{"_id":"574f3eb94f1c1b610a108d7c","slug":"rubber-factory","type":"story","status":"publish","title_hn":"रबड़ फैक्ट्री संचालक ने भी दम तोड़ा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रबड़ फैक्ट्री संचालक ने भी दम तोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jun 2016 01:31 AM IST
विज्ञापन
फैक्ट्री संचालक देवेंद्र शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
परतापुर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित प्रिंस रबड़ फैक्ट्री में हुए अग्निकांड में झुलसे फैक्ट्री संचालक देवेंद्र शर्मा ने भी बुधवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया। उनकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया। कई उद्यमी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। इस हादसे में अब तक पांच लोग की मौत हो चुकी है।
विगत 20 मई को फैक्ट्री में लगी आग से फैक्ट्री मालिक देवेंद्र शर्मा समेत फैक्ट्री में काम करने वाले आठ कर्मचारी झुलसे थे। इनमें से कैलाश पुत्र सतपाल की 20 मई की रात को ही मौत हो गई थी। 26 मई को गुलफाम पुत्र इश्तियाक निवासी अब्दुल्लापुर, भुवन पुत्र सुुंदर निवासी घाट, परतापुर और सरोज उर्फ राजो पत्नी मदन निवासी रिठानी ने भी दम तोड़ दिया था।
बुधवार शाम पौने छह बजे देवेंद्र की मौत की सूचना मिलने पर अस्पताल में ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। शहर के उद्यमी भी परिजनों को सांत्वना देने पहुंच रहे थे। देर शाम पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस हादसे में झुलसे ऋषिपाल पुत्र देवी सहाय निवासी परतापुर का केएमसी अस्पताल और अंकित व विनोद का मेडिकल अस्पताल में इलाज चल रहा है।
विज्ञापन
मोहित के कंधों पर आई जिम्मेदारी
फैक्ट्री संचालक देवेंद्र के परिवार पर एक के बाद एक आफत टूट रही है। देवेंद्र की पत्नी की मृत्यु 2007 में सड़क हादसे में हो गई थी। परिवार उनकी मौत से संभला भी नहीं था कि 2010 में उनके चाचा भी सड़क हादसे में गुजर गए। देवेंद्र अपनी फैक्ट्री से ही परिवार का भरण पोषण कर रहे थे। उनका 23 साल का बड़ा बेटा मोहित शादीशुदा है और पुणे में प्राइवेट जॉब कर रहा है, जबकि छोटा बेटा आकाश (19) स्नातक कर रहा है। देवेंद्र की मौत के बाद अब पूरे परिवार की जिम्मेदारी मोहित के कंधे पर आ गई है।
विगत 20 मई को फैक्ट्री में लगी आग से फैक्ट्री मालिक देवेंद्र शर्मा समेत फैक्ट्री में काम करने वाले आठ कर्मचारी झुलसे थे। इनमें से कैलाश पुत्र सतपाल की 20 मई की रात को ही मौत हो गई थी। 26 मई को गुलफाम पुत्र इश्तियाक निवासी अब्दुल्लापुर, भुवन पुत्र सुुंदर निवासी घाट, परतापुर और सरोज उर्फ राजो पत्नी मदन निवासी रिठानी ने भी दम तोड़ दिया था।
विज्ञापन
बुधवार शाम पौने छह बजे देवेंद्र की मौत की सूचना मिलने पर अस्पताल में ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। शहर के उद्यमी भी परिजनों को सांत्वना देने पहुंच रहे थे। देर शाम पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस हादसे में झुलसे ऋषिपाल पुत्र देवी सहाय निवासी परतापुर का केएमसी अस्पताल और अंकित व विनोद का मेडिकल अस्पताल में इलाज चल रहा है।
विज्ञापन
मोहित के कंधों पर आई जिम्मेदारी
फैक्ट्री संचालक देवेंद्र के परिवार पर एक के बाद एक आफत टूट रही है। देवेंद्र की पत्नी की मृत्यु 2007 में सड़क हादसे में हो गई थी। परिवार उनकी मौत से संभला भी नहीं था कि 2010 में उनके चाचा भी सड़क हादसे में गुजर गए। देवेंद्र अपनी फैक्ट्री से ही परिवार का भरण पोषण कर रहे थे। उनका 23 साल का बड़ा बेटा मोहित शादीशुदा है और पुणे में प्राइवेट जॉब कर रहा है, जबकि छोटा बेटा आकाश (19) स्नातक कर रहा है। देवेंद्र की मौत के बाद अब पूरे परिवार की जिम्मेदारी मोहित के कंधे पर आ गई है।