मेरठ: नगर विकास मंत्री बोले - काली नदी पर प्रस्तावित 200 एमएलडी एसटीपी को भूलो और छोटे एसटीपी पर करो काम
- अगस्त माह में जल निगम को खोदी गई सड़कों को करना होगा ठीक नहीं तो होगी सख्त कार्रवाई
- निगम अधिकारियों को निर्देश बरसात के तुरंत बाद सभी सड़कें होनी चाहिए गड्ढा मुक्त
- शहर से डेयरियों को बाहर करने के लिए कमिश्नर की अध्यक्षता में बनेगी कमेटी और कार्य योजना
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मेरठ नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने नगर निगम अधिकारियों को काली नदी पर नमामि गंगे योजना के तहत प्रस्तावित 200 एमएलडी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट को भूलने की सलाह दी है। साथ ही उन्होंने कहा कि वह नालों पर छोटे-छोटे एसटीपी बनाकर नाली के गंदे पानी को साफ करने का काम करें।
नगर विकास मंत्री ने यह निर्देश गुरुवार को मर्डर लाइक सभागार में समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे योजना के तहत बनने वाले एसटीपी पर अधिक खर्च आएगा। इसीलिए फिलहाल इस को भूल जाओ और नाले का गंदा पानी साफ करने के लिए जगह-जगह छोटे एसटीपी लगाने का कार्य शुरू कराया जाए।
उन्होंने कहा कि शहर में देवियों से निकलने वाले गोबर से नाले में सीवर लाइन चोक होने की शिकायतें हैं। इसके निस्तारण के लिए डेयरियों को शहर से बाहर किया जाए। इसके लिए उन्होंने कमिश्नर की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करके ठोस कार्ययोजना बनाए जाने के निर्देश दिए।
नगर विकास मंत्री ने शहर में जल निगम द्वारा खुद ही गई सड़कों पर नाराजगी व्यक्त की साथ ही जल निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अगस्त माह में हर कीमत पर सड़कों को ठीक करने का काम करें अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ साथ उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बरसात के तुरंत बाद शहर की सभी सड़कें गड्ढा मुक्त होनी चाहिए अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
आशुतोष टंडन ने नगर आयुक्त से कूड़ा कलेक्शन और कूड़ा निस्तारण के संबंध में जानकारी ली साथ ही निर्देश दिए कि वह ऐसी व्यवस्था करें जिससे शहर में कहीं पर भी पूरा दिखाई नहीं देना चाहिए। इसके साथ-साथ उन्होंने लोहिया नगर में लगे कूड़े के पहाड़ों को दो साल के भीतर खत्म कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्वच्छता सर्वेक्षण में मेरठ की रैंकिंग कमाने पर भी नाराजगी जताई। साथ ही कहा कि वह शहर की सफाई से कतई संतुष्ट नहीं हैं पूर्ण राम इस पर नगर निगम को ठोस कार्य योजना बनाकर कार्य करना होगा।
नगर आयुक्त ने मंत्री के समक्ष इंटीग्रेटेड प्लांट लगाए जाने का भी प्रस्ताव रखा जिस पर नगर विकास मंत्री ने शीघ्र ही निर्णय दिए जाने का आश्वासन दिया। नगर विकास मंत्री ने ईईएसएल कंपनी के कार्य की जानकारी ली जिस पर नगर आयुक्त ने कहा कि कंपनी लाइटों को समय से ठीक करने का काम नहीं कर रही है। जिसके कारण आए दिन शहर में अंधेरा छाए रहने की शिकायतें हैं, उन ग्राम इस पर मंत्री ने कहा कि कंपनी से जवाब तलब किया जाएगा। नगर विकास मंत्री ने शहर में 6 स्थानों पर बनने वाली वेंडिंग जोन की प्रगति रिपोर्ट भी जानी।