मेरठ के इस कॉलेज में अब छात्र नहीं ले जा सकेंगे मोबाइल फोन, इस वजह से लगा प्रतिबंध
उच्च शिक्षा निदेशालय के निर्देशों के बाद डीएन कॉलेज प्रशासन ने कैंपस में मोबाइल पर बैन लगा दिया है। पूरे कॉलेज को छह ब्लॉक में बांटा गया है।
अब कोई भी छात्र या शिक्षक कैंपस में मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। अगर मोबाइल पकड़ा गया तो शिक्षक और छात्र दोनों पर सख्ती होगी। प्राचार्य ने सभी शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को इसके बारे में अवगत करा दिया है।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बीएस यादव ने बताया कि शासन द्वारा जारी किए गए निर्देशों का तत्काल प्रभाव से पालन कराया जा रहा है।
अगर किसी को इंटरनेट इस्तेमाल करना है तो वह कॉलेज की लैब में कार्य करे। अगर कोई छात्र-छात्रा मोबाइल पर मैसेज करते या बात करते पकड़ा गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पहली बार पकड़े जाने पर परिजनों को बुलाकर उनके सुपुर्द किया जाएगा। दूसरी बार पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। इस पर नजर रखने के लिए कॉलेज को छह ब्लॉक में बांटकर उनके प्रभारी बनाए गए हैं।
यह नियम शिक्षक और छात्र दोनों पर लागू होगा। इसके अलावा सीसीटीवी से भी नजर रखी जाएगी। सारी टीमों की मानीटरिंग डीन डॉ. एसके अग्रवाल और चीफ प्रॉक्टर डॉ. सुधीर कुमार करेंगे। डीएन कॉलेज इसको लागू करना वाला सीसीएसयू का पहला कॉलेज भी बन गया है।
राज्य विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेजों में उच्च शिक्षा निदेशालय की तरफ से मोबाइल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
इसका कारण बताया गया है कि छात्र-छात्राएं कक्षा में पढ़ाई करने की बजाय मोबाइल में बात करने, फेसबुक चलाने व वाट्सएप पर चैटिंग करने में व्यस्त रहते हैं। इससे पढ़ाई पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
यही नहीं कई शिक्षक भी कक्षा में पढ़ाने के बजाय मोबाइल का प्रयोग करते हैं। उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी राज्य विवि व डिग्री कॉलेजों में वायस रिकॉर्डिंग युक्त सीसीटीवी कैमरा लगाने के भी निर्देश दिए हैं।