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वीसी के 10 टारगेट से शहर के विकास का लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Thu, 18 Aug 2016 02:39 AM IST
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mda
- फोटो : फाइल फोटो
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शहर का यदि सुनियोजित विकास करना है तो सभी को सहयोग करना होगा। मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) के उपाध्यक्ष योगेंद्र यादव ने इसके लिए 10 मुख्य टारगेट तय किए हैं। कहा है कि इन चुनौतीपूर्ण लक्ष्यों पर काम करते हुए ही शहर की कायापलट करनी होगी।
एमडीए सभागार में वीसी योगेंद्र यादव अपने डेवलपमेंट प्लान के दस टारगेट के साथ पत्रकारों से रूबरू हुए। उन्होंने शहर में विकास को लेकर सभी बिंदुओं पर गहराई से मंथन किया। नए सुझाव अपने प्लान में शामिल किए। कहा कि मैंने शहर के विकास का खाका खींचा है। शहर में अवैध अतिक्रमण की बाढ़ आई है पर अवैध अतिक्रमण करने वाले हर व्यक्ति को पहले यह सोचना होगा कि वह गलत कर रहा है।
एमडीए अपना काम मुस्तैदी से करेगा। लेकिन लोगों को भी जागरूक होना होगा, क्योंकि यदि ऐसा नहीं हुआ तो निश्चित रूप से शहर इस कदर अनियोजित रूप से से डेवलप हो जाएगा कि फिर संभाला नहीं जा सकेगा। इस मौके पर सचिव अवनीश कुमार शर्मा, चीफ इंजीनियर एससी मिश्रा, एफसी वसी मोहम्मद, एसई शबीह हैदर, एफएओ जितेंद्र यादव, एक्सईएन दिनेश चंद्र तोमर, पीएस मिश्रा, एपी सिंह, तहसीलदार करनवीर सिंह एवं मांगेराम चौहान, आशु मित्तल समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
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पहले खुद को सुधारेंगे
उन्होंने साफ कहा कि पहले अपने घर को सुधारा जाएगा। एमडीए के सभी कर्मचारियों को समय से ऑफिस आना होगा। प्राथमिकता से काम निपटाने होंगे। अपना व्यवहार भी ठीक करना होगा। वह कर्मचारी विरोधी नहीं हैं। लेकिन जो सुधरने को तैयार नहीं होंगे, उन पर एक्शन होगा।
आय बढ़ाने को होगा लैंड ऑडिट
शहर में विभिन्न कॉलोनियों में एमडीए की अतिरिक्त भूमि है। कॉलोनाइजरों से यह भूमि सेटिंग कर कब्जाई है। अब लैंड ऑडिट होकर इस जमीन को मापा जाएगा और उसके दाम बिल्डरों से वसूले जाएंगे। यह एमडीए की आय बढ़ाने का बेहतर माध्यम होगा। इस बाबत सीटीपी केके गौतम सर्वे करेंगे। एमडीए की खाली पड़ी जमीन को डेवलप कर बेचा जाएगा।
ये दस टारगेट
- अवैध निर्माण करने वालों और जमीन कब्जाने वालों से शमन शुल्क वसूली
- लैंड ऑडिट के जरिए एमडीए की जमीन को खोजना
- किसानों के विवाद निपटाने को सकारात्मक कदम
- भले ही सेटेलाइट बस अड्डे का प्रस्ताव हवा में उड़ गया हो। लेकिन अभी डिपो के लिए जमीन है। उस पर मल्टीलेवल बिल्डिंग बनाना, ताकि उससे एमडीए की भी आय बढ़ सके
- काम न करने वाले कर्मचारियों को पहले चेतावनी, फिर एक्शन
- समाजवादी आवास योजना के आवासों को बेहतर बनाना, जैसे रक्षापुरम के जी प्लस फोर आवासों में लिफ्ट लगाने का निर्णय लिया गया
- हेल्पलाइन तैयार करना, जिस पर एमडीए संबंधी शिकायत दर्ज कराई जा सकें
- सीएम की प्राथमिकता के काम। जैसे आईटी पार्क, जुर्रानपुर फाटक, इनर रिंग रोड, साइकिल ट्रैक, मल्टी लेवल पार्किंग जैसे प्रस्तावों को गति देना
