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सपा में समझौते से प्रत्याशियों में खलबली, मेरठ की इन सीटों पर दावेदारों का बदला जाना तय
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Updated Sun, 01 Jan 2017 05:52 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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सपा में टिकट बंटवारे को लेकर उठी रार तो थम गई, लेकिन अब सपा के प्रत्याशियों में खलबली मची है। मुलायम सिंह यादव, शिवपाल यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बीच विवाद थमने के बाद कई सीटों पर दावेदारों का बदला जाना तय हो गया है।
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किठौर, हस्तिनापुर और सिवालखास विधानसभा सीट पर इस समय सपा के विधायक हैं और इन्हें सीएम अखिलेश और प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल की सूची में रखा गया। बाकी चार सीटों पर असमंजस की स्थिति है। हालांकि, दक्षिण सीट पर आदिल चौधरी को प्रत्याशी घोषित किया गया है और उन्हें किसी ने नहीं छेड़ा है। लेकिन, सरधना, कैंट और शहर सीट को लेकर घमासान मचा है। सरधना सीट पर सबसे ज्यादा विवाद है। अखिलेश यादव ने यहां से अपने करीबी और पिछला चुनाव लड़ चुके अतुल प्रधान को प्रत्याशी घोषित किया था। शिवपाल ने अतुल का टिकट काटकर अपने खास पिंटू राणा को प्रत्याशी बना दिया। इसके बाद अतुल ने पिंटू और शिवपाल पर खुलकर हमले करने शुरू कर दिए। ऐसे में अब इस सीट पर सभी की नजर है।
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वहीं कैंट क्षेत्र से अखिलेश यादव ने परविंदर सिंह ईशु को प्रत्याशी बनाया, तो शिवपाल यादव ने उन्हें हटाकर आरती अग्रवाल को उम्मीदवार घोषित कर दिया। जबकि, शहर सीट पर पिछले चुनाव में कांटे की टक्कर के बाद हारे रफीक अंसारी को अखिलेश ने प्रत्याशी घोषित किया, तो शिवपाल ने उनका नाम काटकर अयूब अंसारी को टिकट दे दिया।
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गठबंधन के कयास में सीट पर नजर
सपा विधानसभा चुनाव में अभी भी गठबंधन कर सकती है। उसका कांग्रेस और रालोद से गठबंधन होता है, तो जिले की दो सीटों पर सपा समझौता कर सकती है। हालांकि, विवाद के पटाक्षेप के बाद गठबंधन की संभावनाएं भी कम नजर आ रही हैं। बावजूद इसके सियासी हलके में जबर्दस्त चर्चा है कि सपा के साथ कांग्रेस, रालोद और जेडीयू मिलकर चुनावी मैदान में उतर सकती है।
फिलहाल सपा प्रत्याशी हूं
पिंटू राणा, प्रत्याशी सरधना
फिलहाल मैं सपा का प्रत्याशी हूं। राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव या शिवपाल यादव जो भी फैसला लेंगे, मुझे सहर्ष स्वीकार होगा। टिकट को लेकर पार्टी का निर्णय सर्वमान्य होगा। खुशी यह है कि सब एकजुट हो रहे हैं और विवाद खत्म हो रहा है। - पिंटू राणा, प्रत्याशी सरधना
आज स्पष्ट होगी तस्वीर
अयूब अंसारी, प्रत्याशी शहर सीट
- फोटो : अमर उजाला
पार्टी आलाकमान का जो भी फैसला होगा, वही मंजूर होगा। दरअसल, एक जनवरी को होने वाले अधिवेशन के बाद ही स्थिति साफ होगी। पार्टी से बड़ा कोई नहीं। अब सब एक हैं। ऐसे में पार्टी मजबूत होगी। - अयूब अंसारी, प्रत्याशी शहर सीट