{"_id":"9d15825af92a8c9d54c3fe8a50c68682","slug":"panchayat-chunav-meerut-hindi-news-4","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेरठ में आरक्षण से धुरंधरों को राहत, समर्थकों को मायूसी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेरठ में आरक्षण से धुरंधरों को राहत, समर्थकों को मायूसी
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Wed, 09 Sep 2015 01:49 AM IST
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तीन दिन इंतजार के बाद जिला पंचायत वार्ड आरक्षण मंगलवार देर रात घोषित हो गया। जैसी संभावना थी, उसके विपरीत ही आरक्षण नजर आया। यह जरूर रहा कि धुरंधरों को जहां राहत मिलती नजर आयी। वहीं उनके समर्थक मायूस हो गए। अब दिग्गजों की नजर जिला पंचायत अध्यक्ष के आरक्षण पर टिकी है।
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शासन की ओर से छह से आठ सितंबर के बीच आरक्षण जारी करने के निर्देश हुए थे। छह सितंबर से ही दावेदार आरक्षण पर नजर गड़ाए हुए थे। जिला प्रशासन ने तय सीमा के अंदर वैसे तो आरक्षण जारी कर दिया लेकिन मंगलवार को दिन भर राजनैतिक गलियारों में आरक्षण चर्चा का विषय रहा।
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नवाजिश का रास्ता साफ
आरक्षण जारी होने के साथ ही नवाजिश मंजूर को राहत मिली है। कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर के बेटे नवाजिश मंजूर वार्ड 31 से दावेदारी की तैयारी में थे। यह वार्ड अनारक्षित कर उनका रास्ता साफ कर दिया गया है। लेकिन उनके खास समर्थक हाजी जुल्फी के वार्ड 28 को पिछड़ा वर्ग में जाने से झटका भी लगा है। वहीं, वार्ड 33 अनारक्षित होने से भी मंत्री गुट को लाभ हुआ है। क्याेंकि यहां से उनके पारिवारिक खास इंतजार ललियाना दावेदार हैं। वहीं, वार्ड 23 को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने से थोड़ा झटका मंजूर गुट को लगा है।
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क्योंकि इस वार्ड से ओमपाल गुर्जर तैयारी में थे और उम्मीद की जा रही थी कि यह वार्ड ओबीसी के लिए आरक्षित होगा। ओमपाल काफी दिनों से जोरदार तैयारी कर रहे थे। वहीं, वार्ड 11 में चुनाव की तैयारी में जुटे सपा नेता ठा. विनोद सिंह की सीट महिला आरक्षित होने से संभावना है कि वे अब अपनी पत्नी रजनी सिंह को चुनाव लड़वाएंगे।
मनिंदर खेमे में भी मिला-जुला असर
जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदरपाल सिंह के लिए भी आरक्षण का मिला-जुला असर रहा है। वार्ड आठ से वह अपनी पत्नी सिंपल सिंह को चुनाव लड़ना चाह रहे हैं तो वह वार्ड पिछड़ी जाति की महिला के लिए आरक्षित होकर उनके अनुकूल हो गया है। वहीं मनिंदरपाल सिंह के लिए राह मुश्किल हो गई है। क्योंकि वह वार्ड 24 ,25 और 26 में से किसी एक पर दावेदारी का मन बनाये थे। इनके ओबीसी होने से मनिंदर पाल सिंह को फायदा मिल सकता था। लेकिन इनमें से एक भी वार्ड पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित नहीं रहा है। ऐसे में उनके लिए राह आसान नहीं रहेगी।
सरोजनी गुट को भी राहत
एमएलसी डॉ. सरोजनी अग्रवाल अपने परिवार से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दयानंद गुप्ता के पुत्र को चुनाव लड़ाना चाहती हैं। जिसके लिए वार्ड 24 पर तैयारी चल रही थी। यह वार्ड भी अनारक्षित होने से उन्हें राहत मिली है।
भाजपा को कहीं राहत तो कहीं झटका
भाजपा के लिए भी कहीं राहत रही तो कहीं झटका लगा है। भाजपा की तरफ से जिला पंचायत अध्यक्ष पद की दावेदार डॉ. मीनाक्षी भराला वार्ड 15 से प्रबल दावेदार हैं। यह सीट सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने से उनका चुनाव लड़ने का रास्ता तो साफ हो गया है। लेकिन अन्य सीटों पर भाजपा किस तरह प्रत्याशी तय कर जीत के करीब आती है, यह देखना है। क्योंकि वार्ड 28 से तैयारी कर रहे भाजपा के योगेश त्यागी और दिलशाद चौहान को वार्ड ओबीसी में जाने से झटका लगा है।
ये है आरक्षण की स्थिति
अनारक्षित वार्ड: 4, 6, 7, 9, 19, 22, 24, 26, 31, 32, 33, 34
सामान्य महिला: 2, 11, 12, 13,15, 25
पिछड़ा वर्ग : 1, 16, 18, 27, 28, 30
पिछड़ा वर्ग महिला : 8, 14, 20
अनुसूचित जाति : 3, 21, 23, 29
अनुसूचित महिला: 5, 10, 17