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थीम बेस्ड रूम करा रहे डिजायन
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Fri, 09 Sep 2016 02:30 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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घर की इंटीरियर डिजायनिंग में अब बच्चों के कमरे को डिजायन कराना भी काफी अहम हो गया है। लोग बच्चों के कमरे को डिजायन कराने के लिए लाखों रुपए खर्च कर रहे हैं। थीम पर किड्स रुम्स डिजायन हो रहे हैं, वहीं स्टडी से जुड़ी डिजायनिंग भी हो रही है। बच्चों के रूम डिजायनिंग के नए स्टाइल और शहर में बढ़ते कल्चर पर फोकस करती यह रिपोर्ट
समुद्र थीम पर कराया रूम डिजायन
शास्त्रीनगर निवासी शालू गोयल ने बच्चों के कमरे को समंदर थीम पर डिजायन कराया है। इसके अलावा कमरे की सीलिंग पर पीओपी की फिश डिजायन कराई है। शालू की बेटी पंखुरी गोयल 12वीं में और बेटा अनंत गोयल 11वीं कक्षा में पढ़ता है। गोल्डन फिश की सीलिंग बनवाई है। इसका मुख्य उद्देश्य फिश वास्तु के अनुसार अच्छा रहता है। मछली हमेशा एक्टिव रहने का मैसेज देती है, साथ ही इसे सुख, शांति, सफलता और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। इसलिए मैंने बच्चाें के रूम में फिश को महत्व दिया। इसके अलावा फ्लोर पर भी समंदर का वॉलपेपर लगवाया है।
कमरे से रिफ्लेक्ट हो एनर्जी
कंकरखेड़ा मॉडल टाउन निवासी डॉ. अर्चना त्यागी को बच्चों का कमरा डिजायन करने में एक साल लगा। डॉ. अर्चना कहती हैं कमरे में सिर्फ टेबल-कुर्सी रखना तो आम बात है, लेकिन हर चीज एक मैसेज दे इसके लिए थोड़ी मेहनत करनी पड़ी। बच्चों का कमरा ऐसा हो जहां से हमेशा पॉजिटिव एनर्जी रिफ्लेक्ट हो। डॉ. अर्चना की बेटी इशिता त्यागी 11वीं की छात्रा है। बेटा इशान सेंट मेरीज स्कूल में 8वीं का छात्र है। डॉ. अर्चना कहती हैं मेरे दोनों बच्चे स्पोर्ट्स से जुडे़े हैं इसलिए मेरी कोशिश थी कि उनका रूम ऐसा हो, जिससे खेल भी जुड़ा हो। रूम में फर्नीचर पर स्पोर्ट्स से जुड़े स्टीकर्स लगवाए हैं। बच्चों के कमरे में रंग का बहुत महत्व है।
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गो अहेड का मैसेज देता इंटीरियर
मयूर विहार निवासी डॉ. कशिका जैन ने बेटी युविका के लिए गो अहेड थीम पर रूम डिजायन कराया है। कशिका कहती हैं बेटी को बचपन से ही सफलता और मेहनत का महत्व बताना चाहती हूं। इसलिए उसक ा रूम इसी तरह डिजायन कराया है। सीलिंग पर कलरफुल बटरफ्लाई डिजायन कराई है। जो हर परिस्थिति में खुलकर उड़ने का संदेश देती है। रूम का फर्नीचर कलरफुल बनाया है। बेटी की पसंद के अनुसार उसकी बेडिंग कार्टून वाली है, स्टेशनरी रैक फ्रूट्स की हैं ताकि बच्चे हेल्थी डाइट को भी जान सकें।
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समुद्र थीम पर कराया रूम डिजायन
शास्त्रीनगर निवासी शालू गोयल ने बच्चों के कमरे को समंदर थीम पर डिजायन कराया है। इसके अलावा कमरे की सीलिंग पर पीओपी की फिश डिजायन कराई है। शालू की बेटी पंखुरी गोयल 12वीं में और बेटा अनंत गोयल 11वीं कक्षा में पढ़ता है। गोल्डन फिश की सीलिंग बनवाई है। इसका मुख्य उद्देश्य फिश वास्तु के अनुसार अच्छा रहता है। मछली हमेशा एक्टिव रहने का मैसेज देती है, साथ ही इसे सुख, शांति, सफलता और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। इसलिए मैंने बच्चाें के रूम में फिश को महत्व दिया। इसके अलावा फ्लोर पर भी समंदर का वॉलपेपर लगवाया है।
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कमरे से रिफ्लेक्ट हो एनर्जी
कंकरखेड़ा मॉडल टाउन निवासी डॉ. अर्चना त्यागी को बच्चों का कमरा डिजायन करने में एक साल लगा। डॉ. अर्चना कहती हैं कमरे में सिर्फ टेबल-कुर्सी रखना तो आम बात है, लेकिन हर चीज एक मैसेज दे इसके लिए थोड़ी मेहनत करनी पड़ी। बच्चों का कमरा ऐसा हो जहां से हमेशा पॉजिटिव एनर्जी रिफ्लेक्ट हो। डॉ. अर्चना की बेटी इशिता त्यागी 11वीं की छात्रा है। बेटा इशान सेंट मेरीज स्कूल में 8वीं का छात्र है। डॉ. अर्चना कहती हैं मेरे दोनों बच्चे स्पोर्ट्स से जुडे़े हैं इसलिए मेरी कोशिश थी कि उनका रूम ऐसा हो, जिससे खेल भी जुड़ा हो। रूम में फर्नीचर पर स्पोर्ट्स से जुड़े स्टीकर्स लगवाए हैं। बच्चों के कमरे में रंग का बहुत महत्व है।
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गो अहेड का मैसेज देता इंटीरियर
मयूर विहार निवासी डॉ. कशिका जैन ने बेटी युविका के लिए गो अहेड थीम पर रूम डिजायन कराया है। कशिका कहती हैं बेटी को बचपन से ही सफलता और मेहनत का महत्व बताना चाहती हूं। इसलिए उसक ा रूम इसी तरह डिजायन कराया है। सीलिंग पर कलरफुल बटरफ्लाई डिजायन कराई है। जो हर परिस्थिति में खुलकर उड़ने का संदेश देती है। रूम का फर्नीचर कलरफुल बनाया है। बेटी की पसंद के अनुसार उसकी बेडिंग कार्टून वाली है, स्टेशनरी रैक फ्रूट्स की हैं ताकि बच्चे हेल्थी डाइट को भी जान सकें।