'नन्हीं परी' को टाटा मैजिक ने कुचला, शादी समारोह में आए थे परिजन
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जिस परी को दुनिया में आए डेढ़ साल ही हुए थे, उसे पल भर में मौत साथ ले गई। परिजनों की निगाहों से बचकर वह खेलते समय घर से बाहर आ गई थी। इस दौरान टाटा मैजिक को चालक बैक कर रहा था। पहिए की चपेट में आकर उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
टीपी नगर पुलिस के अनुसार संजय कॉलोनी में रकम सिंह की बेटी की नौ दिसंबर को शादी है। रकम की भतीजी अलका पत्नी आशीष अपनी डेढ़ साल की बेटी परी के साथ शादी समारोह में भाग लेने बुधवार को यहां आई थी। अलका परीक्षितगढ़ के नारंगपुर गांव की रहने वाली है। घर में खुशी का माहौल था। बृहस्पतिवार सुबह करीब आठ बजे एक टाटा मैजिक में हलवाई के कारीगर सामान लेकर घर आए थे। सामान उतारते वक्त बच्ची खेलती हुई घर से बाहर आ गई। उस पर किसी का ध्यान नहीं गया। मैजिक चालक ने सामान उतारने के बाद जैसे ही गाड़ी बैक की तो उसके पीछे खेल रही परी पहिए के उसके नीचे आ गई और बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई।
लोगों ने चालक को धुना
हादसे के बाद आसपास के लोगों ने मैजिक चालक की जमकर पिटाई की और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस परिजनों को तहरीर देने की बात कहकर आरोपी को थाने ले गई। घटना की जानकारी मिलने पर बच्ची का पिता आशीष भी नारंगपुर से आ गया। एसओ टीपी नगर ब्रजेश शर्मा ने बताया कि बच्ची के परिजनों ने इस संबंध में कोई भी कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने तहरीर देने से इंकार कर दिया और लिखित में दिया कि उन्हें इस प्रकरण में कोई कार्रवाई नहीं करनी। उनके अनुरोध पर आरोपी चालक को भी छोड़ दिया गया।
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पल में छिन गईं शादी की खुशियां
रकम सिंह के घर खुशियों का माहौल था। रिश्तेदार आने लगे थे। लेकिन नन्हीं परी की मौत के बाद घर में कोहराम मचा था। पड़ोसी और रिश्तेदार पीड़ित परिजनों को सांत्वना दे रहे थे।
इसके भी तो बाल-बच्चे होंगे
हमारी बच्ची तो चली गई। ये (चालक) भी बाल बच्चेदार होगा। इसके भी बच्चे होंगे। हम नहीं चाहते कि इसके बच्चे परेशान हों। रोते बिलखते परी के परिजन ये बात कह रहे थे। उनका कहना था कि शायद ऊपर वाले को यही मंजूर था। पुलिस से भी परिजनों ने यही बात कहते हुए इस मामले में कार्रवाई न करने का अनुरोध किया।
छोटे बच्चों का ध्यान रखें परिजन
घर के अंदर से नन्हीं परी खेलती हुई कब बाहर आ गई, इसका पता परिजनों को भी नहीं चला और ये दर्दनाक हादसा हो गया। छोटे बच्चों के मामले में परिवार को बेहद सावधानी बरतने की जरूरत होती है। सीओ ब्रह्मपुरी अखिलेश भदौरिया ने लोगों को सलाह दी है कि छोटे बच्चों पर ध्यान रखना चाहिए।
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