रायफल लूट प्रकरण: एनआईए टीम ने जुटाए अहम सबूत, होमगार्ड को लगाई फटकार
यूपी के शामली में करीब ढाई माह पहले चौसाना क्षेत्र में सिपाही व होमगार्ड को घायल कर दो रायफल लूटने वाले चार आरोपियों को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम झिंझाना पहुंची और अलग-अलग स्थानों से साक्ष्य जुटाए। पुलिस जांच में रायफल लूट में पकड़े गए चारों आरोपियों का संबंध खालिस्तान लिब्रेशन फ्रंट से जुड़ा होना पाया गया था। इसके बाद से इस मामले की जांच एनआईए कर रही है। रात तक टीम की जांच जारी थी। टीम के सदस्यों ने जांच जारी होने के साथ ही अन्य किसी भी तथ्यों की जानकारी देने से इंकार कर दिया।
मंगलवार को एनआईए के एसपी सत्यानंद पांडेय थाना झिंझाना पहुंचे। उनके साथ चौसाना क्षेत्र में सिपाही संसार सिंह व होमगार्ड संजय वर्मा को घायल कर दो रायफल लूटने वाले चार आरोपी अमृत सिंह निवासी करनाल, सरदार गुरूजैंट सिंह निवासी ढलावली थाना गंगोह जिला सहारनपुर, कर्म सिंह उर्फ कर्मा रंगाना फार्म झिंझाना और जर्मन सिंह निवासी गांव अजीजपुर डेरा बिरसा सिंह भी साथ था। एनआईए टीम चारों आरोपियों को लखनऊ जेल से रिमांड पर लेकर यहां पहुंची थी। टीम झिंझाना थाने से पुलिसकर्मियों को साथ लेकर घटना से संबंधित साक्ष्य जुटाए।
थाना प्रभारी ओपी चौधरी ने बताया कि रायफल लूटकांड के चार आरोपियों को लेकर टीम आई हुई है। यह मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण गोपनीयता रखी जा रही है। झिंझाना थाने से भी दो दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी टीम के साथ भेजे गए हैं। टीम अभी शामली जिले में ही डेरा डाले हुए है।
ये था मामला
दो अक्टूबर की रात दस बजे झिंझाना थाने की चौसाना पुलिस चौकी की कमालपुर चेकपोस्ट पर सिपाही संसार सिंह व होमगार्ड संजय वर्मा निगरानी कर रहे थे। इसी समय दो बाइकों पर सवार चार बदमाशों ने सिपाही को पीटकर व होमगार्ड को गोली मारकर घायल कर दिया था और उनसे दो रायफल लूटकर फरार हो गए थे। तत्कालीन एसपी दिनेश कुमार के नेतृत्व में शामली व सहारनपुर की क्राइम ब्रांच के अलावा एसटीएफ और थाना पुलिस की टीमें घटना के खुलासे के लिए लगाई गई थी। डीआईजी सहारनपुर शरद सचान ने भी एक सप्ताह तक यहां कैप किया था। 14 अक्टूबर की रात में झिंझाना पुलिस व एसओजी टीम ने ऊन रोड स्थित गांव रंगाना लिंक रोड पर मुठभेड़ के बाद रायफल लूट के दो आरोपी सरदार अमृत सिंह और सरदार गुरूजैंट को गिरफ्तार किया था। उनकी निशानदेही पर लूटी गई रायफल रंगाना फार्म स्थित गुरुद्वारे की रसोई से ग्रंथी सरदार कर्म सिंह उर्फ कर्मा से बरामद हुई थी। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया था कि गैंग का लीडर सरदार जर्मन सिंह है और पंजाब में पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल की सभा में बड़ा हमला करने के लिए रायफल लूटी गई थी। आरोपियों का संबंध खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट से होना पाया गया था। जर्मन सिंह को पंजाब की पटियाला पुलिस ने राजस्थान के बीकानेर से पकड़कर एनआइ टीम को सौंप दिया था, तब से चारों आरोपी मुजफ्फरनगर जेल में थे। कुछ दिन पहले ही आरोपियों को लखनऊ जेल में शिफ्ट किया गया है। एनआईए टीम आरोपियों को 15 दिन के रिमांड पर लेकर झिंझाना व उनसे संबधित स्थानों की जांच पड़ताल करने पहुंची है।
आरोपियों के साथ गवाह भी साथ रहे
रायफल लूट प्रकरण में शामिल चार आरोपियों के साथ आठ गवाह भी एनआईए टीम के साथ थे। पुलिस के मुताबिक एक टीम करनाल, दूसरी टीम गंगोह और दो टीमों ने झिंझाना क्षेत्र में पड़ताल कर रही है। एक टीम के शामली के एक मोहल्ले में पहुंचकर जांच करने की भी जानकारी मिली है।
होमगार्ड को फटकार लगाई, ड्यूटी से हटाया
एनआईए टीम जब आरोपियों को लेकर झिंझाना थाने के हवालात की तरफ ले जाने लगी, तो इसी समय एक होमगार्ड ने क्षेत्र का निवासी होने के कारण आरोपी जर्मन सिंह से हाथ मिलाने का प्रयास किया। इस पर एनआईए के एसपी ने उससे संबंध पूछा, तो थाना प्रभारी ओपी चौधरी ने होमगार्ड को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही प्लाटून कमांडर को बुलाकर होमगार्ड को ड्यूटी से निष्कासित करने कहा। इसके बाद उसे ड्यूटी से हटाकर घर भेज दिया गया। थाना प्रभारी ने बताया की होमगार्ड ड्यूटी पर रहते हुए देशद्रोह के आरोपी से हाथ मिलाने पर उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है। उसे एक माह तक ड्यूटी पर नहीं लिया जाएगा।
एनआईए टीम रायफल लूटकांड में शामिल चार आरोपियों को लेकर रिमांड पर लेकर झिंझाना पहुंची है। टीम ने कई स्थानों से जांच पड़ताल कर साक्ष्य एकत्रित किए हैं। इस घटना की तहकीकात की जा रही है। - अजय कुमार, एसपी शामली।
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