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कोई कटर लाया तो कोई वेल्डिंग मशीन, सैकड़ों हाथ मलबा हटाने में जुट गए

Fri, 09 Dec 2016 11:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 09 Dec 2016 11:43 AM IST
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nahi kiya intjaar
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
निर्माणाधीन मस्जिद ढहने की खबर इस्लाम नगर में शाम 5:30 बजे आग की तरह फैली। जिसने सुना, वह बिना पल गंवाए दौड़ पड़ा। इन लोगों ने सरकारी मदद पहुंचने का इंतजार नहीं किया। कई लोग घरों से तसले, फावड़े निकाल लाए। कोई कटर लाया तो कोई वेल्डिंग मशीन। पल भर में ही सैकड़ों हाथ मलबा हटाने के काम में जुट गए। करीब हादसे के 35-40 मिनट बाद जब तक नगर निगम का दस्ता पहुंचा तो मजदूर सचिन को निकाला जा चुका था। लेकिन लोगों को दुख था कि वह उसकी जान नहीं बचा सके।  
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मस्जिद का लिंटर गिरते ही तेज धमाका हुआ। लोग सहम गए। शोर मचा कि मस्जिद के लिंटर के मलबे में कई लोग दब गए हैं। सलीम, हैदर, जाकिर आदि ने बताया कि किसी ने देर नहीं की। पूरा मोहल्ला मलबा हटाने में जुट गया। तसले, फावड़े से लेकर पिलर के सरिये काटने के लिए लोगों ने खुद ही वेल्डिंग मशीन और कटर का इंतजाम कर लिया।
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यूपी 100 पहुंची पहले
सूचना पर सबसे पहले यूपी 100 मौके पर पहुंची। लेकिन लोग बिना किसी सरकारी मदद के बचाव कार्य में जुटे रहे। शाम करीब 6:05 बजे मलबे में दबे सचिन नाम के मजदूर को बाहर निकालने के बाद भी लोगों ने मलबा हटाने का काम जारी रखा। तब तक पूरा सरकारी अमला मौके पर पहुंच चुका था।
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सीओ ने की अपील
दरअसल इलाके में शोर मचा था कि मलबे में पांच लोग दबे हैं। इसलिए सचिन को निकालने के बाद भी लोग मलबा हटाने में लगे रहे। जब ठेकेदार ने सचिन के ही दबे होने की बात कही तो सीओ कोतवाली रणविजय सिंह ने लाउडस्पीकर से लोगों को यह बताते हुए हटने की अपील की।

कच्चे पिलर तो नहीं वजह
लोगों ने बताया कि तीन-चार पिलर तीन दिन पहले ही बनाए गए थे। जिन पर लिंटर डालने का काम बृहस्पतिवार को शुरू कर दिया गया। चर्चा रही कि लिंटर ढहने का कारण ये कच्चे पिलर रहे। हालांकि हकीकत तो जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। आसपास के लोगों ने बताया कि लिंटर वाले स्थान की जमीन पर दो पक्षों में अक्सर विवाद होता था। जिस पर पुलिस निर्माण कार्य रुकवा देती थी।


घटना बहुत दुखद: मौलाना
मस्जिद के इमाम हकीमुद्दीन का कहना है कि लिंटर डल चुका था। सैटरिंग ठेकेदार हरीश की लेबर काम कर रही थी। उन्हें बताया गया कि पहले एक पिलर गिरा। इसके बाद पूरा लिंटर ही बैठ गया। हादसे का उन्हें बहुत दुख है।

 
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