शाहिद अखलाक का 14 माह का ‘वनवास’ खत्म! जल्द होगी इस पार्टी में वापसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाथी की सवारी से उतारे गए पूर्व सांसद हाजी शाहिद अखलाक का 14 माह का वनवास अब समाप्त होने को है। बसपा सुप्रीमो ने उन्हें फिर से पार्टी ज्वाइन कराने पर हरी झंडी दे दी है। इसी सप्ताह वह कोई बड़ा सम्मेलन कर इसकी विधिवत घोषणा कर सकते हैं।
शाहिद अखलाक का बसपा से पुराना नाता है। बसपा के टिकट पर ही वे सांसद बने, मेयर बने। बाद में नाराज होकर अपनी पार्टी बनाई, लेकिन फिर बसपा में लौट आए। 2014 में मेरठ लोकसभा से मजबूती से चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। 28 सितंबर 2016 को शाहिद अखलाक ने तत्कालीन दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री आशु मलिक के साथ लखनऊ जाकर सीएम अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। उनकी उस मीटिंग का फोटो व्हाट्सएप पर सार्वजनिक हुआ, तो बसपाइयों में हड़कंप मच गया। बसपा नेताओं ने यह फोटो सुप्रीमो मायावती के दरबार में पेश कर दी। इसके बाद शाहिद और उनके भाइयों को पार्टी से निकाल दिया गया। तर्क दिया गया कि शाहिद खुद को राज्यसभा भेजने की जिद कर रहे थे और दबाव बना रहे थे। दूसरी ओर से सफाई दी गई कि शाहिद अखलाक मीट कारोबारी हैं। उनकी मीट फैक्ट्रियां हैं, जिनके तमाम लाइसेंसों की स्वीकृति चाहिए। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से जुड़े प्रकरण को लेकर वे सीएम से मिले थे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि बसपा सुप्रीमो से मुलाकात हो गई है। इस सप्ताह नहीं, तो 15 जनवरी को बसपा सुप्रीमो के जन्मदिवस पर वह पार्टी ज्वाइन कर सकते हैं।
राशिद के टिकट पर दावेदारी की चर्चा
दक्षिण सीट पर शाहिद के भाई राशिद को उम्मीदवार घोषित किया गया था। जब शाहिद और राशिद को पार्टी से बाहर किया गया, तो याकूब कुरैशी को दक्षिण से उम्मीदवार बनाया गया। सियासी हलको में यह चर्चा है कि यदि शाहिद वापस आए, तो क्या फिर से टिकट पर दावेदारी होगी।
सपा के दंगल का फायदा उठाने की रणनीति
बसपा की सोशल इंजीनियरिंग का फार्मूला बिना मुस्लिमों के संभव नहीं है। जिस तरह से सपा में दंगल चल रहा है, उसे देखते हुए बसपा इसका फायदा उठाने की तैयारी में है। सभी कोऑर्डिनेटरों को अलर्ट कर दिया गया है कि वे मुस्लिमों को अपनी ओर करने का पूरा प्रयास करें।
मायावती के जन्मदिन पर होंगी जनसभाएं
सोमवार को बसपा कार्यालय पर बैठक हुई, जिसमें निर्णय हुुआ कि बसपा सुप्रीमो मायावती का जन्मदिन 15 जनवरी को विधानसभा वार मनाया जाएगा। वेस्ट यूपी प्रभारी अतर सिंह राव ने कहा कि विधानसभावार जनसभाएं की जाएं और कार्यक्रमों में ज्यादा से ज्यादा लोग शिरकत करें। केक कटेगा और लड्डू वितरण होगा। प्रोजेक्टर के जरिये बसपा सुप्रीमो का भाषण सुनवाया जाएगा। बैठक में जिलाध्यक्ष अश्वनी जाटव, रविदास, रामकुमार असनावड़े, प्रमोद खड़ौली, संजय टांक, अंकुर गुप्ता, महावीर प्रधान, दीपक राणा, भारतवीर गुर्जर आदि मौजूद रहे।