Paris Olympic: प्रियंका से ओलंपिक में पदक की आस, दो इवेंट में ले रहीं हिस्सा, लड्डू गोपाल को लेकर गई हैं साथ
प्रियंका गोस्वामी का रेस वॉकिंग का सफर जिला-स्तरीय दौड़ से शुरू हुआ था। पहले वह जिम्नास्टिक करती थी, फिर क्रिकेट में दिलचस्पी जागी लेकिन पैदल चाल में आगे निकलीं तो शानदार प्रदर्शन के बूते पेरिस ओलंपिक तक का सफर तय कर लिया।
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मेरठ के माधवपुरम निवासी प्रियंका गोस्वामी दूसरी बार ओलंपिक के खेलों में हिस्सा लेने जा रही हैं। इस बार पेरिस ओलंपिक में उनसे सभी को पदक की उम्मीद होगी। वह इन खेलों में 20 किमी. पैदल चाल और रेस वॉक मिक्स रिले इवेंट में हिस्सा ले रही हैं। इनमें से 20 किमी. पैदल चाल इवेंट हो चुका है, जिसमें वह 41वें स्थान पर रही हैं। वहीं मिक्स रिले मैराथन में उनसे स्वर्ण पदक की उम्मीद है।
वह आज 20 किमी. पैदल चाल और सात अगस्त को मैराथन रेस वॉक में हिस्सा लेंगी। हर बार की तरह उनकी मेहनत तो उनके साथ है ही, लेकिन लड्डू गोपाल भी उनके साथ होंगे। उन्होंने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में 10 हजार मीटर पैदल चाल में रजत पदक जीता। वह 10, 000 मीटर स्पर्धा में रजत के साथ पैदल चाल में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं।
उन्होंने 14 फरवरी 2023 को रांची में इंडियन ओपन नेशनल रेस वॉकिंग प्रतियोगिता में यह मुकाम हासिल करके पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। टोक्यो ओलंपिक में वह 17वें स्थान पर रहीं थी अब पेरिस ओलंपिक में भारतवासियों को उनसे पदक की उम्मीद है। वह 1 अगस्त को 20 किमी पैदल चाल इवेंट में हिस्सा लेंगी।
प्रियंका गोस्वामी का रेस वॉकिंग का सफर जिला-स्तरीय दौड़ से शुरू हुआ था। पहले वह जिम्नास्टिक करती थी, लेकिन एक बैग का उपहार पाने के लिए उन्होने दौड़ना शुरू किया। वर्ष 2011 में उन्होंने जिला स्तरीय दौड़ में भाग लिया और उपहार जीता। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
किसी खिलाड़ी के लिए ओलंपिक तक का सफर तय करना आसान बात नहीं है। पेरिस ओलंपिक का टिकट हासिल करने वाली प्रियंका गोस्वामी का जीवन भी कठिनाइयों से भरा रहा है।
रोडवेज ने प्रियंका के पिता परिचालक मदनपाल गोस्वामी की नौकरी छीन ली थी। प्रियंका ने पिता की नौकरी जाने के बाद कमजोर आर्थिक स्थिति और अन्य मुश्किलों का सामना कर ओलंपिक तक का सफर तय किया है।
उपलब्धियां और उपाधियां
राष्ट्रीय फाइनल 2017, 2021
व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 1:28.45 (2021)
पदक रिकॉर्ड
राष्ट्रमंडल खेल
रजत पदक – दूसरा स्थान 2022 बर्मिंघम 10,000 मीटर पैदल चलना
एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप
रजत पदक – दूसरा स्थान 2023 बैंकॉक 20000 मीटर पैदल यात्रा