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तीन दिसंबर को राष्ट्रपति करेंगी विनायक का सम्मान
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तीन दिसंबर को राष्ट्रपति करेंगी विनायक का सम्मान
मेरठ। प्रभात नगर निवासी विनायक बहादुर को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में श्रेष्ठ दिव्यांग बालक के राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। तीन दिसंबर को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें ये सम्मान देंगी। मवाना रोड स्थित चैतन्य टेक्नो स्कूल में कक्षा 11वीं के छात्र विनायक जन्म से ही मूकबधिर हैं। सबसे कम उम्र के प्रथम भारतीय मूकबधिर राष्ट्रीय खिलाड़ी के रूप में चमके विनायक को ढेरों सम्मान से नवाजा जा चुका है। उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज है।
परिवार में सभी हैं मूकबधिर
विनायक की माता मीतू बहादुर और पिता दीपक बहादुर भी मूकबधिर हैं। पिता को उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने विशेष विकलांग कर्मचारी 2018 अवार्ड से नवाजा था। विपरीत परिस्थितियों में उन्होंने विनायक को इस मुकाम तक पहुंचाया। आज भी विभिन्न राज्यों में प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पिता उनके साथ ही जाते हैं।
दुबई में भी मिला सम्मान
विनायक बहादुर को इसी वर्ष अगस्त में दुबई में विश्व स्तरीय सम्मान ग्लोबल चाइल्ड प्रोडिगी अवार्ड 2022 से सम्मानित किया गया। वर्ष 2020 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बाल शक्ति पुरस्कार 2020 दिया था। खेलकूद में विनायक राष्ट्रीय सम्मान उम्मीद रत्न 2021, बेस्ट पैरा प्लेयर अवार्ड 2019 व अन्य सम्मान भी हासिल कर चुके हैं।
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प्रधानमंत्री ने छात्र के लिए किया ट्वीट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2020 में विनायक की प्रशंसा करते हुए ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा कि बैडमिंटन में विनायक बहादुर का अनुकरणीय कौशल कई लोगों के लिए प्रेरणा है। मैं उनकी इच्छा शक्ति से प्रभावित था, जिसके माध्यम से उन्होंने कई चुनौतियों का सामना किया। खुशी है कि उन्हें बाल शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
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मेरठ। प्रभात नगर निवासी विनायक बहादुर को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में श्रेष्ठ दिव्यांग बालक के राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। तीन दिसंबर को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें ये सम्मान देंगी। मवाना रोड स्थित चैतन्य टेक्नो स्कूल में कक्षा 11वीं के छात्र विनायक जन्म से ही मूकबधिर हैं। सबसे कम उम्र के प्रथम भारतीय मूकबधिर राष्ट्रीय खिलाड़ी के रूप में चमके विनायक को ढेरों सम्मान से नवाजा जा चुका है। उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज है।
परिवार में सभी हैं मूकबधिर
विनायक की माता मीतू बहादुर और पिता दीपक बहादुर भी मूकबधिर हैं। पिता को उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने विशेष विकलांग कर्मचारी 2018 अवार्ड से नवाजा था। विपरीत परिस्थितियों में उन्होंने विनायक को इस मुकाम तक पहुंचाया। आज भी विभिन्न राज्यों में प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पिता उनके साथ ही जाते हैं।
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दुबई में भी मिला सम्मान
विनायक बहादुर को इसी वर्ष अगस्त में दुबई में विश्व स्तरीय सम्मान ग्लोबल चाइल्ड प्रोडिगी अवार्ड 2022 से सम्मानित किया गया। वर्ष 2020 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बाल शक्ति पुरस्कार 2020 दिया था। खेलकूद में विनायक राष्ट्रीय सम्मान उम्मीद रत्न 2021, बेस्ट पैरा प्लेयर अवार्ड 2019 व अन्य सम्मान भी हासिल कर चुके हैं।
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प्रधानमंत्री ने छात्र के लिए किया ट्वीट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2020 में विनायक की प्रशंसा करते हुए ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा कि बैडमिंटन में विनायक बहादुर का अनुकरणीय कौशल कई लोगों के लिए प्रेरणा है। मैं उनकी इच्छा शक्ति से प्रभावित था, जिसके माध्यम से उन्होंने कई चुनौतियों का सामना किया। खुशी है कि उन्हें बाल शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।