दो दिन से गांव में नहीं जला चूल्हा... शहीद का पार्थिव शरीर पहुंचते ही रो पड़ा भगवानपुर
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जम्मू के सुंदरबनी सेक्टर के करीवाटल पोस्ट पर शुक्रवार की शाम पाक सेना की कार्रवाई का जवाब देते हुए शहीद हुए जयद्रथ का पार्थिव शरीर रविवार को उनके पैतृक गांव भगवानपुर पहुंचा तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। पूरे राजकीय सम्मान के साथ पार्थिव शरीर को श्मशान भूमि तक ले जाया गया। वहां पर सेना ने उनको गार्ड ऑफ ऑनर दिया। उसके बाद शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। शहीद जयद्रथ के छोटे भाई सहदेव उर्फ अर्जुन ने मुखाग्नि दी। रविवार की सुबह लगभग 8 बजकर 5 मिनट पर शहीद जयद्रथ के पार्थिव शरीर को लेकर सैनिक रुड़की से ग्राम भगवानपुर पहुंचे। गांव में शव पहुंचते ही लोग उनके अंतिम दर्शनों के लिए टूट पड़े। पूरे गांव की आंखें नम हो गईं। उनके परिजनों ने अंतिम दर्शन किए। सैनिकों द्वारा पूरे राजकीय सम्मान के साथ जयद्रथ के पार्थिव शरीर को हिंडन नदी के किनारे स्थित श्मशान भूमि पर ले जाया गया। अंतिम यात्रा में भगवानपुर और आसपास के गांवों के हजारों लोग शामिल हुए। सैनिकों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद पूरा वातावरण भारत माता की जय और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारों से गूंज उठा। राज्य सरकार की ओर से मंत्री सुरेश राणा ने शहीद जयद्रथ की पत्नी ममता को 20 लाख रुपये का चेक तथा पिता जसबीर सिंह को पांच लाख रुपये का चेक प्रदान किया।
गांव में पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे गूंज रहे थे
भगवानपुर में जैसे ही सेना की टुकड़ी शहीद जयद्रथ के पार्थिव शरीर को लेकर पहुंची, पूरा गांव रो पड़ा। अपनी धरती के लाल को देश की शान तिरंगे में लिपटे देख गांव के लोगों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। लोगों ने शहीद जयद्रथ अमर रहे, भारत माता की जय, हिंदुस्तान जिंदाबाद और पाकिस्तान मुर्दाबाद, जब तक सूरज चांद रहेगा.. जयद्रथ तेरा नाम रहेगा के जमकर नारे लगाए। सुबह लगभग आठ बजे सेना की टुकड़ी शहीद जयद्रथ के पार्थिव शरीर को राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव लेकर पहुंची। काफी देर से इंतजार कर रही शहीद जयद्रथ की पत्नी ममता के सामने जैसे ही जयद्रथ का पार्थिव शरीर आया, ममता ताबूत से लिपट गई और फिर गश खाकर जमीन पर गिर पड़ी। पास खड़ी महिलाओं ने किसी प्रकार उसे संभाला। अधिकारियों के बीच खड़े शहीद के पिता जसवीर भी अचानक जमीन पर गिर पड़े और अपने बेटे के लिए रोते रहे। उनकी हालत को देख लोगों ने किसी प्रकार उन्हें संभाला। शहीद के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शनों के लिए पहुंचे हर व्यक्ति की आंखों में आंसू थे। चेहरा गुस्से में तमतमा रहा था। वहां केवल पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे गूंज रहे थे। जिस-जिस गली से शहीद की अंतिम यात्रा गुजरी उस गली में मौजूद महिलाएं भी रो पड़ीं। गुस्साई भीड़ पाक पर अटैक की मांग कर रही थी। उसके बाद लोगों का आक्रोश उस समय नजर आया जब शहीद जयद्रथ की चिता को मुखाग्नि दी गई। शहीद के भाई सहदेव ने जैसे ही चिता को मुखाग्नि दी लोग आक्रोश से भर उठे और फिर से वही नारे गूंजने लगे। मुखाग्नि देने के बाद शहीद जयद्रथ का छोटा भाई राजपूत राइफल में सैनिक सहदेव उर्फ अर्जुन ने भी हुंकार भरी और बार-बार कहा कि मौका मिला तो अपने भाई की शहादत को बेकार नहीं जाने देगा। इसका बदला पाकिस्तान के सैनिक की गर्दन उतारकर लूंगा।
भारत मां के लाल को दी श्रद्धांजलि
शहीद जयद्रथ को श्रद्धांजलि देने एवं अंतिम दर्शनों के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में गन्ना मंत्री सुरेश राणा, आयुष मंत्री धर्मसिंह सैनी, सांसद राघव लखनपाल शर्मा, विधायक बृजेश सिंह, देवेन्द्र निम, प्रदीप चौधरी, पूर्व विधायक महावीर राणा, राजीव गुंबर, भाजपा प्रदेेश उपाध्यक्ष जसवंत सैनी, बिजेंद्र कश्यप, रणबीर सैनी, अनिल सिंह, ऋषिपाल सिंह , सुखबीर सिंह पुंडीर , शशिबाला पुंडीर, कमिश्नर दीपक अग्रवाल, डीआईजी केएस इमैनुअल, डीएम पीके पांडेय, एसएसपी बबलू कुमार, एसपी देहात विद्या सागर मिश्र, सीओ सिद्धार्थ, रिमाउंट डिपो के कर्नल मोहरसिंह, कर्नल एसएस भारद्वाज, कर्नल महेंद्र सिंह ने पुष्पचक्र एवं पुष्पांजलि अर्पित कर शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
पिता बोले, गांव में मेरे बेटे की गोली चलाते प्रतिमा लगवाई जाए
शहीद जयद्रथ के पिता जसवीर ने मंत्री सुरेश राणा और डीएम से गांव में उसके बेटे जयद्रथ की हाथ में बंदूक लिए हुए गोली चलाने की पोजीशन वाली प्रतिमा लगाए जाने की मांग की है। इसके अलावा गांव में शहीद के नाम से गांव का मुख्य द्वार बनवाए जाने, पुल बनवाए जाने तथा गांव में शहीद जयद्रथ के नाम से बालिकाओं का एक कॉलेज बनवाए जाने की मांग की।
