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राली चौहान में फिर बिगड़ी 45 बच्चों की हालत
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Fri, 18 Sep 2015 03:05 AM IST
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बुधवार को आयरन की गोलियां खाकर बीमार पड़े 70 से ज्यादा बच्चों में करीब 45 बच्चों की हालत बृहस्पतिवार को फिर बिगड़ गई। एकाएक इन बच्चों को मेडिकल अस्पताल लाया गया तो अफरातफरी मच गई। सभी बच्चों को बच्चा वार्ड और इंडोक्रोनॉलोजी वार्ड में भर्ती कराया गया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने किसी भी बच्चे को छुट्टी देने से इंकार करते हुए कहा है कि दो-चार दिन तक लगातार ट्रीटमेंट देने के बाद ही इनकी छुट्टी होगी। वहीं, ड्रग विभाग की टीम ने भावनपुर सीएचसी से आयरन की गोलियों के सैंपल लिए हैं, जो जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
बृहस्पतिवार सुबह करीब पौने ग्यारह बजे मेडिकल कॉलेज में ग्रामीण एक-एक करके बच्चों को लेकर पहुंचने लगे। बच्चों को पेट में दर्द, चक्कर आने व उल्टी की शिकायत थी। जिसके बाद बाल रोग विभाग में बेड खाली कराए गए। सूचना पर डॉ. अजित चौधरी, डॉ. तुंगवीर आर्य व डॉ. संजीव कुमार पहुंचे। इन सभी के बीच जूनियर चिकित्सकों ने प्राथमिकता के आधार पर बच्चों का इलाज शुरू कर दिया। जिन बच्चों की हालत ज्यादा सीरियस थी उन्हें बच्चा वार्ड में भर्ती करके ट्रीटमेंट दिया गया। जबकि बाकी बच्चों को इंडोक्रोनॉलोजी के बराबर वाले वार्ड में भर्ती किया गया। बाल रोग विभाग के एचओडी डॉ. अमित उपाध्याय भी अपनी टीम के साथ लगे रहे।
गौरतलब है कि थाना भावनपुर क्षेत्र के गांव राली चौहान स्थित पूर्व माध्यमिक स्कूल में बुधवार सुबह 70 से ज्यादा बच्चों की हालत बिगड़ गई थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार इन बच्चों को स्कूल हेल्थ प्रोग्राम के तहत आयरन की गोलियां खाने को दी गई थीं। इन बच्चों ने गोलियों का सेवन खाली पेट कर लिया था। जो इनकी तबीयत खराब होने का बड़ा कारण रहा। सभी बच्चों को मेडिकल कॉलेज में उपचार देकर बुधवार शाम को ही छुट्टी भी दे दी गई थी।
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बृहस्पतिवार सुबह करीब पौने ग्यारह बजे मेडिकल कॉलेज में ग्रामीण एक-एक करके बच्चों को लेकर पहुंचने लगे। बच्चों को पेट में दर्द, चक्कर आने व उल्टी की शिकायत थी। जिसके बाद बाल रोग विभाग में बेड खाली कराए गए। सूचना पर डॉ. अजित चौधरी, डॉ. तुंगवीर आर्य व डॉ. संजीव कुमार पहुंचे। इन सभी के बीच जूनियर चिकित्सकों ने प्राथमिकता के आधार पर बच्चों का इलाज शुरू कर दिया। जिन बच्चों की हालत ज्यादा सीरियस थी उन्हें बच्चा वार्ड में भर्ती करके ट्रीटमेंट दिया गया। जबकि बाकी बच्चों को इंडोक्रोनॉलोजी के बराबर वाले वार्ड में भर्ती किया गया। बाल रोग विभाग के एचओडी डॉ. अमित उपाध्याय भी अपनी टीम के साथ लगे रहे।
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गौरतलब है कि थाना भावनपुर क्षेत्र के गांव राली चौहान स्थित पूर्व माध्यमिक स्कूल में बुधवार सुबह 70 से ज्यादा बच्चों की हालत बिगड़ गई थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार इन बच्चों को स्कूल हेल्थ प्रोग्राम के तहत आयरन की गोलियां खाने को दी गई थीं। इन बच्चों ने गोलियों का सेवन खाली पेट कर लिया था। जो इनकी तबीयत खराब होने का बड़ा कारण रहा। सभी बच्चों को मेडिकल कॉलेज में उपचार देकर बुधवार शाम को ही छुट्टी भी दे दी गई थी।
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