फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Sfedposhon black sport in the shadows

सफेदपोशों के साये में काला खेल

Wed, 20 Apr 2016 02:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ Updated Wed, 20 Apr 2016 02:02 AM IST
विज्ञापन
Sfedposhon black sport in the shadows
अवैध खनन - फोटो : अमर उजाला
सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद खनन जोरों पर है। इसके पीछे पुलिस और प्रशासनिक तंत्र को पंगु बनाने के लिए सफेदपोशों का खुला संरक्षण प्राप्त है। जनपद में जितनी जगह भी अवैध खनन चल रहा है, उनमें से आधे से ज्यादा को कुछ बड़े नेता संरक्षण दे रहे हैं। जिनके दबाव में कार्रवाई होना तो दूर पुलिस या विभागीय अधिकारी वहां झांकते भी नहीं हैं। यही कारण है कि खेतों को जगह-जगह तालाब में तब्दील कर दिया गया है। 
विज्ञापन

 

प्रतिबंधित है, फिर भी खनन
रात
गहराते ही खनन माफिया सक्रिय हो जाते हैं। खेत मालिक से मिट्टी खरीदकर मशीनों से खनन शुरू हो जाता है। रात 11 बजे से तड़के 4 बजे तक चलने वाले इस खनन की मिट्टी सुबह 7 बजे तक तय स्थानों पर पहुंचा दी जाती है। जो अधिकांश निर्माणाधीन कॉलोनियाें के भराव में प्रयोग होती है।

विज्ञापन

दरअसल सरकारी रास्तों के निर्माण आदि के लिए तो मिट्टी खनन की अनुमति मिल जाती है, लेकिन प्राइवेट कामों के लिए यह पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे में बड़े स्तर पर कॉलोनियों के भराव में यह मिट्टी प्रयोग होती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

 

बना रखे हैं गोदाम 
कुछ
खनन माफियाओं ने मिट्टी के गोदाम भी बना रखे हैं। हापुड़ रोड के पास फतेहउल्लापुर में एक बड़े भूखंड में खनन माफिया ने मिट्टी का गोदाम बनाया हुआ है। जहां पर तड़के पांच बजे तक डंपर मिट्टी लाकर डाल देते हैं। यहां से यह मिट्टी डंपर या ट्रैक्टर ट्राली में मांग के अनुसार सप्लाई होती रहती है। एक डंपर 3 हजार से 35 सौ रुपये और ट्राली दो हजार रुपये तक की बिकती है। 

 

सफेदपोशों के दबाव में पुलिस मौन
पुलिस
इस मामले में जानकारी के बावजूद सफेदपोशों के दबाव में कार्रवाई नहीं करती है। ‘अमर उजाला’ ने जब उस नंबर का पता किया, जिसने शिकायतकर्ता से खनन की जानकारी लेने के बाद कुछ नहीं किया तो पता चला कि उक्त नंबर भावनपुर थाना क्षेत्र की हसनपुर पुलिस चौकी के एक सिपाही का था। लेकिन उक्त सिपाही ने सटीक सूचना के बावजूद कुछ नहीं किया। सूत्रों की मानें तो भावनपुर, किठौर और खरखौदा थाना क्षेत्र में खनन एक बड़े नेता के संरक्षण में हो रहा है। 


 

शहर में भी यही हाल 
बेगमपुल
पर एक निर्माणाधीन कांप्लेक्स के बराबर में बेसमेंट बनाने की तैयारी हो रही है। यहां पर भारी मात्रा में खनन हो चुका है, जो आते-जाते सभी को नजर आ रहा है। लेकिन इस तरफ किसी ने भी ध्यान नहीं दिया है। जब इस मामले में खनन विभाग से जुड़े लोगों से पूछताछ की तो उन्होंने कहा कि इसके पीछे एक बड़े नेता हैं, जिस कारण वह सीधे कार्रवाई नहीं कर सकते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed