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इंद्रेश क्यों बोले, आंटी और मैडम जैसे शब्द करते हैं नारी का अपमान

Sun, 17 Jan 2016 02:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Sun, 17 Jan 2016 02:03 AM IST
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Vaishya community program in Meerut

आरएसएस के मुख्य प्रचारक इंद्रेश कुमार ने समाज में बढ़ रहे महिला अपराध के लिए पाश्चात्य संस्कृति को जिम्मेदार ठहराते हुए युवा पीढ़ी के बर्ताव पर तंज कसा है। बोले कि आंटी, मैडम, फ्रैंड जैसे शब्द भारतीय समाज में नारी का अपमान है, जो अपराध बढ़ा रहे हैं। अगर हम समाज को स्वच्छ बनाना चाहते हैं और महिला अपराध रोककर अपनी बहू, बेटियों को सुरक्षित रखना चाहते हैं तो उन्हें मां, बहन, बेटी कहना होगा। इससे रिश्तों में सम्मान आता है।

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शनिवार को पीएल शर्मा स्मारक हॉल में आयोजित वैश्य महासंघ समागम एवं सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में उन्होंने वैश्य समाज को एकता के सूत्र में बंधने का ध्येय वाक्य दिया। कहा कि वैश्य बंधु खुद को महाराजा अग्रसेन का पुत्र कहते हैं तो सभी बंधु एक पिता की संतान हैं। भाई होकर आपस में बैर ठीक नहीं। बोतल, बीड़ी, डंडी को वर्तमान पीढ़ी का नशा बताकर इससे दूरी बनाने का आह्वान किया।
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साथ ही तिल-गुड़ की तरह मिलकर रहने का सूत्र वाक्य दिया। गाय का महत्व बताते हुए उसे वैश्विक पशु बनाए जाने की मांग उठाई। उन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेज की पढ़ाई के अनुभवों को भी साझा किया। इससे पूर्व उन्होंने समारोह का विधिवत शुभारंभ किया। अन्य अतिथियों में स्वदेश भूषण जैन, पूर्व डीजीपी यूपी अरविंद कुमार जैन व पूर्व विधायक अमित अग्रवाल रहे। महासंघ के अध्यक्ष योगेश मोहन गुप्ता, महामंत्री श्रीकृष्ण गुप्ता, कोषाध्यक्ष महेंद्र स्वरूप जैन, उप महामंत्री मुकेश बंसल ने सभी अतिथियों का स्वागत पगड़ी पहनाकर किया।
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महासंघ के अध्यक्ष योगेश मोहन गुप्ता ने वैश्य समाज को सोने का अंडा देने वाली मुुर्गी बनने की बजाय एकता पर बल देने का संदेश दिया। कहा कि अगर एक वैश्य बंधु पर अत्याचार हो तो एक लाख बंधुओं को एकत्र होकर सड़कों पर उतरकर उसका विरोध करना होगा। तभी हम सोने का अंडा देने वाली मुर्गी के शीर्षक से बच पाएंगे। अपने अधिकारों के लिए हमारा एकजुट होना परम जरूरी है। महामंत्री श्रीकृष्ण गुप्ता ने वैश्य महासंघ के कार्यों एवं उद्देश्यों के बारे में बताया। समागम का संचालन कवि सौरभ जैन ने किया। गणेश अग्रवाल, नवनीत गर्ग, ओमकार गुप्ता, साधना मित्तल, नीता गुप्ता, ममता गर्ग, रेखा गुप्ता, अरविंद मारवाड़ी, अमित बंसल, प्रेम प्रकाश गुप्ता, अमन गुप्ता, अंकित सिंघल, सुनील मित्तल, अमित मोहन गुप्ता, नरेश गुप्ता, धर्म कुमार मित्तल, मानव शर्मा सहित समाज के सैकड़ों लोग एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

मैट्रीमोनियल साइट व रोजगार वेबसाइट लांच
समागम में वैश्य महासंघ की ओर से वैश्य बंधुओं के लिए दो वेबसाइट लांच हुई। वैश्य बंधुओं के विवाह योग्य पुत्र-पुत्रियों के लिए मैट्रीमोनियल साइट www.vmsmatrimony.com लांच की गई। इसके जरिए वैश्य बंधु अपने बेटा-बेटी का बायोडाटा वेबसाइट पर अपलोड कर दहेज रहित विवाह के लिए अच्छे वर-वधू की तलाश कर सकेंगे। दूसरी रोजगार संबंधी साइट है www.vmsjobshub.com। इसमें समाज के युवक-युवतियां अपना बायोडाटा अपलोड कर अच्छी नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। साइट के जरिए उन्हें समाज की ओर से अच्छा रोजगार देने का प्रयास किया जाएगा।

वैश्य शिरोमणि सम्मान से विभूतियां सम्मानित :
दयानंद गुप्ता समाजसेवी, धीरेंद्र मोहन गुप्ता, जयप्रकाश अग्रवाल, प्रेमचंद जैन, डॉ. सरोजनी अग्रवाल, डॉ. जेएन गोयल, अभिमन्यु गुप्ता, सुरेश जैन रितुराज, प्रहलाद सिंह सिंघल, डॉ. ओपी अग्रवाल, डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ. संदीप मित्तल, योगेश जैन, सुरेश गुप्ता, अशोक कुमार गोयल, डॉ. अजय रस्तोगी, अशोक कुमार गर्ग, संजय राजवंशी को वैश्य शिरोमणी सम्मान से नवाजा गया। सभी बंधुओं को शॉल, पगड़ी पहनाकर व सम्मान पत्र दिया गया। समाज के उम्रदराज बुजुर्गों को सभी सम्मानित किया गया।

इंद्रेश के खेल पर मुस्कराए वैश्य बंधु
इंद्रेश ने अपने संबोधन के दौरान वैश्य बंधुओं को तीन खेल खिलाए। चेहरे पर मुस्कराहट लाने के लिए लॉफिंग क्रिकेट, नाम स्मरण और दोस्ती पर्यावरण का खेल खिलाया। जिसे खेलकर सभी लोग मुस्कुराने लगे।


निशाना और प्रचार
समागम में बीच-बीच में वर्तमान राजनीति में शामिल वैश्य नेताओं पर निशाना साधा गया। योगेश मोहन गुप्ता ने कहा कि समाज के जो लोग राजनीति में हैं वो या तो समाज को नहीं समझ पाए हैं या फिर समाज के लोग उन जनप्रतिनिधियों को नहीं समझ पाए। इसलिए समाज और हमारे नेताओं में मतभेद है। जाटों, यादवों, दलितों ने अपने बीच से बड़े नेताओं का जन्म किया है। लेकिन वैश्य समाज इतना बड़ा होते हुए भी अपने बीच से एक बड़ा नेता आज तक नहीं दे पाया, जो प्रधानमंत्री, मंत्री या मुख्यमंत्री बने। इंद्रेश कुमार ने भी अपने संबोधन के दौरान कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के अलावा स्टार्टअप योजना पर प्रकाश डाला। 2022 के लिए तय मोदी के सबको मकान अभियान का भी जिक्र करने से नहीं चूके।

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