तकनीक का कमाल : वर्ष 2025 तक 50 शहरों में दौड़ने लगेगी मेट्रो, रैपिड के निर्माण की रफ्तार देख गदगद हुए सचिव
रैपिड रेल का संचालन शुरू होने पर मेरठ के लोग दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट 65 मिनट में पहुंच जाएंगे। कॉरिडोर को इस तरह से डिजाइन किया गया है, ताकि वे दिल्ली के विभिन्न इलाकों से जुड़ सके।
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अगले चार वर्ष में देश आधुनिकता के साथ आगे बढ़ते हुुए शहरी क्रांति लाएगा, जिससे आवागमन आसान हो जाएगा और रफ्तार तेज होने के साथ विकास की तरफ कदम बढ़ेंगे। इसके लिए केंद्र सरकार ने खाका तैयार कर लिया है।
रैपिड रेल का निरीक्षण करने मेरठ पहुंचे केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने नई तकनीकों के साथ चलाई जाने वाली मेट्रो के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्ष-2025 तक 50 शहरों में मेट्रो दौड़ने लगेंगी। इसके लिए मेट्रो लाइट और मेट्रो न्यू चलाने की तैयारी हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि पहली मेट्रो न्यू महाराष्ट्र के नासिक में चलाई जाएगी। इसका प्रस्ताव तैयार होकर कैबिनेट में ले जाने की तैयारी है। ये मेट्रो टायर लगाकर चलेगी। इसमें मेट्रो लाइट से 60 प्रतिशत कम खर्च होता है। मेट्रो लाइट के लिए भी हमने शहरों का चयन किया है।
ये मेट्रो गोरखपुर, प्रयागराज, कोयंबटूर, वडोदरा, राजकोट में चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्ष -2002 से 2014 तक देश में सिर्फ 240 किमी में मेट्रो का संचालन हुआ, लेकिन वर्ष 2014 के बाद पांच वर्षों में ही 240 किमी मेट्रो का संचालन कर दिया गया। इसके अलावा 1060 किमी में मेट्रो का कार्य चल रहा है। वर्ष 2025 तक 1800 किमी में मेट्रो चलाने की तैयारी है। अभी 27 शहरों में मेट्रो का कार्य किया जा रहा है।
चारों तरफ से पानी से घिरे कोच्चि में एक नए मॉडल के तहत वाटर मेट्रो का संचालन शुरू कर दिया गया है। जर्मनी की तकनीक से शुरू की गई इस मेट्रो का सफल संचालन किया जा रहा है। अगले कुछ वर्षों में इसे कोच्चि में 72 किमी में चलाने की तैयारी है।
उत्तर प्रदेश में 150 किमी में चल रही मेट्रो
वर्ष-2014 के बाद उत्तर प्रदेश में तेजी से मेट्रो का विस्तार हुआ है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 35 किमी, कानपुर में हम छह महीने में मेट्रो का संचालन शुरू करेंगे। इसके अलावा आगरा, नोएडा-ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद तक मेट्रो पहुंच चुकी हैं।
थर्ड पार्टी से कराएं पटरियों की जांच : दुर्गा
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्र को मेरठ इलाके में निरीक्षण के दौरान सबसे पहले शताब्दी नगर स्थित कॉस्टिंग यार्ड दिखाया गया। यहां उन्होंने ट्रैक निर्माण ढांचा सहित अन्य कार्यों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि इसकी जांच कैसे करते हैं कि पटरियां कितनी मजबूत हैं? इसके लिए उन्होंने थर्ड पार्टी से जांच कराने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम के एमडी विनय कुमार सिंह ने उन्हें सभी जानकारियां दीं। कॉस्टिंग यार्ड में मेक इन इंडिया के तहत बन रही पटरियों के निर्माण के बारे में भी जानकारी ली। भैसाली अड्डे पर भूमिगत स्टेशन के कार्य की जानकारी चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज त्यागी ने दी।
उन्होंने बताया कि 2022 में भैसाली स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस दौरान सांसद राजेंद्र अग्रवाल, कमिश्नर सुरेंद्र सिंह, एमडीए उपाध्यक्ष मृदुल चौधरी, सचिव प्रवीणा, सिटी मजिस्ट्रेट एस के सिंह और मुख्य जनसंपर्क अधिकारी एनसीआरटीसी पुनीत वत्स मौजूद रहे।
65 मिनट में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, जुड़ी आठ मेट्रो लाइन
रैपिड रेल का संचालन शुरू होने पर मेरठ के लोग दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट 65 मिनट में पहुंच जाएंगे। कॉरिडोर को इस तरह से डिजाइन किया गया है, ताकि वे दिल्ली के विभिन्न इलाकों से जुड़ सके। इसमें रैपिड रेल आठ मेट्रो लाइनों से जोड़ी गई है।