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शहर को स्मार्ट बनाने के लिये 1500 करोड़ का प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jun 2016 01:24 AM IST
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नीमा भवन में स्मार्ट सिटी
- फोटो : अमर उजाला
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स्मार्ट सिटी की अंतिम परीक्षा में पास होने के लिए कंसल्टेंट ने मेरठ फाइनल प्रपोजल तैयार करना शुरू कर दिया है। शनिवार को कंसल्टेंट ने पूरी टीम के साथ दिन भर प्रपोजल पर काम किया। मेरठ को स्मार्ट सिटी बनाने में लगभग 1500 करोड़ रुपये लागत की गणना की जा रही है।
शुक्रवार को लखनऊ में उप्र सरकार के चीफ सेक्रेटरी आलोक रंजन और रिजनल सेंटर फॉर अर्बन एंड एनवायरमेंटल स्टडीज के अपर निदेशक अवधेश कुमार गुप्ता सहित पूरी टीम ने उप्र के मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़, कानपुर, गाजियाबाद सहित 12 शहरों के स्मार्ट सिटी मिशन के प्रपोजल की प्रजेंटेशन कराई थी। मेरठ से महापौर हरिकांत अहलूवालिया, नगरायुक्त देवेंद्र कुमार कुशवाहा और कंसल्टेंट बीके पटेल ने भाग लिया था।
इसमें कच्चा प्रपोजल रखा गया था। चीफ सेक्रेटरी ने मेरठ के प्रपोजल को सराहा था। लेकिन स्मार्ट सिटी पर लागत की गणना ठीक न होने पर आपत्ति जताई थी। लखनऊ से लौटने के बाद कंसल्टेंट टीम ने शनिवार से नगर निगम स्थित मेरठ स्मार्ट सिटी सेल के कार्यालय में बैठकर प्रपोजल को अंतिम रूप देने की तैयारी शुरू कर दी। लागत की गणना भी 1500 करोड़ आंकी जा रही है। 29 जून को लखनऊ में स्मार्ट सिटी की हाई पावर कमेटी के सामने रखा जाने वाला प्रपोजल बेहद मजबूत होगा। चीफ सेक्रेटरी ने 30 जून से पहले प्रपोजल को अंतिम रूप देने और प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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ऐसे स्मार्ट होगा शहर
शहर की जनता को 24 घंटे मिलेगी बिजली और पानी।
मल्टीलेवल पार्किंग की मिलेगी सुविधा।
अतिक्रमण मुक्त होंगी सड़कें, हरा भरा होगा शहर।
शहर की सफाई पर होगा काम।
सौर ऊर्जा और एलईडी से जगमग होगा शहर।
पूरे शहर में वाईफाई की होगी सुविधा।
अपराध मुक्त होगा पूरा शहर।
शहर में उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा।
बेरोजगारों को मिलेंगे रोजगार।
मेरठ के प्रोडेक्ट, कैंची, बैंडबाजा, खेल के सामान, ज्वैलरी, कृषि उत्पाद अंतराष्ट्रीय स्तर पर बनाएंगे अपनी पहचान।
ऑनलाइन वोटिंग करें लोग
अब बोनस के रूप में मिले तीन दिनों में शहर की जनता को अधिक से अधिक वोट ऑनलाइन करनी होगी। ऑफलाइन की फीडिंग करने में काफी समय लग रहा है।
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शुक्रवार को लखनऊ में उप्र सरकार के चीफ सेक्रेटरी आलोक रंजन और रिजनल सेंटर फॉर अर्बन एंड एनवायरमेंटल स्टडीज के अपर निदेशक अवधेश कुमार गुप्ता सहित पूरी टीम ने उप्र के मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़, कानपुर, गाजियाबाद सहित 12 शहरों के स्मार्ट सिटी मिशन के प्रपोजल की प्रजेंटेशन कराई थी। मेरठ से महापौर हरिकांत अहलूवालिया, नगरायुक्त देवेंद्र कुमार कुशवाहा और कंसल्टेंट बीके पटेल ने भाग लिया था।
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इसमें कच्चा प्रपोजल रखा गया था। चीफ सेक्रेटरी ने मेरठ के प्रपोजल को सराहा था। लेकिन स्मार्ट सिटी पर लागत की गणना ठीक न होने पर आपत्ति जताई थी। लखनऊ से लौटने के बाद कंसल्टेंट टीम ने शनिवार से नगर निगम स्थित मेरठ स्मार्ट सिटी सेल के कार्यालय में बैठकर प्रपोजल को अंतिम रूप देने की तैयारी शुरू कर दी। लागत की गणना भी 1500 करोड़ आंकी जा रही है। 29 जून को लखनऊ में स्मार्ट सिटी की हाई पावर कमेटी के सामने रखा जाने वाला प्रपोजल बेहद मजबूत होगा। चीफ सेक्रेटरी ने 30 जून से पहले प्रपोजल को अंतिम रूप देने और प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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ऐसे स्मार्ट होगा शहर
शहर की जनता को 24 घंटे मिलेगी बिजली और पानी।
मल्टीलेवल पार्किंग की मिलेगी सुविधा।
अतिक्रमण मुक्त होंगी सड़कें, हरा भरा होगा शहर।
शहर की सफाई पर होगा काम।
सौर ऊर्जा और एलईडी से जगमग होगा शहर।
पूरे शहर में वाईफाई की होगी सुविधा।
अपराध मुक्त होगा पूरा शहर।
शहर में उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा।
बेरोजगारों को मिलेंगे रोजगार।
मेरठ के प्रोडेक्ट, कैंची, बैंडबाजा, खेल के सामान, ज्वैलरी, कृषि उत्पाद अंतराष्ट्रीय स्तर पर बनाएंगे अपनी पहचान।
ऑनलाइन वोटिंग करें लोग
अब बोनस के रूप में मिले तीन दिनों में शहर की जनता को अधिक से अधिक वोट ऑनलाइन करनी होगी। ऑफलाइन की फीडिंग करने में काफी समय लग रहा है।