फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   santhagat prasav

संस्थागत प्रसव, जननी सुरक्षा योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी

Wed, 07 Dec 2016 02:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 07 Dec 2016 02:35 PM IST
विज्ञापन
santhagat prasav
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
स्वास्थ्य विभाग की योजनाएं लापरवाही की भेंट चढ़ गई हैं। जिले में संस्थागत प्रसव और जननी सुरक्षा योजना की हालत खस्ता है। चिकित्सकों की मनमर्जी पोस्टिंग और भ्रष्टाचार के कारण पूरी व्यवस्था धड़ाम हो गई है। अब अधिकारियों को जिला प्रशासन से लेकर शासन तक में शर्मिंदा होना पड़ रहा है।
विज्ञापन

तमाम प्रोग्रामों से जुड़े नोडल ऑफिसर महज खानापूर्ति करने में लगे हैं। अप्रैल से अक्तूबर तक 12727 संस्थागत प्रसव हुए हैं, यह जिले में होने वाले प्रसव का केवल 21 फीसदी है। अब दो सवाल खड़े होते हैं, कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से तमाम कार्यक्रम संचालित होने के बावजूद समुचित वर्ग को संस्थागत प्रसव कराने का लाभ नहीं मिल पा रहा है। या फिर विभाग आंकड़े नहीं जुटा पा रहा है। ऐसे में विभाग ने तर्क रखा है कि निजी अस्पताल व नर्सिंग होम के आंकड़े इसमें शामिल नहीं है, जिस कारण से संस्थागत प्रसव कम हैं, लेकिन इस तर्क के बाद विभाग के सिस्टम पर सवाल खड़ा हो गया है। क्योंकि प्रसव के बाद टीकाकरण की जिम्मेदारी भी विभाग की है। टीकाकरण के आंकड़े 52 फीसदी तक दिखाए जा रहे हैं।
विज्ञापन


यहां भी हालत खराब
संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए सरकार गर्भवती महिला और आशा को प्रोत्साहन धनराशि देती है। लेकिन प्रोत्साहन राशि पाने के लिए लोगों को चक्कर काटने पड़ रहे हैं। अप्रैल से अक्तूबर तक 12727 प्रसव हुए, जिसमें से 8600 महिला को ही प्रोत्साहन राशि मिली है, जो 68 प्रतिशत ही बैठता है। आशा को दिये जाने वाले भुगतान का भी यही हाल है। संस्थागत प्रसव के कुल मामलों में से 6932 आशा को ही प्रोत्साहन राशि मिल पाई है, यानी महज 54 प्रतिशत को। स्वास्थ्य विभाग तर्क देता रहा है कि प्रसव के बाद महिला को प्रोत्साहन राशि जारी करने में तमाम दिक्कतें रहती हैं। किसी का अपना एकाउंट नहीं होता है तो किसी के डाक्यूमेंट पूरे नहीं होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed