खाकी की करतूत से हर कोई हैरान, पीड़ित ने शिकायत की तो उड़े अधिकारियों के होश
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खाकी की एक और करतूत सामने आई है। इस बार मामला दो जिलों की पुलिस का है। दरअसल गाजियाबाद और मेरठ की नौचंदी थाना पुलिस ने एक घर में दबिश देकर जमकर उत्पात काटा। आरोप है कि पुलिस ने घर में मौजूद महिलाओं से ना सिर्फ बदतमीज़ी की बल्कि तोड़फोड़ की और बाद में एक युवक को छत से गिराकर उसके दोनों पैर तोड़ दिए। इतना ही नहीं आरोप है कि नौचंदी थाने के एक दरोगा ने हवाई फायरिंग कर दहशत भी फैलाई। पीड़ित पक्ष ने आज एसएसपी ऑफिस पहुंचकर आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इसके बाद एसपी क्राइम ने सीओ सिविल लाइन्स को मामले की जांच सौंप कर तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई में की जाएगी।
नौचंदी थाना क्षेत्र के जैदी चौक निवासी अमीर अहमद का आरोप है कि खोड़ा थाना इलाके की कॉलोनी लोकप्रिय विहार में उनके साले रहते हैं और वहां उनका भी रहना-सहना है। रिश्तेदार ने अपने मकान का एक कमरा दानिश, साकिब व आसिफ और आरिफ आदि निवासी जैदी फार्म को किराए पर दे रखा था। अमीर अहमद का कहना है कि 18 अप्रैल 2018 उसके बेटे दिल्ली गए तो अपनी दोनों स्कूटी मामा के यहां खोड़ा कॉलोनी में खड़ी कर गए। शाम को वापस लौटे तो वहां झगड़ा और पथराव हो रहा था। इस घटना की जानकारी अरशद ने कंट्रोल रूम को दी। झगड़े में घायल और दानिश को साकिब को साथ ले गयी। झगड़े के आरोपित आसिफ और आरिफ मौके से भाग गए।
आरोप है कि पुलिस ने स्कूटी से बरामद दस्तावेजों के आधार पर उसके बेटों असद और अरशद की गलत नामजदगी कर दी। अमीर अहमद का आरोप है कि खोड़ा पुलिस ने घायलों को ही फर्जी मुठभेड़ दिखाकर गिरफ्तार दिखा दिया और सांठगांठ करके फरार आरोपित आसिफ और आरिफ का नाम मुकदमे से निकाल दिया। आरोप है कि मुकदमे के विवेचक ने मोबाइल पर फोन कर धमकी दी कि वह उसके बेटों पर इतने केस लगा देगा कि सारी उम्र जेल में सड़ना पड़ेगा और उसके बेटों पर इनाम घोषित कराकर एनकाउंटर कर देगा।
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आरोप है कि 7 जुलाई की रात 1:30 बजे गाजियाबाद पुलिस ने नौचंदी थाने के दरोगा भुरेन्द्र चौहान के साथ घर में दबिश दी। दरवाजा तोड़कर करीब 20 पुलिसकर्मी अंदर घुस गए, जो शराब के नशे में थे। आरोप है कि पुलिस ने घर की महिलाओं के साथ अभद्रता की। उसने बताया कि उक्त मामले में उसने हाईकोर्ट से अरेस्टिंग स्टे ले रखा है और एसएसपी गाजियाबाद को इसकी कॉपी भी रिसीव करा रखी है।
आरोप है कि दारोगा भुरेन्द्र चौहान ने स्टे कॉपी को फाड़ते हुए उसके साथ मारपीट शुरु कर दी। विवेचक रामपाल छत पर चढ़ गया और जहां उसका बेटा असद मौजूद था। विवेचक ने असद पर जान से मारने की नियत से फायर कर दिया। असद छत से गिर गया, जिससे उसकी दोनों पैर टूट गए। इसके बाद पुलिस धमकी देते हुए चली गयी।
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