहुर्त में होंगे विवाह संस्कार
आषाढ़ शुक्ल पक्ष दस जुलाई को भडरिया नवमी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन अबुझ मुहूर्त में विवाह आदि संस्कार होंगे। सिद्ध योग में शहर में 500 से अधिक स्थानों पर शहनाई बजेंगी। इसके बाद चार माह के लिए देवता सो जाएंगे। हिंदू मान्यता के अनुसार भडरिया नवमी के दिन इंद्राणी ने कठिन तप कर इंद्र को प्राप्त किया था।
शिव योग के साथ भडरिया नवमी की शुरुआत होगी। सुबह 10:10 बजे तक शिव योग रहेगा। आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि भडरिया नवमी पर चित्रा नक्षत्र में सिद्ध योग बन रहा है।
इस योग में विवाह आदि संस्कार बिना मुहूर्त निकाले किए जा सकते हैं। वहीं, पंडित बीजी जोशी ने बताया कि 12 जुलाई को देवशयनी एकादशी है। इसके बाद चार माह के लिए कोई विवाह संस्कार नहीं किए जाते हैं। आठ नवंबर को देवोत्थानी एकादशी से दोबारा विवाह कार्य शुरू होंगे।
कई होटल और मंडप हुए बुक
शहर के लगभग 256 होटल और मंडपों में मांगलिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। मेरठ मंडप एसोसिएशन अध्यक्ष अरविंद गुप्ता के अनुसार मंडप एसोसिएशन में रजिस्टर्ड मंडपों की संख्या 256 हैं। सभी मंडप बुक हैं। वहीं, अध्यक्ष मंडप एसोसिएशन विपिन ने बताया कि भडरिया नवमी पर शहर में करीब 500 मांगलिक कार्य होंगे।