अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष: नारी शक्ति में धैर्य अपार, घर से ऑफिस तक निभा रहीं जिम्मेदारी
अपनी योग्यता, मेहनत, धैर्य और दृढ़ इच्छा शक्ति के बल पर आज की नारी ने हर क्षेत्र में अपना लोहा मनवाया है।
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अपनी योग्यता, मेहनत, धैर्य और दृढ़ इच्छा शक्ति के बल पर आज की नारी ने हर क्षेत्र में अपना लोहा मनवाया है। वह अपने हर सपने को साकार करने में लगी हैं। बात प्रशासन चलाने की हो या शिक्षा की, हर ओर इनका जलवा है। कमिश्नर मेरठ मंडल सेल्वा कुमारी हैं। पीवीवीएनएल एमडी ईशा दुहान, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी का पदभार आशा चौधरी संभाल रही हैं।
दो परिवार ही नहीं, समाज आगे बढ़ता है
मंडलायुक्त सेल्वा कुमारी जे 2006 बैच की आईएएस अफसर हैं। पहले बरेली मंडल की आयुक्त थीं। वह अलीगढ़, मुजफ्फरनगर, फिरोजाबाद, इटावा, फतेहपुर, बहराइच, कन्नौज, कासगंज की जिलाधिकारी रह चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं। एक महिला के आगे आने से न सिर्फ उसका व उसके पति का परिवार आगे बढ़ता है, बल्कि पूरा समाज आगे बढ़ता है।
महिला जन्म से ही सशक्त
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने कहा कि महिला जन्म से सशक्त होती है, लेकिन समय और परिस्थिति के अनुसार महिलाओं को और सशक्त होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज देवी के रूप में महिलाओं को पूजता है। समाज को महिलाओं के प्रति अपनी सोच को बदलना होगा, क्योंकि महिलाएं सशक्त हो रही हैं।
कुशल कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं ईशा दुहन
पीवीवीएनएल एमडी ईशा दुहन 2014 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। यूपीएससी की परीक्षा में उन्होंने 59वीं रैंक हासिल की थी। 5 जुलाई 2018 से 11 फरवरी 2021 तक वह मेरठ में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर तैनात रहीं। वह अपनी सकारात्मक सोच वाली कार्यशैली व दृढ़ निश्चय के साथ कार्य करने की काबिलियत के लिए जानी जाती हैं। वह मूलरूप से हरियाणा के पंचकुला की रहने वाली हैं।
जिम्मेदारी बखूबी निभा रहीं डॉ. निवेदिता
आरजी कॉलेज प्राचार्य डॉ. निवेदिता मलिक का कहना है कि शिक्षा से किसी भी वर्ग को सशक्त बनाया जा सकता है। महिला यदि किसी जिम्मेदार पद पर है तो वह अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाती है। उसे वहां तक पहुंचाने के लिए बस थोड़े सहयोग भर की आवश्यकता है। उसपर विश्वास करने की जरूरत है, फिर वह चांद तक भी पहुंच सकती है।
बेटियों की क्षमता पर भरोसा करें
कनोहर लाल गर्ल्स पीजी कॉलेज प्राचार्य डॉ. अलका का कहना है कि समाज और परिवार ने जब भी विश्वास दिखाया, महिलाओं ने अपने आपको बढ़चढ़ कर साबित किया है। आधी आबादी ने पूरी शिद्दत से भागीदारी हर क्षेत्र में निभाई है। मेरा संदेश है कि समाज और परिवार बेटियों की क्षमता पर भरोसा रखकर उसे आगे बढ़ाएं।
भजन और लोक गायन में बनाया कॅरिअर
नितिका शर्मा के भजन और गीत सभी को खूब पसंद आ रहे हैं। शादी के बाद उन्होंने बचपन से चली आ रही रुचि को आगे बढ़ाने का काम किया। आज मेरठ की प्रसिद्ध भजन और लोक गायिका में वह गिनी जाती हैं। नीतिका शर्मा अपने सनातन सभ्यता को भी आगे बढ़ा रही हैं। उनका कहना है कि बेटियाें को सक्षम बनाएं। उन्हें बढ़ने दें।