{"_id":"56fc38ae4f1c1b3448f012dd","slug":"officer-recommended-kidnapper","type":"story","status":"publish","title_hn":"अफसर ने की अपहरणकर्ता की सिफारिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अफसर ने की अपहरणकर्ता की सिफारिश
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Thu, 31 Mar 2016 02:06 AM IST
विज्ञापन
मोबाइल लोगो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीजी फार्म के मालिक मयंक जैन के बेटे अतिशय के अपहरण कांड ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया था। इस संगीन वारदात में अतिशय के चचेरे भाई का ही हाथ था। पुलिस ने वारदात के दस दिन बाद अतिशय को बरामद कर तीन अपहरणकर्ताओं को जेल भेज दिया था। ये 10 दिन अतिशय के परिवार पर बेहद बुरे गुजरे थे। लेकिन सत्ता में बैठे सचिव स्तर के अधिकारी अपहरणकर्ता की पैरवी कर रहे हैं।
बुधवार दोपहर को एसएसपी कार्यालय में एक फोन आया। फोन एसएसपी के पीआरओ ने रिसीव किया। फोन करने वाले ने एक सचिव स्तर से अधिकारी का नाम लेकर बताया कि उक्त अधिकारी एसएसपी से बात करना चाहते हैं। पीआरओ ने एसएसपी से उनकी बात कराई। चर्चा है कि कथित अधिकारी ने अतिशय अपहरण केस के बारे में बात करते हुए आरोपी तुषार की सिफारिश लगाई। एसएसपी ने उन्हें इस केस की गंभीरता के बारे में जानकारी दी। बताया कि पुलिस इस केस में चार्जशीट लगा चुकी है। फोन वाला मामला दिनभर चर्चा में रहा।
चचेरे भाई ने अंजाम दी थी वारदात
पंजाबी पुरा निवासी जीजी फार्म के मालिक मयंक जैन के बेटे अतिशय का 19 फरवरी को अपहरण कर लिया गया था। 10 दिन बाद 29 फरवरी को पुलिस ने बदमाशों का पीछा कर रविदासपुरी में अतिशय को बदमाशों के चंगुल से बरामद कर इस केस का खुलासा कर दिया था। अतिशय का अपहरण उसके चेचेरे भाई प्रतीक जैन ने अपनी मौसी के लड़के तुषार जैन के साथ मिलकर किया था। मेरठ निवासी मोनू और राहुल भी केस में शामिल थे। ये अभी फरार चल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार दोपहर को एसएसपी कार्यालय में एक फोन आया। फोन एसएसपी के पीआरओ ने रिसीव किया। फोन करने वाले ने एक सचिव स्तर से अधिकारी का नाम लेकर बताया कि उक्त अधिकारी एसएसपी से बात करना चाहते हैं। पीआरओ ने एसएसपी से उनकी बात कराई। चर्चा है कि कथित अधिकारी ने अतिशय अपहरण केस के बारे में बात करते हुए आरोपी तुषार की सिफारिश लगाई। एसएसपी ने उन्हें इस केस की गंभीरता के बारे में जानकारी दी। बताया कि पुलिस इस केस में चार्जशीट लगा चुकी है। फोन वाला मामला दिनभर चर्चा में रहा।
विज्ञापन
चचेरे भाई ने अंजाम दी थी वारदात
पंजाबी पुरा निवासी जीजी फार्म के मालिक मयंक जैन के बेटे अतिशय का 19 फरवरी को अपहरण कर लिया गया था। 10 दिन बाद 29 फरवरी को पुलिस ने बदमाशों का पीछा कर रविदासपुरी में अतिशय को बदमाशों के चंगुल से बरामद कर इस केस का खुलासा कर दिया था। अतिशय का अपहरण उसके चेचेरे भाई प्रतीक जैन ने अपनी मौसी के लड़के तुषार जैन के साथ मिलकर किया था। मेरठ निवासी मोनू और राहुल भी केस में शामिल थे। ये अभी फरार चल रहे हैं।
विज्ञापन