- ऐसे प्रस्तावों को फाइनल टच देना जो दूसरे विभागों के अड़ंगाें से अटके हैं। जैसे साइकिल ट्रैक में पीडब्लूडी और इन रिंग रोड में सिंचाई विभाग का रोड़ा है
- जनता की समस्या का त्वरित निस्तारण करना
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एमडीए सभागार में वीसी योगेंद्र यादव अपने डेवलपमेंट प्लान के दस टारगेट के साथ पत्रकारों से रूबरू हुए। उन्होंने शहर में विकास को लेकर सभी बिंदुओं पर गहराई से मंथन किया। नए सुझाव अपने प्लान में शामिल किए। कहा कि मैंने शहर के विकास का खाका खींचा है। शहर में अवैध अतिक्रमण की बाढ़ आई है पर अवैध अतिक्रमण करने वाले हर व्यक्ति को पहले यह सोचना होगा कि वह गलत कर रहा है।
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एमडीए अपना काम मुस्तैदी से करेगा। लेकिन लोगों को भी जागरूक होना होगा, क्योंकि यदि ऐसा नहीं हुआ तो निश्चित रूप से शहर इस कदर अनियोजित रूप से से डेवलप हो जाएगा कि फिर संभाला नहीं जा सकेगा। इस मौके पर सचिव अवनीश कुमार शर्मा, चीफ इंजीनियर एससी मिश्रा, एफसी वसी मोहम्मद, एसई शबीह हैदर, एफएओ जितेंद्र यादव, एक्सईएन दिनेश चंद्र तोमर, पीएस मिश्रा, एपी सिंह, तहसीलदार करनवीर सिंह एवं मांगेराम चौहान, आशु मित्तल समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
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पहले खुद को सुधारेंगे
उन्होंने साफ कहा कि पहले अपने घर को सुधारा जाएगा। एमडीए के सभी कर्मचारियों को समय से ऑफिस आना होगा। प्राथमिकता से काम निपटाने होंगे। अपना व्यवहार भी ठीक करना होगा। वह कर्मचारी विरोधी नहीं हैं। लेकिन जो सुधरने को तैयार नहीं होंगे, उन पर एक्शन होगा।
आय बढ़ाने को होगा लैंड ऑडिट
शहर में विभिन्न कॉलोनियों में एमडीए की अतिरिक्त भूमि है। कॉलोनाइजरों से यह भूमि सेटिंग कर कब्जाई है। अब लैंड ऑडिट होकर इस जमीन को मापा जाएगा और उसके दाम बिल्डरों से वसूले जाएंगे। यह एमडीए की आय बढ़ाने का बेहतर माध्यम होगा। इस बाबत सीटीपी केके गौतम सर्वे करेंगे। एमडीए की खाली पड़ी जमीन को डेवलप कर बेचा जाएगा।
ये दस टारगेट
- अवैध निर्माण करने वालों और जमीन कब्जाने वालों से शमन शुल्क वसूली
- लैंड ऑडिट के जरिए एमडीए की जमीन को खोजना
- किसानों के विवाद निपटाने को सकारात्मक कदम
- भले ही सेटेलाइट बस अड्डे का प्रस्ताव हवा में उड़ गया हो। लेकिन अभी डिपो के लिए जमीन है। उस पर मल्टीलेवल बिल्डिंग बनाना, ताकि उससे एमडीए की भी आय बढ़ सके
- काम न करने वाले कर्मचारियों को पहले चेतावनी, फिर एक्शन
- समाजवादी आवास योजना के आवासों को बेहतर बनाना, जैसे रक्षापुरम के जी प्लस फोर आवासों में लिफ्ट लगाने का निर्णय लिया गया
- हेल्पलाइन तैयार करना, जिस पर एमडीए संबंधी शिकायत दर्ज कराई जा सकें
- सीएम की प्राथमिकता के काम। जैसे आईटी पार्क, जुर्रानपुर फाटक, इनर रिंग रोड, साइकिल ट्रैक, मल्टी लेवल पार्किंग जैसे प्रस्तावों को गति देना
- ऐसे प्रस्तावों को फाइनल टच देना जो दूसरे विभागों के अड़ंगाें से अटके हैं। जैसे साइकिल ट्रैक में पीडब्लूडी और इन रिंग रोड में सिंचाई विभाग का रोड़ा है
- जनता की समस्या का त्वरित निस्तारण करना