यूपी: बस की सीट के नीचे नवजात बच्ची को छुपाकर कलयुगी मां फरार
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एक कलयुगी मां अपनी नवजात बच्ची को बस में सीट के नीचे छुपाकर फरार हो गई। बस सवार एक महिला की नजर सीट के नीचे पड़ी, तो उसको कपड़े में लिपटी हुई बच्ची मिली। उसने बच्ची के बारे में जानकारी की, लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। पुलिस को सूचना देने पर बच्ची को चाइल्ड केयर समिति के सुपुर्द कर दिया गया। यह घटना उत्तर प्रदेश के शामली जिले की है।
घटना शुक्रवार रात करीब दस बजे की है। भूरी नामक महिला पानीपत से हरियाणा रोडवेज डिपो की बस से कैराना में रिश्तेदारी में आ रही थी। कैराना में विजय सिंह पथिक राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पास पहुंची और बस रोकने के लिए कहा, तो उसे सीट के नीचे एक कपड़ा दिखाई दिया। महिला ने कपड़ा उठाकर देखा, तो उसमें नवजात बच्ची लिपटी हुई मिली। महिला ने बच्ची को उठाकर बस चालक व परिचालक को जानकारी दी। चालक ने बच्ची का वारिस नहीं होने के चलते महिला को कहा कि वह पुलिस को सूचना दे दे। इसके बाद सड़क किनारे मिली ब्लाक कालोनी निवासी सुशीला से इस बारे में बताया और लावारिस बच्ची को उसे सौंप दी। जब वह दोनों महिलाएं बातचीत कर रही थीं, तभी वहां से गुजर रहे पुलिसकर्मी आकर रुके। महिलाओं ने बताया कि बच्ची 15 दिन की जन्मी हुई लगती है। उसकी हालत खराब थी। मौके पर काफी लोग इकट्ठा हो गए। इस पर पुलिस ने बच्ची को ब्लॉक कॉलोनी निवासी वीर प्रताप चौहान के सुपुर्द कर दिया। रात में ही वीर प्रताप बच्ची को उपचार हेतु डाक्टर के पास ले गया।
शनिवार को वीर प्रताप चौहान कैराना कोतवाली पहुंचे तथा कोतवाली प्रभारी भगवत सिंह को बताया कि बच्ची की हालत में पहले से अब सुधार है, जिसका उपचार चल रहा है। इसके बाद पुलिस ने बाल कल्याण समिति को इसकी सूचना दी। शाम करीब पांच बजे बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष शोभा, चाइल्ड लाइन से जुड़ी दिव्या बालियान और कोआर्डिनेटर सतेंद्र कुमार कैराना कोतवाली पहुंचे। लिखापढ़ी करने के बाद बच्ची को चाइल्ड लाइन अपने साथ ले गई। दिव्या बालियान ने बताया कि फिलहाल बच्ची चाइल्ड लाइन के पास रहेगी तथा इसके परिजनों को भी तलाशने का प्रयास किया जाएगा।
परवरिश हम करेंगे तो बच्ची हमारे ही पास रहेगी
शुक्रवार रात से शनिवार शाम तक बच्ची को अपने पास रखने वाले वीर प्रताप चौहान से जब पुलिस ने कहा कि बच्ची को फिलहाल अपने पास ही रखो। इस पर वीर प्रताप ने कहा कि मेरे घर में तीन बच्चे और भी हैं। मैं इस बच्ची को अपने पास रखने और परवरिश करने को भी तैयार हूं। अपनी अन्य औलाद की तरह ही इसकी परवरिश करूंगा, लेकिन फिर ऐसा नहीं होना चाहिए कि जब हमें इस बच्ची से लगाव हो जाए, तो इसको हमसे अलग कर दिया जाए। हालांकि शाम को चाइल्ड लाइन टीम बच्ची को अपने साथ ले गई।
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