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पाक से आते नकली नोट, यूपी में फैला नेटवर्क

Sat, 22 Oct 2016 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
अमर उजाला ब्यूरों Updated Sat, 22 Oct 2016 01:56 AM IST
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pak se aate nakli note
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
स्थानीय युवकों से पकड़े गए पांच लाख के नकली नोटों को लेकर मामला उलझ गया है। पहले आरोपियों ने दावा किया कि नकली नोट मेरठ देहात में बनते हैं और वेस्ट यूपी में सप्लाई होते हैं। फिर कहा गया कि उन्हें नकली नोटों की खेप सौदागर महताब लाकर देता था। पुलिस ने जल्दबाजी में आधाअधूरा खुलासा कर दिया। जबकि जांच एजेंसियाें का मानना है कि नोटों की क्वालिटी देखकर साफ है कि ऐसे नोट पाकिस्तान से आ रहे हैं और इनके सप्लायरों का नेटवर्क पूरे यूपी में फैला है।
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पूछताछ में तीनों आरोपी महताब का नाम लेकर चुप्पी साध गए। जबकि जांच एजेंसियों का मानना है कि नोटों की खेप पाकिस्तान से आकर उसे यूपी में सप्लाई किया जाता है। आरोपियों से बरामद नोट भी पाकिस्तान में बनाए जैसे लग रहे है। हालांकि इसका खुलासा सौदागर महताब ही कर सकता है। पुलिस ने जल्दबाजी कर दी, क्योंकि अभी तो आरोपियों से ठीक तरीके से पूछताछ नहीं हो सकी। आरोपियों को थाने से छुड़वाने के लिए सपा नेताओं समेत कई लोगों का तांता लगा रहा। ऐसी हालत में आरोपियों से पूछताछ नहीं हुई।
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दस फीसदी कमीशन
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि उनको नकली नोट की सप्लाई करने की एवज में दस फीसदी पैसा एडवांस मिल जाता था। पांच लाख रुपये के पचास हजार एडवांस में महताब ने उनको दिए थे। सप्लाई के लिए महताब ने कई ग्रुप बना रखे थे।
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गड्डी के बीच में खेल
आरोपी एक लाख की गड्डी में ऊपर नीचे असली नोट और बीच में नकली नोट लगाकर चलाते थे। अधिकांश डीलिंग रात में करते थे, ताकि नोटों की पहचान सही से न हो पाए। हालांकि नकली नोट देखने में असली से लगते थे। बारीकी से देखने पर नोट की पहचान हो जाती है। ग्रामीण इलाकों में सब्जी ठेले, पान के खोखे या दुकान आदि पर बुजुर्ग और किशोर उम्र के दुकानदार देखकर नोट चलाए जाते थे।

नोएडा में हुई थी मुलाकात
पुलिस के मुताबिक आरोपी रिजवान ने बताया कि एक साल पहले जावेद के ममेरे भाई फकीकत ने नोएडा में महताब से मुलाकात कराई थी। रिजवान डूडा विभाग में ठेकेदारी करता था। जावेद ने सौंदत में कोल्हू लगाया था तनसीर ट्रक ड्राइवर था।  


तनसीर को छुड़ाना चाहते थे सपा नेता
पुलिस ने बताया कि तनसीर को थाने से छुड़वाने के लिए सपा नेताओं की सिफारिशें आई थी। देर रात तक सपा नेता थाने में रहे। लेकिन पुलिस ने उनकी नहीं सुनी। एसएसपी ने परीक्षितगढ़ पुलिस को पांच हजार रुपये इनाम दिया है।
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