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विधानसभा चुनाव: सांप्रदायिक बवाल को रोकने के लिए पुलिस बनाएगी भाईचारा कमेटी
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Updated Sun, 18 Dec 2016 06:17 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने हैं। खुफिया रिपोर्ट के अनुसार चुनावी समीकरण बनाने के लिए शरारती तत्वों के जरिये बड़ा बवाल किया जा सकता है। प्रदेश में लचकती कानून व्यवस्था पर कुछ राजनीति पार्टियां के नेता चुनावी माहौल बनाने में लगे हैं। इसको देखते हुए पुलिस की एक टीम शहर-देहात में भाईचारा कमेटी बनाएगी, जबकि दूसरी पुलिस टीम अपराध पर वर्क करने में लगाई गई है।
पश्चिम उत्तर प्रदेश में अपराध पर शिकंजा कसना और सांप्रदायिक सौहार्द बनाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। वारदात की सूचना पर तुरंत पुलिस का पहुंचना और स्थिति को कंट्रोल करने के लिए यूपी-100 की शुरुआत की गई है। वहीं सांप्रदायिक घटना पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने आम जनता के साथ भाईचारा कमेटी बनाने की तैयारी की है। शहर में कॉलोनी, गली मोहल्ले और देहात में गांव-गांव में लोगों को कमेटी से जोड़ा जाएगा।
एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने बताया कि भाईचारा कमेटी में 120 पुलिसकर्मी अलग से लगेंगे। संबंधित थाना पुलिस के सिपाही, दरोगा भी अलग से शामिल होंगे। नोडल अधिकारी सर्किल के सीओ बनेंगे। सीओ भाईचारा कमेटी में मेंबर होंगे। सप्ताह या महीना में भाईचारा कमेटी की मीटिंग होगी। जिसमें आम लोगों की समस्या पर बात होगी। एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने कहा कि यूपी-100 से पुलिस को बहुत मदद मिली है। इसको देखते हुए ही भाईचारा कमेटी बनाकर शहर और देहात में लोगों से तालमेल बढ़ाया जाएगा।
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थानों में रजिस्टर बनकर तैयार
पुलिस के मुताबिक 2012 में हुए विधानसभा को देखते पुलिस ने पुराने विवादित रिकॉर्ड खंगाल नए रजिस्टर बनाए गए हैं। जिसमें विवादित लोगों को दोबारा से अंकित कर कई नए लोगों को भी शामिल किया गया है। यह प्रक्रिया शहर और देहात के सभी थानों में लगभग पूरी कर ली गई है। पुलिस ने बताया कि उसी के आधार पर फोर्स लगाई जाएगी। विवादित प्वाइंटों पर जिम्मेदार लोगों से पहले से ही बातचीत कर ली जाएगी।
विवादित मतदान बूथ का बना प्लान
विवादित मतदान बूथ का पुलिस ने इस बार अलग प्लान तैयार कर लिया है। वहां के स्थानीय लोगों के साथ पुलिस पहले मीटिंग करेंगी। विवाद करने वाले लोगों को भाईचारा कमेटी में शामिल करेगी। मतदान के दौरान अगर कोई विवाद होता है तो उसको शांत करने में भाईचारा कमेटी पुलिस की मदद करेगी। पुलिस ने विवादित मतदान केंद्रों में ज्यादा भाईचारा कमेटी बनाने और उनके साथ मीटिंग करने की प्लानिंग की है।
खुफिया विभाग भी हुआ अलर्ट
विधानसभा चुनाव का माहौल देखते खुफिया विभाग भी अलर्ट हो गया है। रोजाना अपनी रिपोर्ट शासन को भेजने लगा है। खुफिया विभाग का दावा है कि कुछ राजनीति लोग चुनाव से पहले वेस्ट यूपी में माहौल खराब कराने की कोशिश में हैं। छेड़छाड़ की वारदात या अन्य छोटी छोटी आपराधिक वारदात लेकर चुनावी समीकरण बनाने का काम भी चल रहा है।
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पश्चिम उत्तर प्रदेश में अपराध पर शिकंजा कसना और सांप्रदायिक सौहार्द बनाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। वारदात की सूचना पर तुरंत पुलिस का पहुंचना और स्थिति को कंट्रोल करने के लिए यूपी-100 की शुरुआत की गई है। वहीं सांप्रदायिक घटना पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने आम जनता के साथ भाईचारा कमेटी बनाने की तैयारी की है। शहर में कॉलोनी, गली मोहल्ले और देहात में गांव-गांव में लोगों को कमेटी से जोड़ा जाएगा।
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एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने बताया कि भाईचारा कमेटी में 120 पुलिसकर्मी अलग से लगेंगे। संबंधित थाना पुलिस के सिपाही, दरोगा भी अलग से शामिल होंगे। नोडल अधिकारी सर्किल के सीओ बनेंगे। सीओ भाईचारा कमेटी में मेंबर होंगे। सप्ताह या महीना में भाईचारा कमेटी की मीटिंग होगी। जिसमें आम लोगों की समस्या पर बात होगी। एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने कहा कि यूपी-100 से पुलिस को बहुत मदद मिली है। इसको देखते हुए ही भाईचारा कमेटी बनाकर शहर और देहात में लोगों से तालमेल बढ़ाया जाएगा।
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थानों में रजिस्टर बनकर तैयार
पुलिस के मुताबिक 2012 में हुए विधानसभा को देखते पुलिस ने पुराने विवादित रिकॉर्ड खंगाल नए रजिस्टर बनाए गए हैं। जिसमें विवादित लोगों को दोबारा से अंकित कर कई नए लोगों को भी शामिल किया गया है। यह प्रक्रिया शहर और देहात के सभी थानों में लगभग पूरी कर ली गई है। पुलिस ने बताया कि उसी के आधार पर फोर्स लगाई जाएगी। विवादित प्वाइंटों पर जिम्मेदार लोगों से पहले से ही बातचीत कर ली जाएगी।
विवादित मतदान बूथ का बना प्लान
विवादित मतदान बूथ का पुलिस ने इस बार अलग प्लान तैयार कर लिया है। वहां के स्थानीय लोगों के साथ पुलिस पहले मीटिंग करेंगी। विवाद करने वाले लोगों को भाईचारा कमेटी में शामिल करेगी। मतदान के दौरान अगर कोई विवाद होता है तो उसको शांत करने में भाईचारा कमेटी पुलिस की मदद करेगी। पुलिस ने विवादित मतदान केंद्रों में ज्यादा भाईचारा कमेटी बनाने और उनके साथ मीटिंग करने की प्लानिंग की है।
खुफिया विभाग भी हुआ अलर्ट
विधानसभा चुनाव का माहौल देखते खुफिया विभाग भी अलर्ट हो गया है। रोजाना अपनी रिपोर्ट शासन को भेजने लगा है। खुफिया विभाग का दावा है कि कुछ राजनीति लोग चुनाव से पहले वेस्ट यूपी में माहौल खराब कराने की कोशिश में हैं। छेड़छाड़ की वारदात या अन्य छोटी छोटी आपराधिक वारदात लेकर चुनावी समीकरण बनाने का काम भी चल रहा है।