शहीद की याद में शोक में डूबा है गांव
भगवानपुर के लाल के शहीद होने पर गांव में शोक की लहर है। गांव के अधिकांश घरों में दो दिन से चूल्हा तक नहीं जला है। ग्राम भगवानपुर के लोगों को जयद्रथ से काफी लगाव था। चाचा मंगत बताते हैं कि गांव के बुजुर्गों का इतना सम्मान करता था कि दिन में चाहे जितनी भी बार मिले, हर बार राम-राम करके ही आगे कदम बढ़ाता था। हर किसी के पैर छूना उसकी आदत हो चुका था। जब भी छुट्टी पर आता था, गांव के हर व्यक्ति से मिलता था और जो नजर नहीं आता था तो उसके घर जाकर पूछता था कि वह कहां है, उसे मिलना है, नहीं तो वह फिर ड्यूटी पर चला जाएगा। जब जयद्रथ की शहादत पर हर कोई गमगीन है। हर किसी के चेहरे पर उदासी के साथ आंखें नम है। पिछले दो दिनों से गांव में घर में चूल्हा तक नहीं जल पाया है। हर किसी को जयद्रथ के जाने का गम है।
भीड़ काबू करने में पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
शहीद जयद्रथ का पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही मौके पर पहले से ही इंतजार में खड़ी भीड़ शहीद के ताबूत के साथ ही पीछे पीछे शहीद के घर और आंगन में घुस गई कोई मकान की छत पर खड़ा तो कोई आंगन के कोने में रखे ताबूत में रखे शहीद जयद्रथ के अंतिम दर्शन चाह रहा था। पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। मौके पर खड़े एसएसपी और डीएम भी भीड़ को हटवाते नजर आए।
ग्राम पंचायत की चिह्नित भूमि पर हुआ अंतिम संस्कार
शहीद जयद्रथ के अंतिम संस्कार के लिए भीड़ और सम्मान को देखते हुए ग्राम पंचायत की भूमि को चिह्नित किया गया। भूमि की सफाई कराई गई और रविवार को उस भूमि पर जयद्रथ का अंतिम संस्कार किया गया। जिस भूमि पर अंतिम संस्कार किया गया, उस पर अब स्थायी रूप से श्मशान घाट बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार किए जाने की तैयारी की जा रही है। ग्राम प्रधान पति रतन सिंह ने बताया कि गांव में पहले से ही श्मशान भूमि तो है, लेकिन अब उस पर कब्जा हो चुका है और वहां तक जाने का रास्ता भी नहीं है। इसलिए इस भूमि के बारे में बैठक कर प्रस्ताव दिया जाएगा। यहां भूमि भी अधिक है और पहुंचने का रास्ता भी ठीक है। बैठक के बाद इसका प्रस्ताव तैयार कराया जाएगा। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष डाक्टर कुशल पाल सिंह पुंडीर के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने ग्राम भगवानपुर पहुंचकर शहीद के परिजनों को सांत्वना दी और शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान हमेशा शहीद जयद्रथ का ऋणी रहेगा।
देश की सीमा पर सुंदरबनी में पाक सैनिकों द्वारा की गई गोलीबारी में शहीद हुए राजपूत रायफल के जवान जयद्रथ सिंह को ग्रामीणों ने श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इस घटना से गुस्साएं ग्रामीणों ने पाक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यहां रामपुर मनिहारान में पूर्व ब्लाक प्रमुख चौधरी नक्षत्रपाल पंवार, जहीर अहमद के निवास पर शोक सभा का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने कहा कि अब पाकिस्तान को सबक सिखाने का समय आ गया है, पाक अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। जहीर अहमद ने कहा कि कश्मीर की आड़ लेकर पाकिस्तान जिस प्रकार से भारत की चौकियों पर हमला कर रहा है उसके बदले में उसे कड़ा जवाब देना चाहिए। चौधरी विकास, इसम सिंह सरपंच, प्रेम सिंह, चौधरी भोपाल सिंह, गौतम चौधरी ने पाक पर जवाबी हमला किए जाने की मांग की।
जयद्रथ की शहादत का जवाब देगी सरकार: सुरेश राणा
गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा ने ग्राम भगवानपुर पहुंचकर शहीद के परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि जयद्रथ हमारा गौरव है। उसकी शहादत का सरकार करारा जवाब देगी। इसका बदला लिया जाएगा। पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। मंत्री सुरेश राणा रविवार को सुबह 7 बजे ग्राम भगवानपुर में शहीद के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे। उन्होंने परिजनों को उनकी आर्थिक सहायता करने का आश्वासन दिया। उनकी मांगों को पूरा कराने का प्रयास का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जयद्रथ पूरे देश का गौरव है। उसने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है। इसे बेकार नहीं जाने दिया जाएगा। सरकार इसका बदला लेगी। पाकिस्तान को इसकी नापाक करतूत का करारा जवाब दिया जाएगा। हम सभी को हमारे वीर जयद्रथ पर नाज है, वह हमारी शान था। पूरा गांव ही नहीं पूरा देश उस पर गर्व कर रहा है।
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