अतुल प्रधान को झटका: क्या थामेंगे BJP का दामन? चर्चाओं पर लगा विराम, पढ़िए-अखिलेश के फैसले पर क्या बोले विधायक
Election 2024 : सपा ने आखिरकार मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर सुनीता वर्मा को उम्मीदवार बना दिया। इससे सपा विधायक अतुल प्रधान को झटका लगा है। वहीं, चर्चा चली कि अतुल भाजपा में जाएंगे। लेकिन अफवाहों पर विराम लगाते हुए अतुल प्रधान ने अखिलेश के फैसले पर यह बड़ी बात कही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश की मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर सपा को प्रत्याशी तय करने में काफी खींचतान का सामना करना पड़ा है। 18 घंटे तक चली खींचतान के बाद आखिरकार सपा नेता योगेश वर्मा की पत्नी व पूर्व मेयर सुनीता वर्मा को उम्मीदवार घोषित किया गया है। हालांकि, इस सीट पर शुरू से ही दावा ठोक रहे विधायक अतुल प्रधान को झटका लगा है।
वहीं, चर्चा यह भी चली थी कि अतुल प्रधान विधायकी छोड़कर सपा से इस्तीफा दे सकते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा था किया क्या अतुल प्रधान भाजपा में जाएंगे? लेकिन इस सवाल पर विराम लगाते हुए अतुल प्रधान ने कहा कि राजनीति में और सामाजिक जीवन में कई बार अलग-अलग तरह के मोड़ आते हैं। मैं समझता हूं कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जब ये फैसला लिया तो बहुत कुछ सोचा समझा होगा।
अतुल प्रधान बोले- राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सोचकर लिया होगा फैसला
समाजवादी पार्टी छोड़ने की अफवाहों पर विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि राजनीति में और सामाजिक जीवन में कई बार अलग-अलग तरह के मोड़ आते हैं। मैं समझता हूं कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जब ये फैसला लिया तो बहुत कुछ सोचा समझा होगा। शायद इसलिए हमें बुलाकर कहा कि हम पार्टी के पुराने कार्यकर्ता हैं। मेरा मानना यही है कि पार्टी ने जो फैसला किया है उसे स्वीकार करेंगे। दोनों लोगों की सहमति बनाकर फैसला लिया। पार्टी ने जो प्रत्याशी तय किया है, उसका समर्थन करेंगे।
यह भी पढ़ें: UP: सपा ने मेरठ सीट पर अब सुनीता वर्मा को दिया मौका; अतुल प्रधान ने दी पार्टी को चेतावनी, फिर बैकफुट पर आए
सपा से सात दावेदारों ने लिए थे नामांकन पत्र
सपा के सात लोगों ने नामांकन पत्र लिए थे। इनमें भानु प्रताप सिंह, अतुल प्रधान और उनकी पत्नी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान, योगेश वर्मा और उनकी पत्नी पूर्व महापौर सुनीता वर्मा। इनके अलावा रफीक अंसारी और आकिल मुर्तजा शामिल रहे।
यह भी पढ़ें: Lok Sabha Election: पिछलों चुनावों में कैसा रहा गठबंधन का हाल? पश्चिम की सीटों के आंकड़ों पर डालें नजर