बड़ी खबर: एक लाख के इनामी कुख्यात सुशील मूंछ ने कोर्ट में किया सरेंडर, बद्दो को भगाने में था शामिल
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पश्चिमी यूपी के कुख्यात और एक लाख के इनामी सुशील मूंछ ने शनिवार को मुजफ्फरनगर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। सुशील मूंछ दो दिन पहले मेरठ से फरार हुए कुख्यात बदन सिंह बद्दो को भगाने में शामिल था। वहीं कहा जा रहा है कि मेरठ के एसएसपी नितिन तिवारी के बढ़ते दबाव के चलते उसने सरेंडर किया है।
सूचीबद्ध गिरोह के माफिया, सरगना और एक लाख के इनामी कुख्यात सुशील मूंछ ने शनिवार सुबह पुलिस को चकमा देकर वकीलों के जरिए मुजफ्फरनगर सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
साल 2017 में नई मंडी कोतवाली क्षेत्र में हुए चीकू हत्याकांड में अनुच्छेद 120-बी, शहर कोतवाली में दर्ज हुए संपत्ति कब्जाने के मामले में अनुच्छेद 120-बी और मेरठ के परतापुर क्षेत्र में पिछले साल हुई मां-बेटी की हत्या का सड़यंत्र रचने के मामले में वांछित चल रहा था। मुजफ्फरनगर पुलिस की ओर से भी उस पर एक लाख का इनाम घोषित किया गया था।
कुख्यात सुशील सिंह उर्फ मूंछ पुत्र चंद्रपाल सिंह रतनपुरी थानाक्षेत्र के गांव मथेड़ी का निवासी है। सुशील मूंछ का बेटा अक्षयजीत उर्फ मोनी भी वर्तमान में जिला कारागार में बंद हैं। जनवरी माह में खतौली में हुए प्रॉपर्टी डीलर नीरज चौहान की हत्या की साजिश रचने के मामले में पुलिस ने मोनी वांछित था। पुलिस ने उस पर भी 25 हजार का इनाम घोषित किया था। पिछले माह उसने भी कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था।
सुशील मूंछ पश्चिमी उत्तरप्रदेश के उन माफियाओं में शामिल हैं जिनके नाम से अफसरों के पसीने छूट जाते हैं। बताया जाता है कि पढ़ाई के दौरान कक्षा में दो सुशील होने के कारण पहचान करने के लिए उसका मा सुशील मूंछ पड़ गया। बताया जाता है कि सुशील मूंछ लगजरी गाड़ियों का शौकीन है।
सूत्रों के अनुसार दो दिन पहले मेरठ के परतापुर क्षेत्र से फरार हुए कुख्यात बदनसिंह बद्दो भी सुशील मूंछ का ही गुर्गा है। वहीं उसे भगाने की पीछे सुशील मूंछ की अहम भूमिका बताई जा रही है जिसके बाद एसएसपी नितिन तिवारी ने उस पर आत्मसमर्पण करने का दबाव बनाया।