यूपी: सफाई कर्मचारी नहीं लगा सकेंगे फर्जी हाजिरी, शुरू हुआ ये नया नियम
शहर की सफाई के लिए आउट सोर्सिंग पर 2415 सफाई कर्मचारी लगाए गए हैं। इनमें 200 आउट सोर्स सफाई कर्मियों को इसी नवंबर माह से ही लगाया गया है। अभी तक सभी की हाजिरी मस्टररोल पर होती रही है।
इसके कारण पार्षद सफाई कर्मचारियों का ड्यूटी पर न पहुंचना और फर्जी तरीके से वेतन निकाले जाने के आरोप लगाते रहे हैं। कई बार इसकी पुष्टि नगरायुक्त के निरीक्षण के दौरान भी हुई। अब नगर निगम प्रशासन ने काम पर न आने वाले सफाई कर्मचारियों पर शिकंजा कसने के लिए बायोमेट्रिक मशीनें लगा दी हैं।
इसके बावजूद सफाई इंस्पेक्टर और सुपरवाइजर पूरी तरह से मशीनों को चालू नहीं कर पा रहे हैं। जबकि 90 वार्डों में तैनात सफाई इंस्पेक्टर और सुपरवाइजरों को निगम प्रशासन ने बायोमेट्रिक मशीन चलाने की ट्रेनिंग भी दी है।
हमने सभी सुपरवाइजरों को मशीनें बांट दी हैं। कुछ वार्डों में बायोमेट्रिक हाजिरी लगनी शुरू हो गयी है। अगले माह से शत प्रतिशत हाजिरी मशीन पर ही लगेगी। लापरवाही बरतने वाले सुपरवाइजर और सफाई इंस्पेक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त
आधा घंटा लगेगी हाजिरी
हाजिरी में फर्जीवाड़े को खत्म करने के लिए बायोमेट्रिक मशीन का समय भी आधा घंटे रखा गया है। यानी सुबह सात बजे मशीन का आटोमेटिक लॉक खुलेगा और साढ़े सात बजे बंद हो जाएगा। इसी आधा घंटे के बीच में सुपरवाइजर को सभी सफाई कर्मचारियों की हाजिरी लगवानी होगी। ऐसे में मशीन को किसी के घर ले जाकर हाजिरी लगवाने का रास्ता भी बंद हो गया है।
वार्ड 89 व 90 में आज से सफाई अभियान
स्वच्छता सर्वेक्षण में मेरठ शहर को प्रथम स्थान दिलाने के लिए नगर निगम आज से विशेष सफाई अभियान चला रहा है। इसके तहत हर वार्ड की सफाई, टूटी सड़कों की मरम्मत और नयी बनने वाली सड़कों का निरीक्षण किया जाएगा। पेयजल, सीवर संबंधी समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया जाएगा।
महापौर सुनीता वर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान लोगों को प्रेरित किया जाएगा कि वह आवास के आसपास गंदगी न फैलने दें तथा कूड़ा निर्धारित स्थल पर ही डालें। मेरठ को स्वच्छ, सुंदर बनाने में निगम परिवार जनता से भी सहयोग मांगेगा। स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 को लेकर अभियान की शुरूआत वार्ड 90 व 89 (भूमिया पुल से रशीद नगर मार्ग तक) की जाएगी।