यूपी: 50 हजार का इनामी रहा जावेद रटौल पुलिस को चकमा देकर फरार
बागपत में पेशी के दौरान पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की फिर कलई खुल गई। 50 हजार का इनामी रहा जावेद रटौल पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस जावेद को हत्या के मामले में पेशी कराने के लिए लेकर पहुंची थी। पुलिस ने जिले में नाकाबंदी कर बदमाश की तलाश की, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। उस पर विभिन्न थानों में हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी के 15 मुकदमे दर्ज हैं।
रटौल निवासी जावेद पुत्र आकिल को हत्या के मामले में पुलिस जिला कारागार से बुधवार को बागपत कोर्ट में पेशी पर लेकर आई। हवालात से एचसीपी मंतु सिंह शर्मा एडीजे स्पेशल एससी/एसटी कोर्ट लेकर जा रहे थे। इस बीच बंदी जावेद एचसीपी को चकमा देकर फरार हो गया। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने जिले में नाकाबंदी कर बदमाश की तलाश की, लेकिन वह हाथ नहीं लग सका। पुलिस उसकी तलाश में दबिशें दे रही है। पुलिस को जावेद के कपड़े और चप्पल कोर्ट परिसर की सीढ़ियों से बरामद हुए हैं। डॉग स्क्वायर्ड टीम ने कोर्ट में पहुंचकर जांच की। एसपी जयप्रकाश ने बताया कि जावेद शातिर अपराधी है। वह 50 हजार रुपये का इनामी भी रह चुका है। उस पर विभिन्न थानों में हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी के 15 मुकदमे दर्ज हैं। बुधवार को रटौल निवासी हाजी अफसार की हत्या के मामले में पेशी पर लाया गया था। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
सीढ़ियों पर बदले कपड़े, पुलिस के सामने ही भागा
50 हजार का इनामी रह चुका जावेद रटौल जिस तरह से पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ है, उससे लगता है कि उसने कोर्ट से फरार होने की योजना कई दिन पहले ही बनाई होगी। वह एचसीपी मंतु सिंह शर्मा को चकमा देकर कोर्ट परिसर की सीढ़ियों पर तीसरी मंजिल तक पहुंचा। उसने वहां कपड़े बदले। इसके बाद वह गायब हो गया। कोर्ट में उसके लिए कपड़े कौन लेकर आया। पुलिस इस पर भी जांच कर रही है।
एक घंटे तक कैदी को तलाशता रहा एचसीपी
जावेद रटौल एचसीपी के पास से अचानक गायब हो गया। एचसीपी ने अधिकारियों को सूचना दिए बिना, एक घंटे तक उसकी कोर्ट में तलाश की, जब वह नहीं मिला तो उसने अधिकारियों को सूचना दी। इससे एचसीपी की लापरवाही उजागर हो गई है। पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि यह पूरा मामला सेटिंग का तो नहीं है। एसपी जयप्रकाश ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
जेल में रची साजिश, जावेद को क्यों नहीं लगाई हथकड़ी
कोर्ट से पुलिस को चकमा देकर फरार हुए कुख्यात जावेद रटौल ने पुलिस सुरक्षा की पोल खोल कर रख दी है। हवालात से कैदियों को कोर्ट तक ले जाने के लिए पुलिस लापरवाही करती है। कैदियों को बिना हथकड़ी के कोर्ट में लाया जाता है। कुख्यात की सुरक्षा की जिम्मेदारी सिपाहियों पर रहती है। माना जा रहा है कि जेल में ही जावेद ने फरार होने की साजिश रची। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पिछले एक माह में उससे मिलने के लिए जेल में कौन-कौन गया। कोर्ट के मुख्य गेट पर पुलिस चेकिंग के नाम पर खानापूर्ति करती है। कचहरी चौकी पर तैनात पुलिस कर्मी पेड़ों के नीचे आराम करते नजर आते हैं। इसका फायदा उठाकर संदिग्ध लोग आसानी से प्रतिबंधित सामान लेकर अंदर पहुंच जाते हैं।
पहले भी फरार हुए बंदी, कब जागेगी पुलिस
कोर्ट से कैदी भागने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार कोर्ट से कैदी फरार हो चुके हैं, लेकिन पुलिस सबक नहीं ले रही है। कैदी आधा-आधा घंटे तक कोर्ट में खड़े होकर परिचितों से बात करते हैं। यह सब कुछ पुलिस के संरक्षण में होता है। पुलिस अफसर सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने रहते हैं। चर्चित अपराधी भूरा भी बागपत से ही फरार हुआ था।
कुख्यात जावेद रटौल का आपराधिक इतिहास
50 हजार का इनामी रह चुके जावेद रटौल पर खेकड़ा थाने में लूट, हत्या, रंगदारी, जानलेवा हमले के नौ मुकदमे दर्ज हैं। चांदीनगर थाने में हत्या का एक मुकदमा दर्ज है। मेरठ के जानी थाने में लूट, डकैती, 25 आर्म एक्ट के तीन मुकदमे दर्ज हैं। बिजनौर में लूट का एक मुकदमा दर्ज है। हापुड़ में जानलेवा हमले के एक मुकदमा दर्ज है। उसका पिता आकिल भी हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।
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